जानिए उन 4 हॉर्मोनल बदलावों के बारे में जो महिलाओं में बन सकते हैं वज़न बढ़ने का कारण

कई बार महिलाओं का वजन सिर्फ ओवर ईटिंग या आलसी जीवनशैली से ही नहीं बढ़ता, बल्कि उनके हार्मोन में होने वाले परिवर्तन भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है।
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प्रोसेस्ड फूड में शुगर और ऑयल की उच्च मात्रा शरीर में वेटगेन की समस्या को बढ़ाते हैं।। चित्र : शटर स्टॉक
संध्या सिंह Published: 11 Feb 2023, 08:00 am IST
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वजन बढ़ना हार्मोनल असंतुलन का भी एक कारण है। शरीर में उच्च तनाव या कोर्टिसोल के बढ़े हुए स्तर के कारण भी वजन बढ़ सकता है। इसे हॉर्मोनल वेट गेन कहा जाता है। कोर्टिसोल के बढ़े हुए स्तर से शरीर में वसा कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ सकता है। जो बाद में उपयोग के लिए भोजन को स्टोर करने के लिए मेटाबॉलिज्म में गिरावट का कारण बन सकता है। जिसकी वजह से बहुत सारी महिलाओं को अचानक वजन बढ़ने का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं हार्मोनल वेट गेन के ऐसे ही 5 कारणों के बारे में।

समझिए हार्मोन परिवर्तन और वजन का बढ़ना

महिलाओं के लिए, मेनोपॉज के समय एस्ट्राडियोल नामक एक विशिष्ट एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है जो शरीर में मेटाबॉलिज्म और शरीर के वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। एस्ट्राडियोल का स्तर कम होने से वजन बढ़ सकता है। एक महिला के जीवन के दौरान, कूल्हों और जांघों के आसपास वजन बढ़ने का अनुभव कर सकती है।

इसके लिए हमने बात कि न्युट्रीशनिस्ट और वेलनेस एक्सपर्ट करिश्मा शाह से। करिशमा शाह बताती हैं कि कोई भी यह नहीं कह सकता है कि वजन को केवल आहार या व्यायाम से कम किया जा सकता है। वास्तव में, अक्सर वजन बढ़ने के लिए आंशिक रूप से आपके हार्मोन को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

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क्या आप जानते हैं कि यदि आपके हार्मोन संतुलन में नहीं हैं, तो जिद्दी फैट कम करना कठिन हो सकता है?

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आपका थायरॉयड आपके मेटाबॉलिजम को संतुलित करने और आपकी भूख को नियंत्रित करता है। चित्र : शटरस्टॉक

यहां हैं वजन बढ़ने के 4 हार्मोनल कारण

1 मेनोपॉज में बढ़ सकती है पेट पर चर्बी

मेनोपॉज में हार्मोनल बदलाव के कारण आपके कूल्हों और जांघों की तुलना में पेट के आसपास वजन बढ़ने की अधिक संभावना हो सकती है। लेकिन, जरूरी नहीं है कि केवल हार्मोनल परिवर्तन ही मेनोपॉज में वजन बढ़ने का कारण हो। वजन बढ़ना आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ-साथ जीवनशैली और आनुवंशिक कारणों पर भी निर्भर करता है।

इसके अलावा स्वस्थ्य भोजन न खाना, अच्छी नींद नही लेना और व्यायाम न करना भी मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने का कारण बन सकते है। अच्छी नींद नहीं लेने से आप ज्यादा कैलोरी का सेवन करते है।

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2 एंडोमेट्रियोसिस

एक रिसर्च हुई जिसमें ये देखा गया कि एंडोमेट्रियोसिस और वजन बढ़ने का आपस में संबंध है। बहुत से लोगों ने बताया है कि इससे वजन बढ़ने और पेट फूलने की समस्या हुई। शोध में पाया गया कि एंडोमेट्रियोसिस से ग्रसित लोगों वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है या वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।

3 पीसीओएस (PCOS)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से हार्मोन समस्या है जो महिलाओं में प्यूबर्टी के समय सामने आती है। इंसुलिन शरीर में शर्करा और स्टार्च को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। पीसीओएस शरीर में इंसुलिन हार्मोन का उपयोग करना कठिन बना देता है।

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वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

बीएमआई चेक करें

उच्च इंसुलिन का स्तर एण्ड्रोजन जो कि पुरुष हार्मोन है उसके उत्पादन को बढ़ाता है। उच्च एण्ड्रोजन स्तर शरीर के बालों के विकास, मुँहासे, अनियमित पीरियड और वजन बढ़ने का कारण होता है। क्योंकि वजन बढ़ना एण्ड्रोजन के कारण होता है जो की पुरुष हार्मोन है। यह आमतौर पर पेट में होता है।

4 हाइपोथाइरॉयड

आपका थायरॉयड आपके मेटाबॉलिजम को संतुलित करने और आपकी भूख को नियंत्रित करता है। थायराइड हार्मोन आपके मस्तिष्क, वसा कोशिकाओं, मांसपेशियों, लीवर आदि कई ऊतकों के साथ संपर्क करते हैं। जब थायराइड का स्तर कम होता है, तो आपका मेटाबॉलिजम धीमा हो जाता है और आपकी ऊर्जा कम खर्च होती हैं। आपका फैट उर्जा बनाने में खर्च नहीं होता, जिससे वजन बढ़ सकता है।

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लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

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