दिनों दिन बढ़ रही लैक्टोज इंटॉलरेंस और वेटगेन की समस्या के चलते लोग प्लांट बेस्ड फूड का रूख कर रहे हैं। न्यूट्रीशन से भरपूर नॉन डेयरी प्रोडक्टस के विकल्प के तौर पर लोग अक्सर काजू मिल्क, बादाम मिल्क और कोकोनट मिल्क को चुनते हैं। मगर इसी फेहरिस्त में एक नाम ऐसा भी है, जो न केवल हेल्दी है बल्कि पॉकेट फ्रेंडली भी है। दरअसल, पोटैटो मिल्क इन दिनों वीगन्स की पहली पसंद बन चुका है। बायोएक्टिव कंपाउड से भरपूर पोटैटो मिल्क शरीर को कई रोगों से मुक्त कर पोषक तत्व प्रदान करने में मदद करता है। दूध के समान पोटैटो मिल्क में भी कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मज़बूती प्रदान करता है। जानते हैं पोटैटो मिल्क के फायदे और इसे तैयार करने की विधि भी (Benefits and tips to prepare potato milk
)।
एनआईएच की एक रिसर्च के अनुसार भारत में 66.6 फीसदी लोग लैक्टोज इंटालरेंस का शिकार हैं। खासतौर से दक्षिण भारत में मौजूद आबादी को दूध को पचाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। साइंस डायरेक्ट के अनुसार प्लांट बेस्ड मिल्क को गाय के दूध के विकल्प के रूप में चुना जा रहा हैं। इसमें पाए जाने वाले बायोएक्टिव और न्यूट्रास्यूटिकल कंपाउड शरीर को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं।
इस बारे में बातचीत करते हुए डायटीशियन नुपूर पाटिल का कहना है कि जिन लोगों को दूध, सोया और काजू बादाम से एनर्जी होती हैं, वे प्लांट बेस्ड मिल्क को विकल्प के तौर पर चुनते हैं। आलू से तैयार होने वाले गाढ़े दूध को स्टार्च से तैयार किया जाता है। पोटैटो मिल्क में कैल्शियम के अलावा विटामिन डी, बी 12 और फॉलिक एसिड पाया जाता है।
इस ग्लूटन फ्री मिल्क से शरीर में एलर्जी का खतरा नहीं रहता है। इसे पीने के अलावा चाय, काफी और ओट्स में भी प्रयोग किया जाता है। विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर पोटैटो मिल्क में स्वादानुसार वनीला या अन्य कोई फ्लेवर को मिलाकर सेवन कर सकते हैं। आलू को उबालकर तैयार किए जाने वाले इस दूध से शरीर की गट हेल्थ बूस्ट होती है।
डेयरी प्रोडक्टस की तुलना में पोटैटो मिल्क का सेवन करने से शरीर में कैलोरीज इनटेक कम होने लगता है। इससे वेटगेन की समस्या हल हो जाती है और शरीर को राइबोफ्लेविन और फोलिक एसिड जैसे पौष्टिक तत्वों की प्राप्ति होती है। इसमें पाई जाने वाली न्यूट्रीशनल वैल्यू शरीर को मज़बूत बनाने में मदद करती है। एक्सपर्ट के अनुसार पोटैटो मिल्क गाय के दूध से पौष्टिक है। जहां 100 एम एल गाय के दूध के सेवन से शरीर को 68 कैलोरी प्राप्त होती हैं। वहीं पोटैटो मिल्क के सेवन से 39 कैलोरी मिलती हैं।
पोटैटो मिल्क पूरी तरह से ग्लूटन फ्री है। इसके सेवन से शरीर में ग्लूटन एलर्जी का खतरा नहीं रहता है। गेस्ट्रोइंटेसटाइनल डिजीज से राहत मिलती है और लैक्टोज़ इंटॉलरेंस से बचा जा सकता है। नियमित तौर पर इसके सेवन से शरीर हेल्दी और फिट रहता है। इसमें मौजूद पोषक तत्वों की मदद से शरीर कई बीमारियों से बचा रहता है। वीगन्स के लिए ये मिल्क बेहद कारगर है।
एक्सपर्ट के अनुसार आलू का दूध तन और मन दोनों को हेल्दी बनाए रखता है। अपने क्रीमी टेक्सचर और बेहतरीन स्वाद के चलते बहुत से व्यंजनों में इसका प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद कैल्शियम की मात्रा हड्डियों को मज़बूत बनाए रखती है। वहीं पोटेटो मिल्क में पाए जाने वाले विटामिन सी और पोटेशियम शरीर को पोषण और ऊर्जा दोनों प्रदान करते है। इसमें मिलावट न होने से शरीर को उचित पोषण मिलता है।
पाचन संबधी समस्याओं को हल करने के लिए पोटेटो मिल्क बेहद कारगर है। इसमें पाई जाने वाली फाइबर की मात्रा आंतों के स्वास्थ्य को उचित बनाए रखती है। इसके सेवन से शरीर में अपच, ब्लोटिंग एसिडिटी और जलन से राहत मिलती है। इसमें मौजूद डाइजेस्टिव एंजाइम्स पाचनतंत्र को मज़बूत बनाते हैं और बॉवल मूवमेंट भी रेगुलर बनी रहती है।
इसे बनाने के लिए हमें चाहिए
कटे हुए आलू 1/2 कप
पानी 4 कप
कटे हुए बादाम 2 चम्मच
शहद 3 चम्मच
नमक 1 चुटकी
वनीला एसेंस स्वादानुसार
इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलूओं को धो लें और उन्हें उबलने के लिए रख दें।
अब पानी का अलग करके आलूओं को मैश कर लें और पानी डालकर स्मूद पेस्ट तैयार करें।
तैयार पेस्ट में शहद, नमक, वनीला एसेंस और कटे हुए बादाम डालकर मिक्स कर लें। मिश्रण तैयार होने के बाद मलमल का कपड़ लें।
मलमल का कपड़ा या चीज़ क्लॉथ लेने के बाद मिश्रण को उसमें डालकर छान लें। दूध को गिलास में निकाल लें।
आप चाहें, तो इसे ठण्डा या फिर गर्म करके किसी भी तरह से पी सकते हैं।
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