मिल्क प्रोडक्शन बढ़ाने वाली ये 4 रेसिपीज नई मां को जरूर करनी चाहिए ट्राई

हेल्दी ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई के लिए महिलाओं के शरीर को कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। शरीर में पोषक तत्वों को बनाये रखने के लिए सभी ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
flax seeds ke ladoo is tarh karein tayaar
अलसी के पौष्टिक लड्डू इस प्रकार से करें तैयार। चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Updated: 27 Jul 2023, 06:34 pm IST
  • 120

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाओं को कई सारी परेशानियां उठानी पड़ती है। कुछ महिलाओं के लिए यह बेहद आसान होता है, तो कुछ के लिए बेहद मुश्किल। बच्चे के स्वास्थ्य के लिए मां का स्वस्थ होना बेहद जरुरी है। जब मां स्वस्थ रहती है, तभी हेल्दी ब्रेस्टफीडिंग हो पाती है। हेल्दी ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई के लिए महिलाओं के शरीर को कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। शरीर में पोषक तत्वों को बनाये रखने के लिए सभी ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। ब्रेस्टफीडिंग मदर्स की सेहत को ध्यान में रखते हुए ब्रेस्ट मिल्क के हेल्दी प्रोडक्शन के लिए हेल्थ शॉट्स पर हम आपके लिए लाए हैं 4 खास रेसिपीज (recipe to increase breast milk)।

ये रेसिपीज महिलाओं के शरीर को अंदर से स्वस्थ रखते हुए उनमें बब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। तो चलिए जानते हैं आखिर इन रेसिपीज को किस तरह तैयार करना है।

breastfeeding
मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन बढ़ाने वाली 4 हेल्दी रेसिपीज

1. लैक्टेटिंग हेल्दी बाइट्स

इसे बनाने में इस्तेमाल हुई सभी सामग्री ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए बेहद खास है। खासकर यह लैक्टेटिंग बाइट्स ओमेगा 3 फटी एसिड का एक बेहतरीन स्रोत है। वहीं इसके नियमित सेवन से महिलाओं में पर्याप्त मात्रा में मिल्क प्रोडक्शन होता है, जिससे बच्चे संतुष्ट और दुरुश्त दुरुस्त रहते हैं।

इसे बनाने के लिए आपको चाहिए

ओट्स – 2 कप
पिसी हुई अलसी (flax seeds) – 1/2 कप
यीस्ट – 2 बड़े चम्मच
पीनट बटर – 1 कप
शहद – 1/2 कप
वेनिला एसेंस – 1 चम्मच
डार्क चॉकलेट चिप्स – 1/2 कप

इस तरह तैयार करें लैक्टेटिंग हेल्दी बाइट्स

सबसे पहले एक बाउल में ओट्स, अलसी, यीस्ट, पीनट बटर, शहद और वेनिला एसेंस डालें सभी को एक साथ अच्छी तरह मिला लें।

अब इसमें चॉकलेट चिप्स डालें और तैयार किये गए बैटर से 1 चम्मच स्कूप करें और इसे गोल-गोल लड्डू जैसे बना लें।

जब सभी बैटर के लड्डू बन जाएं तब इन्हे लगभग 30 मिनट के लिए रेफ्रिजेटर में सेट होने के लिए रख कर छोड़ दें।

इसे एन्जॉय करें और बचे हुए बाइट्स को किसी एयर टाइट कंटेनर में पैक करके रख दें।

आप इन्हे लगभग 2 हफ्ते तक स्टोर कर सकती हैं परन्तु इन्हे रेफ्रिजेटर में ही रखें।

flower tea (2)
इसमें आयरन और फॉलेट की भी मात्रा मौजूद होती है, जो डाइजेशन को इंप्रूव करती हैं। चित्र : एडॉबीस्टॉक

2. नर्सिंग मॉम टी रेसिपी

जहां तक संभव हो, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पर्याप्त नींद लेना, पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना और शरीर को अन्य तरीकों से पोषण देना महत्वपूर्ण है। ऐसे में रास्पबेरी, मेथी जैसे तत्वों से बने इस ड्रिंक में मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन सी जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह सभी ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं इसमें आयरन और फॉलेट की भी मात्रा मौजूद होती है, जो डाइजेशन को इंप्रूव करती हैं। यही नहीं इस ड्रिंक में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन बी की मात्रा भी पाई जाती है।

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

इसे बनाने के लिए आपको चाहिए

लाल रास्पबेरी की पत्तियां – ½ कप
अल्फाल्फा की पत्तियां – ¼ कप
नेटले लीफ – ½ कप
मेथी दाना – ¼ कप
सौंफ के बीज – ¼ कप
कैमोमाइल फूल – ¼ कप
डंडेलियन की पत्तियां – ¼ कप

इस तरह तैयार करें नर्सिंग मॉम टी

सभी जड़ी बूटियों को धूप में ड्राई करके एक साथ मिला लें और एक कांच के जार में रख लें।

अब रोजाना 2 कप पानी को उबालें इनमें 1 बड़ा चम्मच जड़ी-बूटी का मिश्रण डालें और 10 से 15 मिनट तक इसे उबलने दें।

फिर इसे छान लें और इंजॉय करें।

weight loss smoothies
फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जिनमें एंटी इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

3. लेक्टेटिंग ग्रीन स्मूदी

फल और सब्जियों में फाइटोएस्ट्रोजन मौजूद होते हैं, जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां ब्रेस्ट टिशु के हल्दी ग्रोथ को प्रमोट करती हैं। साथ ही साथ यह ब्रेस्टफीडिंग को भी बढ़ावा देती है। इसके साथ ही हमने इसे ओमेगा 3 फैटी एसिड और हेम्प प्रोटीन के साथ कंबाइन किया है। यह दोनों ब्रेस्टमिल्क के स्वस्थ उत्पादन में मदद करती हैं। इस स्मूदी का टेस्ट भी बेहतरीन है। यदि अभी-अभी मां बनी हैं तो बच्चे की जल्दी ग्रोथ के लिए इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

इसे बनाने के लिए आपको चाहिए

आलमंड मिल्क – 1 कप
कोकोनट मीट – 1/2 कप
हेम्प प्रोटीन पाउडर – 2 बड़े चम्मच
नरम खजूर – 2-3
वेनिला फ्लेवर – 1/2 चम्मच
फ्रेश पालक – 1 कप
फ्रोजेन स्ट्रॉबेरी – 1 कप
मुट्ठी भर बर्फ

इस तरह तैयार करें लेक्टेटिंग ग्रीन स्मूदी

बादाम का दूध, नारियल, खजूर, पालक और वेनिला को एक साथ ब्लेंड कर लें।

इसमें जमी हुई स्ट्रॉबेरी और बर्फ डालें, फिर इसे दोबारा से ब्लेंड करें जबतक की इसका टेक्सचर स्मूद न हो जाए।

आपकी स्मूदी बनकर तैयार है इसे एन्जॉय करें।

pumpkin smoothie
जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद आवश्यक पोषक तत्व माने जाते हैं। चित्र : एडॉबीस्टॉक

4. पंपकिन लेक्टेटिंग स्मूदी

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित अध्ययन के अनुसार कद्दू यानी कि पंपकिन ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन को बूस्ट करने में मदद करती हैं। इसके अलावा इसे बनाने में इस्तेमाल हुई कोकोनट मिल्क विटामिन ए, विटामिन डी, कैलशियम और विटामिन B12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो ब्रेस्टफीडिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद आवश्यक पोषक तत्व माने जाते हैं।

इसके अलावा अदरक, लौंग, दालचीनी और जायफल के गुणों से भरपूर इस स्मूदी का सेवन आपके ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ावा देने के साथ ही आपके और आपके बच्चे की सेहत को पूर्ण रूप से बनाए रखने में मदद करेगा।

इसे बनाने के लिए आपको चाहिए

नारियल का दूध – 1 ½ कप (बिना चीनी वाला)
कद्दू प्यूरी (डिब्बाबंद या ताज़ा) 1/2 कप
गाजर (कटी हुई) – 1
वेनिला एसेंस – 1 चम्मच
दालचीनी – 1/2 चम्मच जायफल – 1/4 चम्मच
अदरक – 1/8 चम्मच
लौंग – 2
कोलेजन पेप्टाइड्स (वैकल्पिक) – 1 बड़ा चम्मच
स्वाद के लिए शहद (या अन्य वांछित स्वीटनर) (वैकल्पिक)
मुट्ठी भर बर्फ के टुकड़े (वैकल्पिक)

इस तरह तैयार करें पंपकिन लेक्टेटिंग स्मूदी

इन सभी सामग्री को ब्लेंडर में डालें।

इन्हें तबतक ब्लेंड करें जब तक ये मलाईदार और चिकने न हो जयें।

ऊपर से नारियल व्हीप्ड क्रीम और कुचले हुए अखरोट डाल कर (वैकल्पिक) इसका
आनंद लें!

यह भी पढ़ें ; Olive Oil for Dementia : डिमेंशिया में डेथ के जोखिम को कम करता है ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल : शोध

  • 120
लेखक के बारे में

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख