Yoga for peace of mind : तन को फ्लैक्सिबल और मन को शांत करते हैं ये 4 योगासन, फिटनेस एक्सपर्ट बता रहे हैं अभ्यास का तरीका

मन और शरीर की मजबूती के लिए योग जरूरी है। जब तनाव के कारण दिमाग अशांत हो जाता है, तो कुछ योगासन दिमाग को शांत करने में मदद कर सकते हैं।
Forward bend se gussa aur tanav kum ho jaate hain
इससे टांगे पूरी तरह से स्ट्रेच होने लगती है, जिससे शरीरिक अंगों में मौजूद स्टिफनेस दूर होकर लचीलापन बढ़ने लगता है। । चित्र :अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Updated: 19 Nov 2023, 19:43 pm IST
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तनाव के कारण हम लो एनर्जी महसूस करने लग जाते हैं। दिमाग अशांत महसूस करने लगता है। गर्दन, सिर और कंधों में तनाव होने की संभावना होने लगती है। हम यदि इससे निपट नहीं पाते हैं, तो सेमी पैनिक जैसा महसूस करने लग जाते हैं। जब आंतरिक शांति कहीं नहीं मिलती है, तो हमें अपने शरीर पर ध्यान देना चाहिए। दिमाग की शांति के लिए योग सबसे अच्छा साधन है। विशेषज्ञ से जानते हैं कि कौन-कौन से आसन दिमाग को शांत (yoga for peace of mind) कर सकते हैं।

कैसे फायदा पहुंचाता है योग (Yoga Benefits) 

योग एक्सपर्ट डॉ. तरुण कुमार बताते हैं, ‘अलग-अलग योगासन के माध्यम से हम अपने शरीर को आगे की ओर झुकाते हैं, तो शरीर रिलैक्स होता है। सांस पर ध्यान केन्द्रित करने से दिमाग भी रिलैक्स होता है। आगे की ओर झुकना रीजुवेनेट करने का काम कर सकता है।’

यहां हैं योगासन जो दिमाग को शांत करने में मदद कर सकते हैं (4 yoga asanas for peace of mind)

1 फॉरवार्ड बेंड के साथ सुखासन (Easy pose or Sukhasana with Forward Bend)

डॉ. तरुण कुमार बताते हैं, ‘सुखासन आसान मुद्रा में बैठ जायें। दाहिना हाथ को आगे रखें। दोनों हाथों को क्रॉस करें। थोड़ा आगे की ओर झुकें। 5 बार सांस लेने तक रुकें। दुबारा करने पर बायां हाथ सामने रखें। अपने हाथों को फर्श पर रखें। फिर दोनों पैरों को सीधा करते हुए आगे की ओर झुकें। आगे की झुकने पर सांस छोड़ें। यह दिमाग के साथ-साथ शरीर को भी रिलैक्स करता है।

2 कंधे को खोलने के साथ उत्तानासन (Standing Forward Bend or Uttanasana with Shoulder opener)

आगे की ओर झुकने से न केवल सांस छोड़ना बढ़ता है, तनाव दूर करने में भी मदद मिलती है। इससे शरीर भी अंदर की ओर मुड़ता है। बाहों को पीठ के पीछे रखकर कंधे का तनाव कम किया जाता है। जब आप खड़े होकर आगे की ओर झुकें, तो घुटनों को सक्रिय रूप से कूल्हों की ओर खींचें। इसमें सामने की जांघ की मांसपेशियों का उपयोग करें। अंगुलियों को आपस में मिला कर अपनी भुजाओं को पीठ के पीछे रखें। भुजाओं को पीठ जितनी दूरी पर उठा लें। 5 गिनने तक सांसों को रोकें। दूसरी तर्जनी को ऊपर रखकर इंटरलेस बदलें और 5 गिनने तक सांसों को रोकें। हाथों को कूल्हों तक और अंगूठे को पीठ के ऊपर ले जाएं। खड़े होने की कोशिश करें।

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आगे की ओर झुकने से न केवल सांस छोड़ना बढ़ता है, तनाव दूर करने में भी मदद मिलती है। चित्र : अडोबी स्टॉक

3 प्रसारिता पदोत्ताना सन (Wide legged standing forward bend)

डॉ. तरुण कुमार के अनुसार, पैरों को एक-दूसरे के समानांतर मोड़ें । हाथों को कूल्हों पर रखें। सांस लें, छाती उठाएं। सांस छोड़ते हुए हिप जॉइंट से आगे की ओर झुकें। हाथों को फर्श पर रखें। कंधे की दूरी पर उंगलियां पैर की उंगलियों के अनुरूप हो। सिर को फर्श की ओर छोड़ें। यदि सिर फर्श तक नहीं पहुंचता है, तो इसे एक ब्लॉक पर रख सकती हैं। 10 गिनने तक इस मुद्रा में बनी रहें। सांस लें। हाथों को कूल्हों तक ले जायें। पैरों को एड़ी से मोड़ें और चाइल्ड पोज (yoga for peace of mind) में आने के लिए सामने कदम रखें। घुटनों को फर्श पर ले जाएं। एड़ियों पर बैठें और सिर को फर्श पर रखते हुए आगे की ओर मोड़ें।

4 रैबिट पोज या शशंकासन (Rabbit Pose or Sasangasana)

चाइल्ड पोज़ से उंगलियों को पीठ के पीछे फंसाएं। कूल्हों को उठाएं। सिर तक रोल करें। पैरों के आगे के भाग को नीचे की ओर दबाते रहें। अपने सिर पर भार की मात्रा को नियंत्रित करने की कोशिश (yoga for peace of mind) करें।

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सांस और गति के साथ एक लय बनाए रखने से दिमाग शांत होता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

हाथों को पीठ से किसी भी हद तक दूर ले जाएं। नीचे झुकें। इंटरलेस बदलें। कूल्हों को ऊपर उठाएं। फिर से सिर के आगे के भाग तक रोल करें। प्रत्येक तरफ 3 बार उठाएं और नीचे करें। हर बार इंटरलेस बदलें। सांस और गति के साथ एक लय बनाए रखें।

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