Self Confidence : हारा हुआ महसूस कर रही हैं, तो यहां हैं सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाने के 5 उपाय

आत्मविश्वास के बल पर ही हमें इच्छित लक्ष्य प्राप्त होते हैं। यह अपने आप पर विश्वास की भावना है। यदि किसी कारणवश आपका आत्मविश्वास डगमगा गया है, तो इसे बूस्ट करने के लिए यहां हैं 5 उपाय।
Self analysis kaise karein
आत्म विश्लेषण एक ऐसा आईना है, जिसमें व्यक्ति अपने सार्म्थय से लेकर अपने अंदर छिपे हुनर और त्रुटियों की पहचान कर पाता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Published: 12 Sep 2023, 07:00 pm IST
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आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति खुद को असफल मान लेता है। वह अपने निर्धारित लक्ष्य को पाने में खुद को असक्षम मां लेता है। आत्मविश्वास आपको मानसिक स्तर पर मजबूत बनाते हैं। आपका मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। यदि किसी क्षेत्र में असफलता मिल गयी है या कोई दुर्घटना हो गयी, तो व्यक्ति खुद को कमतर आंकने लगता है। उसका सेल्फ कांफिडेंस हिल जाता है। कुछ उपाय हैं, जो आत्मविश्वास को बूस्ट करने में मदद (how to boost self confidence) कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है आत्मविश्वास (Self Confidence)

जर्नल ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड सायकोलोजी के अनुसार, आत्मविश्वास के हेल्दी लेवल से व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन में सफल होने के चांसेज बढ़ सकते हैं। शोध में पाया गया कि जिन लोगों के पास सेल्फ कांफिडेंस था, उन लोगों ने अकादमिक रूप से अधिक उपलब्धि हासिल की। आत्मविश्वास का स्तर इस बात को भी प्रभावित करता है कि आप खुद को दूसरों के सामने कैसे प्रस्तुत करते हैं।

यहां हैं सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाने के उपाय (how to boost self confidence)

1 दूसरों से अपनी तुलना करना बंद करें (stop comparing yourself to others)

हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के अनुसार, इन दिनों लोग इंस्टाग्राम, ट्विटर पर लोगों को फ़ॉलो करते हैं। इसके बाद वे उनसे सुंदरता, कमाई आदि जैसी बातों के लिए अपनी तुलना करने लग जाते हैं। सामाजिक तुलना स्वाभाविक है। लेकिन इससे आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद नहीं मिल सकती है। इसका विपरीत असर भी हो सकता है। शोधकर्ताओं ने नोट किया कि जब लोग अपनी तुलना दूसरों से करते हैं, तो वे ईर्ष्या का अनुभव करते हैं। उनमें जितनी अधिक ईर्ष्या होती है, वे अपने बारे में उतना ही बुरा महसूस करते हैं। इसलिए आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सबसे पहले दूसरों से अपनी तुलना करना बंद कर दें।

2 पॉजिटिव थिंकिंग वाले लोगों का साथ (Support of positive thinking people)

ऐसे मित्रों का साथ छोड़ दें, जो आपको नीचा महसूस कराते हैं। हमेशा पॉजिटिव थिंकिंग वाले लोगों का साथ स्वीकारना चाहिए। जिन लोगों के साथ आप समय बिताती हैं, वे आपके विचारों और दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं। इस बात पर ध्यान दें कि दूसरे आपको कैसा महसूस कराते हैं।

यदि आप किसी खास व्यक्ति के साथ घूमने के बाद अपने बारे में बुरा महसूस करती हैं, तो उनसे अलग हो जाएं। इसके बजाय, अपने आप को ऐसे लोगों के साथ रखें, जो आपसे प्यार करते हैं और आपके लिए सर्वश्रेष्ठ चाहते हैं। ऐसे लोगों की तलाश करें, जो सकारात्मक हों। वे आपका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कर सकें।

हमेशा पॉजिटिव थिंकिंग वाले लोगों का साथ स्वीकारना चाहिए। चित्र : अडोबी स्टॉक

3 सेल्फ केयर करें (Self Care is important)

आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अपने बारे में अच्छा महसूस करना भी जरूरी है। जब आप सेल्फ केयर करना शुरू करती हैं, तो आप अपने मन, शरीर और आत्मा के लिए सकारात्मक करती रहे हैं। इससे आप स्वाभाविक रूप से अधिक आत्मविश्वास महसूस करने लगेंगी। सेल्फ केयर के लिए अपने शरीर को पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ खिलाना जरूरी है। इससे आप स्वस्थ, मजबूत और अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगी। शारीरिक व्यायाम भी आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। मेडिटेशन कई तरीकों से आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह आपको स्वयं को पहचानने और स्वीकार करने में मदद करता है। अच्छी नींद आत्म-सम्मान दिलाता है

4 खुद के प्रति दयालु बनें (be kind to yourself)

जब आप कोई गलती करती हैं या असफल होती हैं, तो स्वयं के साथ बढ़िया व्यवहार करें। खुद को कोसने की बजाय आगे सही दिशा में मेहनत करने के बारे में सोचें। यह भावनात्मक रूप से अधिक लचीला बनायेगा। यह चुनौतीपूर्ण भावनाओं को बेहतर ढंग से नेविगेट करने में मदद करेगा

खुद को कोसने की बजाय आगे सही दिशा में मेहनत करने के बारे में सोचें। अडोबी स्टॉक

5 सकारात्मक बातचीत (Positive Talk)

नकारात्मक चर्चा व्यक्ति की क्षमताओं को सीमित कर सकती है। आपके अवचेतन मन पर बुरा प्रभाव डालकर आत्मविश्वास में कमी ला सकती है। इससे आपको लगने लगेगा कि आप सफल नहीं हो सकती हैं। इसलिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए नकारात्मक की बजाय सकारात्मक बातचीत या चर्चा में भाग लें। याद रखें कि हर किसी की अपनी खूबी होती है।अपनी उन खूबियों को याद कर आगे बढ़ें। इससे सेल्फ कांफिडेंस बूस्ट अप होगा।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

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