वैलनेस
स्टोर

डायबिटीज में खतरनाक हो सकता है गिलोय का सेवन, डॉक्‍टरों ने दी चेतावनी

Published on:5 July 2021, 17:16pm IST
यकीनन आयुर्वेदिक हर्ब्‍स प्रकृति का वरदान हैं। पर हर व्‍यक्ति की प्रकृति अलग-अलग होती है। इसलिए गिलोय को आजमाने से पहले आपको इसके नुकसान के बारे में भी जान लेना चाहिए।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
  • 91 Likes
आयुष मंत्रालय ने की थी गिलोय की सिफारिश. मगर इससे आपके लिवर को खतरा है. चित्र : शटरस्टॉक

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी गिलोय के बारे में डॉक्‍टरों ने चेतावनी जारी की है। कोविड-19 महामारी से बचने के लिए लोग बड़ी संख्‍या में इम्‍युनिटी बूस्‍टर के रूप में गिलोय का सेवन कर रहे हैं। जबकि बिना डॉक्‍टरी सलाह के इसका सेवन आपके लिवर को डैमेज भी कर सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि कोविड – 19 के इलाज में इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करने वाली जड़ी-बूटी गिलोय, को लेने से कुछ गंभीर नुकसान हो सकते हैं।

मुंबई के डॉक्टरों ने सितंबर और दिसंबर 2020 के बीच गंभीर लिवर डैमेज वाले कम से कम छह रोगियों को पाया। ये मरीज पीलिया और सुस्ती की शिकायत लेकर आए थे। डॉक्टरों ने पाया कि प्रत्येक ने जड़ी-बूटी टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया (Tinospora Cordifolia) यानी ‘गिलोय’ का सेवन किया था।

आयुष मंत्रालय ने भी की थी गिलोय की सिफारिश

आपको बता दें कि गिलोय कई वैकल्पिक दवाओं में से एक है, जिसे आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 पैदा करने वाले SARS-CoV-2 के खिलाफ इम्युनिटी बूस्टर के रूप में सुझाया था। हालांकि, मुंबई स्टडी में शामिल मरीजों ने बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन करना शुरू कर दिया।

एक 62 वर्षीय महिला की पेट में फ्लूइड एक्यूमलेशन (Fluid Accumulation) होने के चार महीने बाद अस्पताल ले जाने के बाद मृत्यु हो गई – जो क‍ि लिवर डैमेज का संकेत है।

डॉक्टर्स को बायोप्सी से पता चला कि लिवर डैमेज संभवतः “ऑटोइम्यून” प्रतिक्रिया के कारण हुआ था। आम तौर पर, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस जैसे विदेशी तत्वों पर हमला करती है और इसे प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कहा जाता है।

हालांकि, कुछ विकारों वाले लोगों में, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शरीर की अपनी स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों पर भी हमला करती है, जिसे ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया कहा जाता है।

गिलोय के सेवन से लिवर डैमेज हो सकता है। चित्र : शटरस्टॉक।

डायबिटीज में खतरनाक हो सकता है गिलोय का सेवन

अध्ययन के अनुसार हाइपोथायरायडिज्म और मधुमेह जैसी ऑटोइम्यून स्थितियों वाले रोगियों में, गिलोय का उपयोग एक गंभीर प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकता है जो लीवर को नुकसान पहुंचाता है।

इंडियन नेशनल एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ द लीवर द्वारा प्रकाशित जर्नल की मुख्य लेखिका और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ आभा नागराल का कहना है कि, “हमने पहली बार, बायोप्सी का उपयोग करके, लिवर डैमेज का पता लगाया है, जो गिलोय से संबंधित है।”

गिलोय के ज्यादा सेवन से हो सकती है ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया

डॉ नागराल ने कहा कि ”गिलोय में प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले गुण होते हैं। मगर ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से या ऑटोइम्यून विकारों वाले रोगियों में, यह एक ऑटो-इम्यून प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है। इन छह रोगियों में, गिलोय ने जिगर की कोशिकाओं के खिलाफ एक ऑटो-प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर किया है, जिससे गंभीर लिवर डैमेज हुआ है।”

एक अन्य लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ ए.एस सोइन, ने कहा कि उन्होंने भी गिलोय से संबंधित पांच लिवर डैमेज के मामले देखने को मिले हैं, जिनमें से एक मरीज की भी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि “कई लोगों ने अपनी इम्युनिटी को बढ़ावा देने और एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में महामारी के दौरान गिलोय का सेवन किया। दुर्भाग्य से, कई लोगों को इसके कारण लिवर डैमेज का सामना करना पड़ा।” जब अन्य रोगियों ने जड़ी-बूटियों का सेवन बंद कर दिया तब वे पूरी तरह से ठीक हो गए।

यह भी पढ़ें : अगर आपको भी इंजेक्‍शन देखकर रोना आने लगता है? तो ये हो सकते हैं नीडल फोबिया के लक्षण

टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।