Weight Loss Tips : बैली फैट कम करना है, तो हमेशा याद रखें ये 6 सबसे जरूरी टिप्स

एक्सरसाइज़ और डाइट प्लान फॉलो करने के बाद भी अगर वज़न ज्यों का त्यों बना हुआ है। तो कुछ आसान टिप्स इस मुश्किल को आसान बना सकती है। जानते हैं सर्दियों में नेचुरली वज़न कम करने के टिप्स।
Naturally belly fat kum krne ke tips
जानते हैं सर्दियों में नेचुरली वज़न कम करने के लिए किन टिप्स को करें फॉलो (burn belly fat in winter)। चित्र- अडोबी स्टॉक
ज्योति सोही Updated: 23 Nov 2023, 06:07 pm IST
  • 141

सर्दियों की शुरूआत के साथ ही खान पान की आदतों में बदलाव आने लगता है। ऐसे में असमय और असीमित फूड इनटेक वज़न बढ़ने (Weight gain) का प्राथमिक कारण साबित होता है। वज़न को नियंत्रित करने के लिए लोग अक्सर कई प्रकार की फैंसी डाइट और जिम को अपने रूटीन का हिस्सा बना लेते हैं। दिनभर एक्सरसाइज़ करने और डाइट प्लान (Diet plan) फॉलो करने के बावजूद भी अगर आपका वज़न ज्यों का त्यों बना हुआ है। तो कुछ आसान टिप्स आपकी इस मुश्किल को आसान बना सकती है। जानते हैं सर्दियों में नेचुरली वज़न कम करने के लिए किन टिप्स को करें फॉलो (burn belly fat in winter)।

इस बारे में बातचीत करते हुए नूट्रिशनिस्ट एंव डायटीशियन मनीषा गोयल ने बताया कि ओवर इटिंग और वर्कआउट की कमी मोटापा बढ़ने का कारण साबित होती है। इसके अलावा महिलाओं में 40 की उम्र के बाद हार्मोनल इंबैलेंस भी इस समस्या का कारण साबित होता है। खासतौर से सर्दियों में अधिकतर लोग एक्सरसाइज़ करने से कतराते हैं। इसके अलाव खान पान की आदतों में बदलाव आने से वज़न बढ़ने लगता है। ऐसे में हर्बल टी का सेवन न केवल शरीर में एटीऑक्सीडेंटस को बढ़ाता है बल्कि अतिरिक्त फैट्स भी बर्न होने लगते हैं। इसके अलावा रोज़ाना एक्सरसाइज़ और योग भी बैली फैट को कम करने में सहायक है। बार बार खाना खाने की आदत पर काबू पाने के लिए डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा को बढ़ाएं।

ये टिप्स नेचुरल तरीके से वेटलॉस करने में हैं मददगार (Natural tips for weight loss)

1 हर्बल टी का सेवन करें

वेब एमडी के अनुसार एंटीऑक्सीडेंटस से भरपूर हर्बल टी को नियमित तौर पर पीने से शरीर को फ्री रेडिकल्स से मुक्ति मिलती है। इससे शरीर का ऑक्सीडेटिव तनाव कम होने लगता है। इसमें मौजूद फ्लेवोनॉइड शरीर में जमा चर्बी को बर्न करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को संक्रमण के खतरे से भी बचाने में मदद करते हैं।

Herbal tea hai weight loss mei faydemand
हर्बल टी में मौजूद फ्लेवोनॉइड शरीर में जमा चर्बी को बर्न करने में मदद करते हैं।

2 नियमित एक्सरसाइज़ करें

सेंटर फॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार दिनभर में 30 मिनट की एक्सरसाइज़ शरीर में जमा चर्बी को कम करने में मदद करती है। इससे शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ती है और मसल्स भी मज़बूत बनने लगते हैं। रोज़ाना वर्कआउट से शरीर को पोश्चर बेहतर बन पाता है। वहीं कार्डियो, डांस और स्विमिंग भी वेटलॉस में फायदा पहुंचाने लगते हैं।

3 फाइबर इनटेक बढ़ाएं

मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के लिए फाइबर रिच डाइट का सेन आवश्यक है। इससे बार बार लगने वाली भूख की समस्या बचा जा सकता है। जो वेटलॉस में सहायक साबित होता है। इसके अलावा शरीर का ब्लड प्रेशर लेवल भी नियमित बना रहता है। यूएसडीए के अनुसार खुद को हेल्दी बनाए रखने के लिए रोज़ाना 30 ग्राम फाइबर का सेवल फायदेमंद साबित होता है।

4 शुगर और फैट्स को करें सीमित

डे टू डे लाइफ में कुकीज़ केक और अन्य प्रकार के प्रोसेस्ट फूड का सेवन शरीर में कैलोरीज़ की मात्रा को बढ़ा देता है। इससे वज़न बढ़ने की समस्या बए़ जाती है। ऐसे में अत्यधिक ऑयली फूड को खाने से बचें और उसे होल ग्रेन से रिप्लेस करें। इसके अलावा मिठास को एड करने के लिए शुगर की जगह मौसमी फलों को मिक्स कर दें। इससे शरीर को न केवल पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है बल्कि नेचुरल शुगर भी एड हो जाती है।

added sugar khatarnak ho skti hai
मीठा और कार्बोनेट रिच फूड का सेवन शरीर में कैलोरीज़ की मात्रा को बढ़ा देता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

5 प्रोटीन रिच फूड खाएं

प्रोटीन एक ऐसा बिल्डिंग ब्लॉक हैं। जो हड्डियों को मज़बूती प्रदान कर शरीर को वेटलॉस में भी सहायता करता है। प्रोटीन रिच डाइट के सेवन से आपको लंबे वक्त तक भूख नहीं लगती है। इससे शरीर में कैलोरी इनटेक सीमिल होने लगता है। इसके लिए मील में दही, दूध, प्रोटीन शेक्स, अंडा, टोफू और नट्स को शामिल कर सकते हैं। इससे हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन की प्रापित होती है।

6 रात को हैवी मील्स न लें

डिनर के बाद अधिकतर लोग वॉक स्किप कर देते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। जो वेटगेन का मुख्य कारण बनने लगता है। हार्वर्ड युनिसर्विटी के अनुसार रात को हैवी मील्स की जगह फ्लूइड डाइट लें। साथ ही रात को सोन से 3 घण्टे पहले कुछ भी खाएं। इससे शरीर में अतिाक्त फैट्स जमा होने की समस्या हल हो जाती है।

ये भी पढ़ें- Pulmonary hypertension : जानिए क्या है फेफड़ों की यह घातक बीमारी, जिसमें सांस फूलने लगती है

BMI

वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

बीएमआई चेक करें
  • 141
लेखक के बारे में

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख