हर बार सामान्य नहीं है आंखों का सूजना, जानिए आंखों में होने वाली विभिन्न समस्याएं और उनका समाधान

Updated on: 18 February 2022, 16:29 pm IST

आंखों का सूजना या लाल होना कभी-कभी गंभीर संक्रमण का भी संकेत हो सकता है। और आपको इस बारे में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

Aankhon ke soojan ko
आंखों के सूजन को पफी आईज़ कहा जाता है। चित्र: शटरस्टॉक

आंखें कुदरत का सबसे खूबसूरत और नायाब तोहफा हैं। इसके जरिए ही हम इतनी खूबसूरत दुनिया को देख पा रहे हैं। प्यार का पहला इज़हार आंखों से ही होता है। वैसे तो आंखों की सुरक्षा और सेहत का ख्याल रखना बहुत जरुरी है। लेकिन हम आंखों के स्वास्थ्य को ही सबसे ज्यादा नजरअंदाज करते हैं। जबकि आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। 

ऐसी एक समस्या है आंखों की सूजन, जिसे ‘पेरिऑर्बिटल पफनेस’ या फिर ‘पफी आईज़’ (Puffy eyes) कहा जाता है। इसमें आंख के आसपास के कनेक्टिव टिश्यूज (Connective tissues) अतिरिक्त एडेमा जम जाता है। नतीजतन, हमारी आंखें सूज जाती है। तो आइए जानते हैं पफी आईज़ या सूजी आंखों की समस्या क्यों आती है और हम इससे कैसे निजात पा सकते हैं?

पफी आईज के लिए जिम्मेदार कारण 

आप जब सुबह सोकर उठते हैं, तो कई बार आपकी आंखें सूजी होती हैं। कई बार यह अस्थायी होता है और आपकी आंखें अपने आप ठीक हो जाती हैं। लेकिन कई बार मामला थोड़ा मुश्किल हो जाता है। आंखों के आसपास सूजन किसी बीमारी के कारण भी हो सकती है। यह सूजन एडेमा की वजह से होती है, जिसमें ऊतकों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। 

आमतौर पर आंखों के आसपास सूजन सोने और रोने की वजह से भी हो सकती है। कई बार यह सूजन अपने आप चली जाती है, लेकिन कभी-कभी इसका इलाज कराना बेहद जरुरी हो जाता है। सूजी हुई आंखों की वजह से आपको खुजली या दर्द भी हो सकता है।

क्यों सूज जाती हैं आंखें 

आंखों के आसपास या पालक सूजने के कई कारण हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं आंखे क्यों सूज जाती है-  

  1. आंखों में एलर्जी के कारण भी आंखें सूज सकती हैं।  
  2. कीड़े के काटने पर। 
  3. बॉडी में तरल पदार्थ की अधिकता। 
  4. नींद की कमी। 
  5. किसी तरह की चोट के कारण। 
  6. दाद के कारण। 
  7. थायरॉइड के कारण।  
  8. कभी-कभी नेत्र कैंसर के कारण।
Subah sokar uthate hain to kai baar aapki aankhen sooji hoti hai.
सुबह सोकर उठते हैं तो कई बार आपकी आंखें सूजी होती हैं। चित्र: शटरस्टॉक 

जानिए क्या करें जब आंखें सूज रहीं हों 

  1. आंखों के सूजन के लिए सेलाइन सॉल्यूशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  2. अपनी आंखों पर कूल कंप्रेस का इस्तेमाल करें। 
  3. ठंडे पानी से आंखों को अच्छी तरह धोएं। 
  4. अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे हटा दें। 
  5. ठंडे ब्लैक टी बैग्स अपनी आंखों के ऊपर रखें। 
  6. कैफीन सूजन को कम करने में मदद करता है।
  7. यदि आपको एलर्जी है तो एंटीहिस्टामाइन ड्राप का उपयोग करें।  
  8. एलर्जी की गंभीर बीमारी होने पर प्रिस्क्रिप्शन ड्राई आई ड्रॉप्स का आजमाएं। 

आंखों के आसपास की सूजन का उपाय  

अगर आपकी आंखों के आसपास या पलकों में तेज दर्द हो रहा है, तो इसका कारण संक्रमण या चेलाज़ियन भी हो सकता है। ऐसे में सही समय पर आंखों का उपचार बेहद आवश्यक है। 

आंखों का गुलाबी होना  

कई बार आंखें गुलाबी रंग की हो जाती है। इसकी वजह बैक्टीरिया, वायरल संक्रमण या एलर्जी भी हो सकती है। इसकी वजह से आपकी आंख की सतह पर सूजन आ सकती है। यह एक आंख से शुरू होकर दोनों में फैल सकती है। इसमें मवाद या एक चिपचिपा द्रव पलकों और आंखों के कोनों पर दिखाई देता है। 

कैसे किया जाना चाहिए इसका उपचार  

इसके लिए आप अपनी पलकों को गर्म पानी और रुई से साफ कर सकती हैं। इस समस्या में आंख अपने आप ठीक हो सकती है, हालांकि इसमें 2 से 3 सप्ताह तक का समय लग सकता है। इस दौरान अपनी आंखों को छूने से बचें। इसके लिए आई कॉस्मेटिक्स और कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग बंद करें। 

आई स्टाई 

यदि आपकी ऊपरी या निचली पलक सूजी हुई है, तो यह आई स्टाई से हो सकती है। आमतौर पर आई स्टाई के कारण ब्लॉक्ड ग्लैंड के आसपास सूजन आ जाती है। इसे ठीक होने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं।  

उपचार 

आई स्टाई के उपचार के लिए आप सिंकाई कर सकती हैं। ऐसा दिन में तीन से पांच बार करें। इसके लिए कभी-कभी डॉक्टर ड्राप या मलहम लगाने की सलाह देते हैं। कई बार इसे निकालने के लिए ऑपरेशन की जरुरत पड़ सकती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए मेकअप का उपयोग करने से बचना चाहिए। 

इंफेक्शन होने पर क्या करें

आंखों के आसपास की स्किन पर संक्रमण हो जाता है। इसे सेल्युलाइटिस की प्रॉब्लम कहा जाता है। इसमें आपकी आंख के आसपास की स्किन लाल हो जाएगी और चोट लग सकती है। इसे ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं की जरुरत पड़ती है। कई सेल्युलाइटिस की समस्या गंभीर हो सकती है। जिसके लक्षण इस प्रकार है- 

-शरीर का तापमान बढ़ना  

-जी मिचलाना

-चक्कर आना

-शरीर में कंपन होना 

-आंखों के मूव में परेशानी आना। 

-ठीक से दिखाई न देना।  

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए  

आंखों की समस्या कभी कभी गंभीर भी हो सकती है। इस वजह से कुछ लोग तुरंत चिकित्सा उपचार लेना पसंद करते हैं। डॉक्टर्स उन्हें जरुरी एंटीबायोटिक्स दे सकते हैं। अगर 1 सप्ताह के बाद भी आपकी गांठ या सूजन में सुधार नहीं होना शुरू हो या सूजन बिगड़ रही हो तो हमेशा डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए। इन परिस्थितियों में डॉक्टर से मिलना चाहिए – 

-आपकी आंख में तेज दर्द। 

-धुंधला दिखाई देने पर।  

-रोशनी खराब होने पर।  

 -आंखों के अंदर कुछ फंस गया हो। 

-आंखों को सामान्य रूप से हिलाने में असमर्थता। 

-आंख के कैंसर के कारण।  

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श्याम दांगी श्याम दांगी

स्वास्थ्य राशिफल

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