तनाव भी कमजोर कर सकता है आपकी आंखें, जानिए स्ट्रेस आई के कारण और बचाव के उपाय

आंखों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना सबसे जरूरी है। इसके लिए हमें लंबे समय तक तनाव में नहीं रहना चाहिए। इससे आंखों की नजर कमजोर हो जाती है। एक्सपर्ट बता रहे हैं आंखों में हुए हुए तनाव को कम करने के उपाय।
stress ke karan eye sight prabhawit ho sakti hai
लंबे समय तक एंग्जाइटी से पीड़ित लोग पूरे दिन आंखों के तनाव से पीड़ित हो सकते हैं। चित्र- अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Updated: 12 Oct 2023, 14:05 pm IST
  • 125

आंखों को कभी-भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। आंखों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए जरूरी उपाय अपनाना चाहिए। आमतौर पर खराब जीवनशैली हमारी आंखों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। स्ट्रेनफुल लाइफस्टाइल के कारण हमें लंबे समय तक स्क्रीन पर समय बिताने, स्क्रीन पर पढ़ने करने या अन्य गतिविधियों को अंजाम देना पड़ता है। इससे आंखों में तनाव और थकान हो सकती है। पर क्या वास्तव में स्ट्रेस आईसाइट को प्रभावित (stress affect eyesight) करता है? आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए ही वर्ल्ड साइट डे (World Sight Day 2023) मनाया जाता है।

क्या है वर्ल्ड साइट डे (World Sight Day 2023-12 October)

वर्ल्ड साइट डे या विश्व दृष्टि दिवस हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। ब्लाइंडनेस और विजन लॉस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह दुनिया भर में मनाया जाता है। वर्ल्ड साइट डे 2023 की थीम (World Sight Day 2023 Theme) है-गिविंग टुगेदर, सीइंग फॉरएवर (Giving Together, Seeing Forever) । यह लाखों जरूरतमंद लोगों को आंखों की रोशनी का उपहार देने के लिए लोगों को प्रेरित करता है।

तनाव पहुंचाता है आंखों को गंभीर नुकसान (can stress affect eyesight)

हेल्थमग की डायरेक्टर ऑफ़ मेडिसिन डॉ. मुग्धा अग्रवाल बताती हैं, ‘लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहने, खराब रोशनी, या लंबे समय तक एक ही काम पर ध्यान केंद्रित करने से सूखापन, लालिमा और असुविधा जैसे लक्षण (stress affect eyesight) हो सकते हैं। दूसरी ओर जब हम गंभीर रूप से तनावग्रस्त और एंग्जाइटी फील करते हैं, तो शरीर में एड्रेनालाइन (High Adrenaline affect Eyesight) का हाई लेवल आंखों पर दबाव पैदा कर सकता है। इसके कारण दृष्टि धुंधली हो सकती है। लंबे समय तक एंग्जाइटी से पीड़ित लोग पूरे दिन आंखों के तनाव से पीड़ित हो सकते हैं।

क्या होता है आंखों पर तनाव का असर (stress affect eyesight) 

लोग अकसर यह सवाल करते हैं कि क्या भावनात्मक तनाव दृष्टि समस्याओं का कारण बन सकता है? तो इसका जवाब है हां। जब हम गंभीर रूप से तनावग्रस्त और एंग्जाइटी फील करते हैं, तो शरीर में एड्रेनालाइन का लेवल बढ़ जाता है, जो आंखों पर दबाव पैदा कर सकता है। इस तरह, भावनात्मक तनाव दृष्टि समस्याओं का कारण बन सकता है।

क्या हो सकते हैं आई स्ट्रेस के लक्षण (Eye Stress Symptoms)?

आंखों में दर्द, थकान, जलन या खुजली, आंखों से पानी आना या सूख जाना, धुंधली या डबल विजन होना, सिरदर्द, गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द आई स्ट्रेस के लक्षण हो सकते हैं। इनके अलावा प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि हो सकती है। इसे फोटोफोबिया कहा जाता है। यह भी महसूस हो सकता है कि आंखें खुली रखना मुश्किल है।

अगर स्ट्रेस कर रहा है आपकी आंखों की रोशनी को प्रभावित, तो इन तरीकों से करें बचाव (Preventive Tips for Eyes) 

1. एलोवेरा जेल का करें इस्तेमाल (Aloe vera Gel for eye stress)

डॉ. मुग्धा अग्रवाल के अनुसार, आंखों की स्ट्रेस को कम करने के लिए एलोवेरा जेल को आंखों के चारों ओर धीरे-धीरे लगाया जा सकता है। इसे आंखों के अंदर नहीं लगायें। इससे जलन और लालिमा कम होगी।

2. खीरे के टुकड़े रखें 

बंद पलकों पर खीरे के टुकड़े रखने का क्लासिक उपाय सूजन को कम करने और थकी हुई आंखों को शांत करने में मदद कर सकता है।

3. आंखों में गुलाब जल डालें 

प्रत्येक आंख में शुद्ध गुलाब जल की कुछ बूंदें थकी हुई आंखों को ताजगी और रि जुवेनेशन प्रभाव डाल सकती हैं।

4. थोड़ी देर के लिए आंखें बंद करके रखें 

एंग्जाइटी के कारण अगर ब्लर विजन हो रहा है तो बेहतर है कि थोड़ी देर के लिए अपनी आंखें बंद करके लेट जाएं। इससे विजन के बारे में घबराहट कम हो सकती है। एंग्जाइटी को ठीक कर और अपने पैनिक अटैक को रोककर ब्लर विजन को को रोका जा सकता है।

eye care ke liye kheere ke tukde rakhen
बंद पलकों पर खीरे के टुकड़े रखने का क्लासिक उपाय सूजन को कम करने और थकी हुई आंखों को शांत करने में मदद कर सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

5 आंखों के लिए हमेशा याद रखें ये नियम 

20-20-20 नियम : लंबे स्क्रीन टाइम के दौरान आंखों के तनाव को रोकने के लिए हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें। इस समय कम से कम 20 फीट दूर किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करें।
नियमित रूप से पलकें झपकाएं: अधिक बार पलकें झपकाने का सचेत प्रयास करें, क्योंकि इससे आपकी आंखों में नमी बनी रहेगी और सूखापन कम होगा।

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

उचित प्रकाश व्यवस्था: सुनिश्चित करें कि आपके ऑफिस में अच्छी रोशनी हो। हार्ड और चमकदार रोशनी से बचें, जो आंखों की थकान में योगदान कर सकती हैं।

गर्म सेक: बंद आंखों पर गर्म सेक लगाने से आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त परिसंचरण में सुधार होता है।

eye care ke liye beech beech me break len
लंबे स्क्रीन टाइम के दौरान आंखों के तनाव को रोकने के लिए हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें। चित्र : अडोबी स्टॉक

अंत में

याद रखें कि प्राकृतिक उपचारों का प्रभाव अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए आंखों में तनाव और थकान बनी रहने पर हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह जरूर लें।

यह भी पढ़ें :- DASH Diet : क्या हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार है यह डाइट? एक्सपर्ट से जानते हैं

  • 125
लेखक के बारे में

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

अगला लेख