जंक फूड की क्रेविंग बढ़ा रही है मोटापा, तो इस तरह चुनें स्नैकिंग के स्वस्थ्य विकल्प

जंक फूड अब सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि कस्बों और गांवों में भी इनकी उपस्थिति बढ़ गई है। जिसकी वजह से मोटापा और अन्य जीवनशैली जनित समस्याएं बढ़ती जा रहीं हैं।
ghar me healthy food hone chahiye.
कई मेनू आइटमों को कुछ बदलावों और उसे हेल्दी फ़ूड ऑप्शन के साथ बदलने से स्वास्थ्यवर्धक बनाया जा सकता है। चित्र: अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Published: 13 Jun 2023, 06:06 pm IST
  • 145

जंक फूड का सेवन करना नई जनरेशन ( Gen Z ) में एक ट्रेंड बन चुका है। जंक फूड में भी इंस्टेंट नूडल, ड्रिंक्स, चिप्स , ब्राउनी और केक के कारण सोडियम और शुगर कंटेंट की खपत बढ़ती ही जा रही है। इनकी अधिकता न केवल मोटापे में योगदान करती है, बल्कि इससे लिवर, हार्ट और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम बढ़ जाते हैं। स्नैक्स की क्रेविंग किसी को भी हो सकती है। अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए जरूरी है स्नैकिंग के हेल्दी विकल्पों को चुनना। यहां एक वेट लॉस (How to choose healthy snacks) एक्सपर्ट बता रहीं हैं कैसे।

चिंताजनक हैं आंकड़े

जंक फूड की बढ़ती खपत ने पब्लिक हेल्थ पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता जताई है। जंक फूड में उच्च स्तर की कैलोरी, अस्वास्थ्यकर वसा, शर्करा और नमक होता है, जो मोटापे, मधुमेह, हृदय रोगों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, भारत में फास्ट-फूड बाजार 2016 से 2021 तक लगभग 18% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ने का अनुमान है। यह उस समय के दौरान फास्ट फूड की खपत में पर्याप्त वृद्धि का संकेत देता है।

मिठे की क्रेविंग को कम करने के लिए हेलदी स्मूदी का सेवन करें। चित्र-शटरस्टॉक।

भारत में जंक फूड बाजार पिछले एक दशक में काफी बढ़ चुका है। अब ये महानगरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक पहुंच गए हैं। अगर आप उन लोगों में से है जो जंक फूड को न खाकर एक हेल्दी ऑप्शन को चुनना चाहते हैं, तो आज हम आपके लिए लेकर आए है जंक फूड से रिप्लेस करने वाले कुछ हेल्दी विकल्प, इन हेल्दी विकल्प के बारे में हमें ज्यादा जानकारी दी डायटिशियन और वेट लॉस एक्सपर्ट शिखा कुमारी ने।

यहां हैं हेल्दी स्नैकिंग कुछ आसान विकल्प

1 हमेशा चुनें होल ग्रेन फूड्स

प्रसंस्कृत या प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के बजाय संपूर्ण खाद्य पदार्थों का चयन करें। संपूर्ण खाद्य पदार्थ कम से कम संसाधित होते हैं और अपने प्राकृतिक पोषक तत्वों को बनाए रखते हैं। अपने भोजन और स्नैक्स में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और फलियां शामिल करें। आप सब्जियों को सौते कर के एक सलाद के रूप में बना कर खा सकते है।

2 फूड का लेबल जरूर पढ़ें

पैकेज्ड फूड खरीदते समय लेबल को ध्यान से पढ़ें। अतिरिक्त शक्कर, अस्वास्थ्यकर वसा और सोडियम में कम उत्पादों की तलाश करें। लंबी सामग्री सूची और कृत्रिम योजक वाले उत्पादों से बचें। ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन करें जिसमें कम से कम शुगर हो प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया गया हो।

3 चुनें स्थानीय और पारंपरिक विकल्प

अपना भोजन घर पर ताजी सामग्री का उपयोग करके तैयार करें। इस तरह, आपके पास उपयोग की जाने वाली सामग्री और खाना पकाने के तरीकों पर नियंत्रण होता है। अधिकांश फास्ट फूड या पहले से पैक किए गए विकल्पों की तुलना में घर का बना भोजन स्वास्थ्यवर्धक होता है।

Healthy-snacks-recipes-dinner
फाइबर युक्त आहार के सेवन से भूख कम लगती है। चित्र शटरस्टॉक

4 स्नैक्स स्मार्टली

चिप्स या कुकीज तक खाने की बजाय, स्वस्थ स्नैक्स विकल्प चुनें। ताज़े फल, कच्ची सब्जियों के साथ हमस या योगर्ट डिप, अनसाल्टेड नट्स, सीड्स या होममेड पॉपकॉर्न चुनें। चिप्स या कुकीज में अधिक शुगर होता है, जो शरीर में कई तरह की समस्या की वजह बन सकता है।

5 मीठे की क्रेविंग को कम करें

मीठे डेजर्ट या कैंडी का सेवन करने के बजाय, अपने मीठे का क्रेविंग को शांत करने के लिए प्राकृतिक रूप से मीठे विकल्पों से संतुष्ट करें। ताज़े फल, घर की बनी फ्रूट स्मूदी या दही में थोड़ा सा शहद मिलाकर आप इसका आनंद लें सकते है।

6 खाना पकाने के तरीकों पर ध्यान देना जरूरी

किसी भी खाद्य पदार्थ को डीप फ्राई करने की बजाय उसे बेक, ग्रिल, स्टिमिंग या स्टिर-फ्राई जैसे स्वस्थ खाना पकाने के तरीके चुनें। इन विधियों में कम तेल की आवश्यकता होती है और भोजन में अधिक पोषक तत्व बरकरार रहते हैं।

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

ये भी पढ़े- क्या पनीर और मक्खन कोलेस्ट्राॅल लेवल बढ़ा देते हैं? एक्सपर्ट से जानिए गर्मियों में कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के उपाय

  • 145
लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख