फॉलो
वैलनेस
स्टोर

डायबिटीज नियंत्रण से लेकर दमकती त्वचा तक, जानिए क्यों बेसन कहलाता है सुपरफूड

Updated on: 21 December 2020, 20:52pm IST
बेसन का इस्तेमाल पकौड़े और बेसन के लड्डुओं से लेकर आपके घरेलू फेस पैक तक में होता है, लेकिन क्या आप इसके फायदे जानती हैं?
विदुषी शुक्‍ला
  • 90 Likes
बेसन को अपनी डाइट में आज ही जगह दें। चित्र- शटरस्टॉक।

बेसन हर किचन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ढोकले, खांडवी, पकौड़े, बेसन का चीला और न जाने क्या क्या स्वादिष्ट व्यंजन बेसन की ही देन होते हैं। लेकिन सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बेसन सेहत के मामले में भी सुपरफूड है।

विटामिन और मिनरल्स का भंडार है बेसन

बेसन को आटे के ग्लूटेन फ्री विकल्प के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। क्या आप जानती हैं कि 100 ग्राम (लगभग एक कप) बेसन में तकरीबन 356 कैलोरी होती हैं। इसमें से 50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 24 ग्राम प्रोटीन, 6 ग्राम फैट और 10 ग्राम फाइबर होता है। इसके साथ ही बेसन में थियामिन, फॉलेट, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, कॉपर और मैंगनीज प्रचुर मात्रा में होता है।

पाएं अपनी तंदुरुस्‍ती की दैनिक खुराकन्‍यूजलैटर को सब्‍स्‍क्राइब करें

बेसन क्यों फायदेमंद है।चित्र- शटरस्टॉक।

ये हैं बेसन के वे गुण जो इसे सुपरफूड बनाते हैं-

1. एंटीऑक्सीडेंट से है भरपूर

चने में भरपूर मात्रा में प्लांट बेस्ड एंटीऑक्सीडेंट यानी पोलीफेनॉल्स होते हैं। यही कारण है कि बेसन में भी एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ईरानियन जर्नल ऑफ फार्मक्यूटिकल रिसर्च में प्रकाशित स्टडी में पाया गया है कि बेसन में मौजूद पोलीफेनॉल्स खाने में मौजूद केमिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करते हैं। यानी यह प्रोसेस्ड फूड से होने वाले नुकसान को कम करता है।

2. गेंहू के आटे से कम कैलोरी होती हैं

अगर आप वजन कम करना चाहती हैं, तो बेसन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। बेसन में गेंहू के आटे के मुकाबले 25 प्रतिशत कम कैलोरी होती हैं। यही नहीं इसमें मौजूद मिनरल्स बेसन को गेंहू के आटे से ज्यादा फायदेमंद बनाता है।
साथ ही यह ज्यादा देर तक पेट भर सकता है।

3. डायबिटीज नियंत्रण में सहायक है

बेसन में आटे के मुकाबले आधी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, इसलिए ब्लड शुगर पर इसका प्रभाव अलग होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, कोई भी भोजन कितनी जल्दी ग्लूकोज बनता है और खून में मिलता है, उसे ग्लाइसेमिक इंडेक्स से नापा जाता है। शुद्ध ग्लूकोज को 100 पर रखा जाता है। उसके अनुरूप आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 है वही बेसन का 28 से 35 के बीच होता है।
यही कारण है कि डायबिटीज में बेसन की रोटी ज्यादा फायदेमंद होती है। अगर आपको मधुमेह की समस्या है तो दिन में एक टाइम गेंहू के आटे के बजाय बेसन की रोटी खाएं।

4. लीन मसल्स बनाने के लिए बेसन है फायदेमंद

अगर आपको अपनी मांसपेशियों को बढ़ाना है और लीन मसल्स मास चाहिए तो बेसन आपका बेस्ट फ्रेंड है। भारतीय खानपान ऐसा है जहां आप एक टाइम सिर्फ सलाद या सूप लेकर काम नहीं चला सकते। हमें रोटी या चावल चाहिए होता है। यही आपके लीन मसल मास में सबसे बड़ा अवरोध है। बेसन में प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है और मांसपेशियों के लिए प्रोटीन ही सबसे आवश्यक होता है। साथ ही बेसन में 8 जरूरी एमिनो एसिड भी होते हैं।
इसलिए अगर आप बॉडी बिल्डिंग करना चाहतीं हैं, तो आटा छोड़िये और बेसन की रोटी अपनी डाइट में शामिल कर लीजिए।

उबटन के नियमित इस्तेमाल से स्किन प्रॉब्लम खत्म होती है। चित्र- शटरस्टॉक।

5. त्वचा के लिए है बहुत असरदार

उबटन से लेकर फेस मास्क तक, सभी घरेलू नुस्खों में बेसन एक महत्वपूर्ण इंग्रीडिएंट होता है। बेसन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा से दाग धब्बे कम करके त्वचा में कसाव लाते हैं। साथ ही बेसन के प्रयोग से त्वचा दमकती है।

इसलिए लेडीज, बेसन को अपनी डाइट और ब्यूटी रूटीन, दोनों में आज ही जगह दें।

0 कमेंट्स

कृपया अपना कमेंट पोस्ट करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।