यदि आप बैठे हुए अधिक समय बिताते हैं तो लोअर बैक में दर्द को कम करने के 5 तरीके

क्या आप भी वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस में देर पर कुर्सी पर बैठते है? इससे कई लोगों को लोअर बैक में दर्द होता है चलिए जानते उसे कैसे कम करना है।
apni peth ko is tarah de araam
वर्क फ्रॉम होम के कारण कमर दर्द की समस्या होने की संभावना बनी रहती है। चित्र: शटरस्टॉक
संध्या सिंह Published: 11 Feb 2024, 08:00 am IST
  • 134

कोविड के बाद लोगों की लाइफ कुछ ज्यादा ही निष्क्रिय हो गई है। वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ चुका है। लोग पूरा पूरा दिन आपने घरों में रहते है। कई लोग ऑफिस जाते है तो भी कुर्सी पर बैठकर काम करते है और फिर कार में बैठकर घर आ जाते है। इसके बाद सोशल मीडिया ने सारी कसर पूरी कर दी है जो लोगों को थोड़ा सा समय देता था अब वो सोशल मीडिया ले चुका है। इस गतिहीन जीवनशैली से कई लोगों को लोअर बैक में प्रोबल्म होने लगती है।

बहुत देर तक बैठने से पीठ दर्द एक आम चिंता है जो जोड़ों की गतिशीलता, मांसपेशियों की ताकत और कार्य और यहां तक कि सांस लेने से भी जुड़ा है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि जो लोग घर से काम कर रहे हैं वे काम करते समय अपने शारीरिक स्वरूप के बारे में सक्रिय रहें।

इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने फोर्टिस अस्पताल, वाशी में ऑर्थोपेडिक्स और रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन के निदेशक डॉ. प्रमोद भोर से।

Mahilayon ke dard prabhandhan ka kaise rekhein khayal
जानिए क्या है महिलाओं के दर्द प्रबंधन से जुड़ी जटिलताएं। चित्र अडोबी स्टॉक

बहुत देर तक बैठने से होने वाले लोअर बैक से कैसे बचें

1 स्लाउचिंग, हंचिंग, पॉश्चर

अक्सर हमें कहा जाता है कि झुकना नहीं चाहिए क्योंकि यह खराब पॉश्चर होता है, लेकिन रीढ़ की हड्डी का टेढ़ा होना और कभी-कभी हमारे काम के दौरान झुकना स्वाभाविक है। उदाहरण के लिए, बिस्तर पर बैठे हुए किसी चीज़ को देखना। हम ज्यादा देर तक उसी एक पॉश्चर में नही बैठ सकते है। यही बात कंप्यूटर डेस्क या डाइनिंग टेबल पर भी होनी चाहिए कि हमे ज्यादा देर तक एक स्थिति में नहीं बैठना है। अपने कंधे पीछे और हर चीज़ सीधी रखनी है ये जरूरी नहीं है। इससे गर्दन और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को हर चीज को अपनी जगह पर रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

आपको अपने काम से हर 30 मिनट में उठकर टहलने पर ध्यान देना चाहिए। यह आपकी रीढ़ की हड्डी सीधा करेगा । स्ट्रेचिंग के लिए कम से कम पांच मिनट का ब्रेक ले। इससे आपको एक स्थिति में लंबे समय तक नहीं बैठना पड़ेगा।

2 लैपटॉप एक्सेसरीज़ का रखें ध्यान

यदि आप अभी भी उस लेपटॉप का टचपैड का इस्तेमाल, तो एक अलग कीबोर्ड, माउस और लैप डेस्क लेने पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इन इपकरणों का इस्तेमाल करके आप अपने लैपटॉप पर झुके होने की बजाय सीधे बैठ सकते है। इससे आपको अपने स्थान से थोड़ा आगे पीछे हटने और अपनी पोजीशन को बदलने का भी मौका मिल जाता है।

3 अपने कोर को मजबूत करें

कोर की मांसपेशियों को प्रशिक्षित करने से बैठने से आपके शरीर को सहारा देने में मदद मिलती है। एक मजबूत कोर आपकी रीढ़ को सहारा दे सकती है, जिससे इंटरवर्टेब्रल डिस्क और जोड़ों पर तनाव कम करने में मदद कर सकता है। लोअर बैक में दर्द वाले 30 प्रतिभागियों के साथ एक अध्ययन किया गया जिसमें पांच सप्ताह के कोर मजबूती प्रोग्राम के बाद बैठ कर काम करने के दौरान दर्द में कमी और धड़ की मांसपेशियों की थकान में कमी देखी गई।

back-pain hone ke kaaran
कुछ छोटी-मोटी गतिविधियां कमर दर्द को काफी तेजी से ट्रिगर करती है। चित्र: एडॉबीस्टॉक

4 छोटी- छोटी मूवमेंट करें

यदि नियमित ब्रेक संभव नहीं है तो आपकी कुर्सी पर छोटी-छोटी मूवमेंट आपके लिए मददगार हो सकती हैं। यदि आप थकान महसूस कर रहे हैं या चलने-फिरने का समय नहीं हैं, तो चेयर प्रेस-अप दबाव और दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। सीट के किनारों को पकड़ें, फिर अपने पैरों को कुर्सी से धीरे-धीरे उठाने के लिए बाहों को फैलाएं। अपने पैरों को फर्श पर टिकाकर, आपको केवल कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति में रहना चाहिए।

5 अपने बैठने की आदतों का ध्यान रखें

बैठते समय, वक्त वक्त पर अपने शरीर के पाश्चर का ध्यान रखते रहें, क्या आप पैर लगातार क्रॉस किए हुए रहते हैं? क्या आप एक पैर पर बैठे हैं? क्या आप एक तरफ झुक रहे हैं? दर्द हो रहा है? ये संकेत हो सकते हैं कि आप अपने आसन को बदलें या उस पर ध्यान दें। अगर आपको लोअर बैक में अधिक दर्द है तो अपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।

ये भी पढ़े- थकान के अलावा और भी हो सकते हैं पैरों में दर्द के कारण, राहत के लिए करें इन 4 योगासनों का अभ्यास

BMI

वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

बीएमआई चेक करें

  • 134
लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख