तनाव और नींद की कमी भी बढ़ा देते हैं पीरियड बैक पेन, जानिए कैसे करना है डील

पीरियड्स के दिनों में लोअर बैक पेन एक अम समस्या है। जानते हैं कि क्या हैं पीरियड्स के दिनों में लोअर बैक पेन होने की असल वजह और आप खुद को इस समस्या से कैसे बचा सकते हैं।
Lower back pain ke kya kaaran hai
महिलाओं को पीरियड्स से लेकर मेनोपॉज तक कई तरह के दर्द का सामना करना पड़ता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
ज्योति सोही Published: 20 Oct 2023, 09:00 pm IST
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पीरियड्स के दिनों में लोअर बैक पेन (Lower back pain) होना सामान्य है। सदियों से लोग घरेलू नुस्खों का प्रयोग इस दर्द को ठीक करने के लिए करते आ रहे हैं। हांलाकि गैस्ट्रिक समस्याएं भी इस परेशानी का कारण बन जाती है, जिसमें भूख न लगना और जी मचलाना जैसी समस्या शामिल है। दरअसल, अधिकतर लोग पीरियड साइकल (Period cycle) के दौरान होने वाले दर्द के कारणों से अब भी अनभिज्ञ है। क्या ये दर्द आपको भी सामान्य लगता है। तो यहां जानिएं क्या हैं पीरियड्स के दिनों में लोअर बैक पेन के कारण (Back pain during menstrual cycle) और कैसे इस समस्या से बचा जा सकता है।

इस बारे में एबीवीआईएमएस और डॉ आरएमएल अस्पताल नई दिल्ली में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अंजुम आरा बताती है कि डिसमिनोरिया यानि पीरिसड्स में होने वाला वो असहनीय दर्द जो कई कारणों से बढ़ जाता है। उनके मुताबिक डोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड गर्भाशय, पेल्विक संक्रमण यानि पीआईडी और एसटीआई दर्दनाक पीरियड्स का कारण बनते हैं।

कम उम्र की लड़कियों का अधिकतर पीरियड पेन की शिकायत रहती है। मासिक धर्म के दौरान अगर आपको भी पांच दिन तक दर्द रहता है, तो डॉक्टरी जांच ज़रूर करवाएं।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार मासिक धर्म में डिसमेनोरिया यानि दर्द व ऐंठन की समस्या सबसे अधिक पाई जाती है। रिपोर्ट के अनुसार पीरियड साइकल के दौरान लगभग आधे से ज्यादा लोग मासिक धर्म चक्र में एक या दो दिनों के लिए दर्द का अनुभव करते हैं।

पीरियड्स में होने वाले दर्द के कारण

1. फाइब्रॉएड (Fibroid)

गर्भाशय फाइब्रॉएड यानि गर्भाशय या गर्भ में बनने वाले टयूमर को कहा जाता है। अधिकतर 30 या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं इस समस्या से होकर गुज़रती है। इसके चलते महिलाओं को अनियमित महावारी, मासिक धर्म के दौरान दर्द का बढ़ना, लोअर बैक पेन और सेक्स के दौरान दर्द महसूस होने लगता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी में भी कई मुश्किलात का सामना करना पड़ता है।

period cramp ke kya kaaran hote hain
ऐसे में महिला को साधारण दिनों की तुलना में ज्यादा दर्द हो सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

2. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (Pelvic Inflammatory Disease)

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज यानि पीआईडी एक प्रकार का संक्रमण होता है। जो जेनिटल्स में दर्द व बैक्टीरियल इंफे्क्शन का कारण सिद्ध होते हैं। सेक्स के दौरान इस संक्रमण के फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान महिलाओं की लोअर बैक में पेन की समस्या बढ़ने लगती है।

3. एडिनोमायोसिस

एडिनोमायोसिस उस स्थिति को कहते हैं, जब यूटर्स की लाइनिंग में टिशूज यूटरिन वॉल में ग्रो होने लगते हैं। इसके चलते पीरियड्स में ब्लड फ्लो बढ़ने लगता है, पेट में ऐंठन होती है और सेक्स के दौरान दर्द होने लगता है।

इन टिप्स की मदद से पीरियड्स में होने वाली ऐंठन होती है दूर

1. हीट थेरेपी

मसल्स को रिलैक्स रखने के लिए हीट थेरेपी कारगर साबित होती है। इसके लिए हॉट वॉटर बॉटल या हीटिंग पैड का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा हॉट शॉवर बाथ मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन को दूर कर देता है। पीरियड्स के दिनों में हीट थेरेपी के इन आसान उपायों की मदद स ऐंठन से राहत मिलने लगती है।

2. शारीरिक गतिविधियां भी ज़रूरी

शरीर को मूव करने से आपका पेन बढ़ने की जगह घटने लगता है। ऐसे में शरीर को लगातार एक्टिव बनाए रखें। जो ब्लड सर्कुलेशन को नियमित कर देता है और दर्द से राहत मिलने लगती है। इससे मसल्स में होने वाली स्टिफनेस भी दूर होने लगती है। आप दिन में दो दफा मॉडरेट एक्सरसाइज़ की मदद से इस परेशानी को हल कर सकते हैं।

High intensity workout periods mei fayda pahunchaate hain
आप दिन में दो दफा मॉडरेट एक्सरसाइज़ की मदद से इस परेशानी को हल कर सकते हैं। चित्र शटरस्टॉक।

3. नींद पूरी करना ज़रूरी

8 से 10 घंटे की नींद लेने से लोअर बैक पेन की समस्या हल हो जाती है। ऐसे में पूरी नींद लें और शरीर को कुछ देर के लिए आराम दें। इससे मासिक धर्म के दौरान शरीर में होने वाली ऐंठन से राहत मिलने लगती है। वे महिलाएं जो इन दिनों में पूरी नींद नहीं लेती है। उन्हें तनाव से भी होकर गुज़रना पड़ता है।

4. तनाव से रहें दूर

बॉडी को रिलैक्स रखने के लिए कुछ समय अपने साथ और अपी वेलनेस के लिए प्रयोग करें। ये आपके शरीर को पीरियड्स में लोअर बैक पेन से राहत दिलाता है। इसके लिए दिनभर में कुछ वक्त मेडिटेशन, योग और डीप ब्रीदिंग के लिए निकालें। इससे तनाव और चिड़चिड़ापन दूर होने लगता है और आप खुश व मेंटली तौर पर मज़बूत होने लगते हैं।

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लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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