Sex after Baby : 7 टिप्स, जो मां बनने के बाद भी आपकी सेक्स लाइफ को बनाए रखेंगे प्लेजरेबल

Published on:19 February 2024, 12:00pm IST

बच्चे के जन्म के साथ भी महिलाओं के जीवन में कई परिवर्तन आने लगते हैं। बेबी के बर्थ के बाद जहां न्यू मॉम्स बेबी केयर के कारण ओवर ऑक्यूपाई हो जाती हैं, तो इसका असर सेक्सुअल लाइफ पर भी नज़र आने लगता है। महिलाओं के लिए अब बच्चा पहली प्रायोरिटी बन जाता है। जानते हैं इस समस्या से कैसे करें डील।

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डिलीवरी के बाद कब करना चाहिए सेक्स
Edging se der tak sex ka anand uth skte hain

डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपने हर की फिजिकल हेल्थ और मेंटल हेल्थ कई प्रकार से प्रभावित होती है। ओवरवेट होने से लेकर वेजाइना लूज होने तक महिलाएं बेहद चिंतित रहने लगती है। इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ आस्था दयाल का कहना है कि चाहे नॉर्मल डिलीवरी हो या सिजे़रियन, महिलाओं को 6 हफ्तों तक पार्टनर के साथ सेक्स अवॉइड करने की सलाह दी जाती है।

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कॉन्ट्रासेप्टिव और कंडोम का करें इस्तेमाल
condom istemal krne ka tarika

एक्सपर्ट के अनुसार डिलीवरी के बाद लंबे समय तक पीरियड न आने के चलते अधिकतर कपल्स अनप्रोटेक्टिड सेक्स करने लगते हैं। हांलाकि शरीर में एग फॉर्मेशन की शुरूआत हो जाती है, जिससे अनचाही प्रेगनेंसी के चांस बढ़ने लगते हैं। ऐसे में कॉन्ट्रासेप्टिव और कंडोम का इस्तेमाल अवश्य करें। इससे आप लंबे वक्त तक टेंशन फ्री होकर सेक्सुअल लाइफ को एजॉय कर सकते हैं।

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लुब्रिकेंटस का प्रयोग कर दूर करें ड्राइनेस

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार कम एस्ट्रोजन योनि में सूखेपन का कारण बनने लगता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को पेनफुल सेक्स का सामना करना पड़ता है। योनिमें बढ़ने वाली ड्राइनेस की समस्या को लुब्रिकेंटस का इस्तेमाल करके हल किया जा सकता है। वे महिलाएं जो नॉर्मल डिलीवरी से होकर गुज़रती हैं। उन्हें सेक्स के दौरान ज्यादा तकलीफ का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरी चेकअप के बाद ही पेनिटरेटिव सेक्स के लिए तैयार होना चाहिए।

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मासटरबेशन से मिलता है सेल्फ प्लेजर
masturbation ko kaise better banayein

बच्चे के जन्म के बाद मासटरबेट करने से अपने शरीर पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। साथ ही सेल्फ प्लेजर का ये बेहतरीन उपाय है। इससे पता लगाया जा सकता है कि आपको क्या पसंद है और क्यानहीं। मासटरबेशन की मदद से आप दोबारा से सेक्सुअली एक्टिव होने लगते हैं। पार्टनर को ये बता सकते हैं कि कब और कैसे खुद को संतुष्ट महसूस करते हैं। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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सेक्स के समय पहनें नर्सिंग ब्रा
raat me bra pehan kar sone se breast sagging ki problem ho sakti hai.

लेकटेटिंग मदर्स को सेक्स के दौरान ब्रेस्ट लीकेज से बचने के लिए नर्सिंग पहननी चाहिए। फुली अराउस्ड होने के बाद निप्पल स्टिम्यूलेट होने लगते हैं, जिससे लीकेज होने लगती है। डिलीवरी केकुछ महीनों तक सेक्स के दौरान मिल्क लीकेज को अवॉइड करने के लिए नर्सिंग ब्रा की मदद ले सकते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से ब्रेस्ट को शेप में रखा जा सकता है।

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जितना भी समय मिले उसे एंजॉय करें
Sex partner badalne se badhta hai cancer ka khatra

डिलीवरी के बाद कपल की एक्पेक्टेंशस और नीड्स धीरे धीरे चेंज होने लगती हैं। दरअसल, न्यू परेंटस के पास अपने लिए प्राइवेट टाइम कम बचता है। ऐसे में जो भी समय मिले उसे फुली एजॉय करें। आपकिन मूवमेंटस में प्लेजर का अनुभव करते हैं, वो सभी बातें पार्टनर से शेयर करें। खुद को हैप्पी और रिलैक्स रहने के लिए सेक्सुअली एक्टिव होना ज़रूरी है।

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खुद की तुलना अन्य लोगों से न करें
Postpartum depression se kaise bahar aayein

डिलीवरी के बाद महिलाओं का वज़न बढ़ जाता है और शरीर के पोश्चर में बदलाव आने लगता हैं। ऐसे में खुद को अन्य लोगों से कम आंकना आत्मविश्वास को कम कर देता है। अपने शरीर को लेकर परेशान न होऔर बॉडी को हेल्दी बनी रहने दें। बॉडी को स्लिम बनाने के लिए जल्दबाज़ी न करें।

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एक्सरसाइज़ है ज़रूरी

डॉक्टरी सलाह के बाद ही एक्सरसाइज़ को करना शुरू करें। इससे शरीर में एनर्जी, सेक्सुअल हेल्थ और आत्म विश्वास को मज़बूती मिलती है। इससे शरीर में हार्मोनल असंतुलन से राहत मिल जाती है। व्यायाम से शरीर में बढ़ने वाला लचीलापन सेक्सुअल लाइफ को हेल्दी और फिट बनाए रखने में मदद करता है।