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क्या आपके पीरियड्स इस महीने जल्दी आ गये हैं? यहां हैं पीरियड्स जल्दी आने के 9 कारण

कभी-कभी पीरियड 18 दिन पर ही हो जाते हैं, जबकि 21 दिन और 25 वें दिन पीरियड हो जाने की समस्या का सामना बहुत सारी महिलाओं को करना पड़ता है। पीरियड का समय से पहले आना आपको थोड़ा परेशान कर सकता है। इसलिए आपको इसके कारणों को जानना चाहिए।
Updated On: 27 Nov 2024, 06:18 pm IST
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Dr. Ritu Sethi
मेडिकली रिव्यूड
period pain se raahat
पर्सनल हाइजीन को बनाए रखने के अलावा कुछ ऐसी टिप्स भी हैं जो आपको आराम पहुँचाने में मददगार साबित होती हैं। चित्र : अडॉबीस्टॉक

किशोरावस्था के लेकर गर्भावस्था तक महिलाओं के जीवन में शारीरिक और मानसिक तौर पर काफी कुछ घटित होता है। मासिक धर्म चक्र भी इन्हीं प्रक्रियाओं का हिस्सा है। किसी को तीन दिन पीरियड्स होते हैं, तो किसी को 7, ये हर महिला की शरीरिक बनावट के हिसाब से बदलते रहते हैं। कुछ महिलाओं के पीरियड्स अनियमित (Irregular period) होते हैं। जबकि कुछ को पीरियड्स जल्दी (early periods) होने की समस्या से जूझना पड़ता है।

अगर एक बार पीरियड्स जल्दी (early periods) हो जाएं तो यह चिंता की बात नहीं है। पर अगर यह लगातार हो रहा है तो यह आपके लिए स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी संकेत हो सकते हैं। आपका मासिक धर्म चक्र आपकी वर्तमान पीरियड्स के पहले दिन से शुरू होता है। इसकी समाप्ति अगले पीरियड्स के पहले दिन होती है। औसतन, एक चक्र 21 से 39 दिनों के बीच होता है। इसलिए आपके द्वारा ब्लीड किए जाने वाले दिनों की संख्या भी अलग-अलग होती है।

अगर आपकी पीरियड्स साइकिल या चक्र 21 दिनों  (Period in 21 days) की है, तो यह एक चिंताजनक बात है और आपको इस बदलाव को नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये आपके शारीरिक स्वास्‍थ्‍य के बारे में बहुत कुछ बताता है।

यहां हैं जल्‍दी पीरियड्स आने के लिए जिम्‍मेदार 9 कारण (Causes of early period)

1. प्रीमेनोपॉज़

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह रजोनिवृत्ति से पहले के पीरियड्स हैं। आम तौर पर ये मध्य-चालीसवें या बाद के वर्षों में शुरू होता है। ज्यादातर मामलों में चार साल तक चलता है। इस समय के दौरान, हार्मोन के स्तर में भारी उतार-चढ़ाव देखा जाता है। जिससे हर महीने ओव्यूलेशन नहीं हो सकता। इससे अनियमित या पीरियड 18 दिन या 21 दिन (early periods) पर भी हो सकते हैं।

मेनोपॉज के साथ कई तरह की समस्‍याएं भी हो सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
मेनोपॉज के साथ कई तरह की समस्‍याएं भी हो सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

कुछ मामलों में, महिलाओं को योनि का सूखापन या चिड़चिड़ापन भी अनुभव होता है।

2. इंटेंस एक्सरसाइज

आप सोच सकती हैं कि जिम में कसरत करना आपके शरीर की मदद कर रहा है। पर, हर चीज में संतुलन की जरूरत होती है। बहुत जोरदार व्यायाम आपके पीरियड्स को रोक सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जो एथलीटों में सबसे अधिक देखी जाती है।

यहां तक ​​कि अगर पीरियड्स बंद नहीं होते हैं, तो यह जल्दी पीरियड्स (early periods) होने का कारण बनता है। उचित ऊर्जा के बिना, आपका शरीर सामान्य तरीके से ओव्यूलेट करने के लिए पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाएगा।

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3. वजन में उतार-चढ़ाव

ज्यादातर मामलों में, आपके पीरियड में कोई भी बदलाव आपके वजन से जुड़ा होता है। चाहे, तेजी से वजन घट रहा हो या बढ़ रहा हो, आपके हार्मोन पर प्रभाव डाल सकता है। जब ऐसा होता है, तो आपके पीरियड्स प्रभावित हो जाते हैं। जिससे आपको समय से पहले ही माहवारी (early periods) हो सकती है।

वजन बढ़ना और घटना दोनों ही पीरियड्स को प्रभावित करते हैं। चित्र : शटरस्‍टॉक
वजन बढ़ना और घटना दोनों ही पीरियड्स को प्रभावित करते हैं। चित्र : शटरस्‍टॉक

4. तनाव

तनाव के बारे में बात किये बिना कोई भी सूची कैसे पूरी हो सकती है?आपके तनाव का स्तर आपके हार्मोन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। जिससे अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं। कारण कोई भी हो, खुद को तनाव मुक्त करने के तरीके खोजें।

5. हार्मोनल बर्थ कंट्रोल

गर्भनिरोधक गोलियों में मौजूद हार्मोन, ओव्यूलेशन और आपके पीरियड्स पर सीधा प्रभाव डालते हैं। यदि आप नियमित रूप से गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं, तो आपकी अगले पीरियड का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके चक्र के दौरान आपने गोलियां लेना कब शुरू किया था।

हॉर्मोनल पिल्स से बेहतर है स्परमिसाइडल क्रीम।चित्र- शटरस्टॉक।

इसके अलावा, अंतर्गर्भाशयी उपकरणों जैसे विकल्प भी मासिक धर्म चक्र अनियमितताओं का कारण बन सकते हैं, लेकिन केवल शुरुआती दो से तीन महीनों में।

6. पीसीओएस

पीरियड्स जल्दी (early periods) होने के लिए एक और कारण पीसीओएस या पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम है, जो प्रत्येक 10 महिलाओं में 1 को प्रभावित करता है। वास्तव में, यह बहुत सी महिलाओं में अनियंत्रित हो जाता है। जब तक कि वे बेबी प्‍लान नहीं करते। पीसीओएस के कुछ सबसे सामान्य लक्षणों में अनियमित पीरियड्स (Irregular period), मिस्ड पीरियड्स (Period miss hona), मुंहासे, वजन बढ़ना और शरीर पर अत्यधिक हेयर ग्रोथ शामिल हैं।

7. एंडोमेट्रियोसिस

यह मासिक धर्म विकार तब होता है जब ऊतक जो आपके गर्भाशय को लाइन करता है वह गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। इस स्थिति में, महिलाएं केवल अनियमित पीरियड्स से नहीं गुजरती हैं, बल्कि मासिक धर्म में गंभीर ऐंठन, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और सेक्स के दौरान दर्द (Pain during sex) का अनुभव करती हैं।

8. अनियंत्रित मधुमेह

जब मधुमेह का समय पर निदान नहीं किया जाता है, तो रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से बहुत अधिक होता है। 2011 में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि टाइप 2 मधुमेह वाली महिलाओं में अनियमित पीरियड्स (early periods) थे।

डायबिटीज करती है पीरियड्स को प्रभावित। चित्र: शटरस्‍टाॅक
डायबिटीज करती है पीरियड्स को प्रभावित। चित्र: शटरस्‍टाॅक

9. थायराइड की बीमारी

यह माना जाता है कि आठ में से एक महिला को अपने जीवनकाल में थायरॉयड की समस्या होगी। जब थायरॉयड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती है, तो आपका चयापचय और मासिक धर्म चक्र अनियंत्रित हो जाता है। ज्यादातर मामलों में, पीरियड्स सामान्य से काफी हल्के होते हैं और जल्दी आते हैं। अप्रत्याशित रूप से वजन बढ़ना या कम होना भी इसका एक कारण है।

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लेखक के बारे में
योगिता यादव
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं।योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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