Heat wave : लू लगना कई और समस्याओं का कारण बन सकता है, जानिए इससे बचने के उपाय

Published on: 30 April 2022, 10:00 am IST

अप्रैल का अंत होते गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे मौसम में आपको लू लगने की समस्या न हो, इसके लिए खास एहतियात बरतना जरूरी है।

aapko bhi lag sakti hai loo
हीट वेव्स के स्वास्थ्य पर क्या दुष्प्रभाव होते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

गर्मियों में बढ़ता तापमान स्वास्थ्य के लिए कई समस्याएं खड़ी कर सकता है। इतना ही नहीं, दोपहर में चलने वाली हीट वेव्स यानी लू आपकी तबियत खराब कर सकती हैं। आंकड़ों की मानें तो इस बार अप्रेल के महीने में ही तापमान इतना बढ़ गया है कि जून – जुलाई की गर्मी को मात दे रहा है।

हीटवेव और गर्म मौसम जो कई दिनों रह सकता है और कई लोगों की मृत्यु का कारण बन सकता है। हीटवेव प्राकृतिक खतरों में सबसे खतरनाक हैं, लेकिन शायद ही कभी इसपर ध्यान दिया जाता है क्योंकि लोगों की मृत्यु हमेशा स्पष्ट नहीं होते हैं। 1998-2017 से, 166,000 से अधिक लोग हीटवेव के कारण मारे गए।

गर्मी में तेजी से वृद्धि शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता से समझौता करती है और इसके परिणामस्वरूप गर्मी में ऐंठन, थकावट, हीटस्ट्रोक और हाइपरथर्मिया सहित कई बीमारियां हो सकती हैं। हीटवेव्स कार्डियोवैस्कुलर, श्वसन, और सेरेब्रोवास्कुलर बीमारी और मधुमेह से संबंधित स्थितियों सहित कई स्थितियों को भी खराब कर सकती हैं।

dhoop se bachkar rahein
धूप से बचकर रहें। चित्र : शटरस्टॉक

क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती हैं हीट वेव्स

1 हीटस्ट्रोक

बहुत तेज़ धूप या हीटवेव्स के कारण हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 98.7 डिग्री फ़ारेनहाइट होता है। और इसे नियंत्रित न कर पाने की कमी हीटस्ट्रोक का कारण बनती है। हीटस्ट्रोक के कारण व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है या उसे उल्टियां आ सकती हैं। शरीर में तेज़ दर्द भी इसका कारण हो सकता है।

ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, और व्यक्ति को धूप से हटाएं।

2 गर्मी से थकावट

गर्मी की थकावट हीट स्ट्रोक की तुलना में हल्की होती है, लेकिन इसका कारण समान होता है। यह आपके शरीर के बढ़ते तापमान के कारण होता है, और यह अक्सर डिहाइड्रेशन से जुड़ा होता है। हीट स्ट्रोक के विपरीत, जब गर्मी से थकावट होती है, तो आप ज़्यादा पसीना बहाते हैं।

इसके अन्य लक्षणों में सिरदर्द, बेहोशी, अत्यधिक प्यास, चक्कर आना, मतली, उल्टी या दस्त, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और तेज दिल की धड़कन शामिल हैं। इसलिए, यदि आपको इसके कोई भी लक्षण देखने को मिलें, तो अपना लिक्विड इंटेक बढ़ाएं।

3 हीट हाइव्स

हीट हाइव्स, जिसे पित्ती के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रकार का पित्ती यानी हाइव है जो शरीर का तापमान बढ़ने या अचानक से ठंडा गर्म मिलने पर होता है। पित्ती के सबसे आम प्रकारों में से एक है और कम से कम 15 प्रतिशत आबादी में होता है।

यह स्थिति आमतौर पर गर्मी या पसीने से होने वाली एलर्जी के कारण होती है। यह व्यायाम, हॉट शॉवर लेने, गर्म कमरे में रहने, मसालेदार भोजन खाने, परेशान होने या चिंता का अनुभव करने के कारण ट्रिगर हो सकती है।

sunbrun se bachkar rahein
सनबर्न से बचकर रहें। चित्र : शटरस्टॉक

हीटवेव से अपना बचाव करने के लिए आप क्या कर सकती हैं

घर के सबसे ठंडे कमरे में सोएं, खासकर रात में।

यदि अपने घर को ठंडा रखना संभव नहीं है, तो दिन के 2-3 घंटे किसी ठंडी जगह में बिताएं।

दिन के सबसे गर्म समय में बाहर जाने से बचें।

हो सके तो ज़ोरदार शारीरिक गतिविधि से बचें। यदि आपको इंटेन्स एक्सरसाइज करनी है, तो इसे दिन के सबसे ठंडे समय में करें जैसे सुबह।

जितना हो सके छाया में रहें।

बच्चों या जानवरों को खड़े वाहनों में न छोड़ें।

शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखें। ठंडे पानी से स्नान करें।

हल्के, ढीले-ढाले कपड़े पहनें। यदि आप बाहर जाते हैं, तो टोपी और धूप का चश्मा पहनें।

शराब और बहुत अधिक कैफीन और चीनी से बचें।

छोटे भोजन करें और अधिक बार खाएं। उन खाद्य पदार्थों से बचें जो प्रोटीन में उच्च हैं।

यह भी पढ़ें ; क्या ‘स्वस्थ महिलाएं’ भी हो सकती हैं स्तन कैंसर की शिकार? विशेषज्ञ से जानिए इसके बारे में

ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

स्वास्थ्य राशिफल

ज्योतिष विशेषज्ञ से जानिए क्या कहते हैं आपकी
सेहत के सितारे

यहाँ पढ़ें