प्रेगनेंसी में गांजे का सेवन बच्‍चे और मां दोनों के लिए हो सकता है खतरनाक

युवाओं के लिए रेव पार्टी अब कोई नया शब्‍द नहीं है। प्रतिबंधित होने के बावजूद लोग अलग-अलग कारण बताकर गांजा सहित कई ड्रग्स का सेवन करते हैं। पर अगर आप गर्भवती हैं, तो यह आपकी और आपके बच्‍चे की मेंटल हेल्‍थ के लिए खतरनाक हो सकता है।
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धूम्रपान आपकी मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित करता है। चित्र:शटरस्टॉक
विदुषी शुक्‍ला Updated: 10 Dec 2020, 12:35 pm IST
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पिछले कुछ दिनों में ड्रग्स, खासकर भांग और गांजा सुर्खियों में है। बॉलीवुड से लेकर समाज के हर वर्ग तक गांजा और अन्य ड्रग्स कहीं न कहीं शामिल हैं। नौजवानों में इस ड्रग का प्रयोग अक्सर देखा जाता है। गैरकानूनी होने के साथ-साथ गांजे का सेवन आपके लिए खतरनाक भी है। यदि आप गर्भवती हैं तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य पर खतरनाक प्रभाव डाल सकता है।

क्या कहती है यह रिसर्च?

वाशिंगटन कॉलेज फैकल्टी ऑफ मेडिकेशन की रिसर्च के मुताबिक गर्भवती महिलाओं में गांजे का सेवन, प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर में भी, पागलपन का कारण बन सकता है।
सेंट लुईस की इस स्टडी ने 11,500 नौजवान गर्भवती महिलाओं पर अध्ययन किया, जिसमें प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्तों में गांजे का धूम्रपान करने के दुष्प्रभाव देखे गए।

हालांकि जो ड्रग्स की लत में होते हैं, उनके लिए इस लत से बाहर निकलना मुश्किल होता है, लेकिन अगर गर्भावस्था में इस लत के आगे झुक गयीं तो बच्चे के साथ-साथ मां का मानसिक संतुलन भी प्रभावित होता है।

गर्भावस्था में गांजे का प्रभाव। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या होता है THC का शिशु पर प्रभाव?

गर्भ में पल रहे शिशु पर गांजे का बहुत खतरनाक प्रभाव हो सकता है। शिशु में पैदा होने के बाद से ही हैलुसिनेशन यानी मतिभ्रम होने लगता है। हालांकि इन लक्षणों का स्तर इस पर निर्भर करता है कि मां ने कितना अधिक गांजा सेवन किया है। गंभीर स्थितियों में बच्चे को काल्पनिक दृश्य भी दिखने लगते हैं।

JAMA साइकाइट्री में प्रकाशित इस शोध में पाया गया कि शिशु के मस्तिष्क पर इसका परमानेंट प्रभाव पड़ता है, जो बच्चे को सायकोटिक भी बना सकता है। ऐसे बच्चों में सिज़ोफ्रेनिया यानी काल्पनिक यथार्थ में जीने की समस्या भी होती है।

सीबीडी ऑयल के कुछ रिस्‍क भी हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
आपको जानने चाहिए गर्भावस्‍था में गांजे के सेवन के दुष्‍प्रभाव। चित्र: शटरस्‍टॉक

मां पर भी इसका प्रभाव बहुत खतरनाक है…

शोधकर्ताओं का मानना है कि अधिकांश महिलाएं गांजे का सेवन गर्भावस्था के बारे में जानकारी होने से पहले ही करती हैं। लेकिन गर्भावस्था के पहले दो हफ्तों में भी गांजे का सेवन, एक्टिव या पैसिव, मां के स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही खतरनाक है, जितना शिशु के लिए।
गर्भावस्था में गांजा धूम्रपान करने से मां में अत्यधिक मूड स्विंग, अनिद्रा की समस्या और साइकोपैथिक बर्ताव देखने को मिलता है।

अगर पहले से लत में हैं तो क्या करें?

अगर आपको गांजे या किसी अन्य ड्रग की लत है, तो सबसे पहले प्रेगनेंसी प्लान न करें। अगर आप फैमिली प्लान कर रही हैं, तो इन सभी आदतों को पहले ही छोड़ दें।

ड्रग्स के बारे में सुन-पढ़ रहे हैं तो आपको इस स्टडी के बारे में जानना जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अगर आप बिना जानकारी के गांजे के करीब आईं हैं, यदि उस वक्त आपको गर्भावस्था की जानकारी नहीं थी या आपको पैसिव स्मोक मिला है, तो बिना समय बर्बाद किये अपने डॉक्टर से सलाह लें।

शोधार्थियों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान ही नहीं उसके निकट भी आपको किसी भी प्रकार के ड्रग से दूर रहना चाहिए। इस तरह के ड्रग्स मस्तिष्क पर बहुत गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
प्रतिबंधित ड्रग्स का सेवन अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और इससे दूर रहना चाहिए।

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पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते। ...और पढ़ें

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