एक नहीं 6 तरह के होते हैं मुंहासे, छुटकारा पाने के लिए आजमाएं नेचुरोपैथी के 5 उपाय 

मुंहासे न सिर्फ आपके चेहरे को, बल्कि आपके पूरे आत्म विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में ये घरेलू उपाय आपको इनसे निजात दिला सकते हैं

मुंहासों के लिए अपनाएं ये नेचुरोपैथी के उपाय, चित्र:शटरस्टॉक
शालिनी पाण्डेय Published on: 9 September 2022, 18:37 pm IST
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मुंहासे होने का सबसे बुरा हिस्सा इसके आफ्टर-इफेक्ट्स यानी मुंहासों के निशान हैं। और ये बहुत आम हैं।  हालांकि, मुंहासों के निशान स्थायी नहीं होते। पर जब तक ये रहते हैं, किसी को भी अहसज कर सकते हैं। हालांकि आपको इनके लिए शर्मिंदा होने या मुंह छुपाने की जरूरत नहीं। इनके उपचार उपलब्ध हैं। ये न सिर्फ मुंहासे ख़त्म करते हैं, बल्कि उनके निशान भी पूरी तरह से हटा देते हैं। जबकि कुछ उपचार कोलेजन प्रोडक्शन के साथ त्वचा को स्वयं ठीक होने में मदद करते हैं। 

कब और क्यों होते हैं मुंहासे 

11 से 30 वर्ष की आयु के बीच की लगभग 80% आबादी को मुंहासे होते ही हैं। हर पांच में से एक व्यक्ति को इसके कारण दाग-धब्बों का सामना करना पड़ता है। मुंहासे के निशान आपके आत्मसम्मान को प्रभावित कर सकते हैं या मनोवैज्ञानिक संकट पैदा कर सकते। ये आपके सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, मुंहासों और उनके निशान से छुटकारा पाने के लिए आप इनमें से कुछ घरेलू उपचारों को आजमा सकती हैं। 

मुंहासों के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए हेल्थ शॉट्स ने बात की नेचुरोपैथी एक्सपर्ट डॉक्टर गगन भाटिया से, जिन्होंने मुंहासे और उनके इलाज के बारे में विस्तार से बताया

मुंहासे का क्या कारण है? 

जीवाणु, मृत त्वचा, त्वचा में तेल, त्वचा पर बंद रोमछिद्र, मुंहासे के लिए अनुवंशिक प्रवृत्ति इसके लिए जिम्मेदार कारण हो सकते हैं। ये मुख्य रूप से चेहरे, छाती और पीठ पर वसामय (तेल) ग्रंथियों वाले त्वचा क्षेत्रों पर अधिक दिखाई दे सकते हैं। मुहांसों की सूजन के कारण इसके निशान बन जाते हैं। कुछ निशान सतही होते हैं, जबकि अन्य गहरे होते हैं। सतही निशान उथले होते हैं और जल्दी ठीक हो सकते हैं।

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मुंहासे दर्दनाक भी हो सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

 कुछ मुंहासे सूज जाते हैं और फिर टूट जाते हैं। उनके भीतर की सामग्री आसपास के ऊतकों में रिस जाती है, जिससे गहरे निशान हो जाते हैं। त्वचा नए कोलेजन (एक प्रकार का प्रोटीन) फाइबर पैदा करके निशान को ठीक करती है। निशान तब होता है जब शरीर मुंहासों को ठीक करने की कोशिश करता है। 

एक नहीं 6 प्रकार के होते हैं मुंहासे 

ब्लैकहेड्स (blackheads) 

छोटे काले या पीले दाने जो त्वचा पर विकसित होते हैं। उनमें गंदगी नहीं होती, लेकिन रंग में काले होते हैं। क्योंकि बालों के रोम की अंदरूनी परत रंग का उत्पादन करती है (pigmentation)

वाइटहेड्स (whiteheads) 

ये ब्लैक हेड के ही जैसे दिखते हैं, लेकिन ज़्यादा कठोर हो सकते हैं और दबाने पर खाली नहीं होते।

ब्लैकहेड का सफाया भी हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

पैप्यूल (papules) 

छोटे लाल गांठ जैसे मुंहासे, जो छूने पर संवेदनशील या पीड़ादायक महसूस होते हैं।

पोस्ट्यूल (pustules) 

यह पैप्यूल के समान, लेकिन केंद्र में एक सफ़ेद टिप होता है, जो मवाद के इकट्ठा होने के कारण होता है।

गांठ (nodules)

बड़ी कठोर गांठ जो त्वचा की सतह के नीचे बनती हैं और दर्दनाक हो सकती हैं

सिस्ट (cysts)

ये मुंहासे मवाद से भरी हुई बड़ी गांठ हैं जो फोड़े के समान दिखते हैं और इनसे ना मिटने वाले निशान बनने का जोखिम रहता है।

नेचुरोपैथी के अनुसार ये उपाय कर सकते हैं मुंहासों से छुटकारा पाने में आपकी मदद

1. रोज़ सीडऑयल   

गुलाब के बीज का तेल विटामिन सी से भरपूर होता है, जो मुंहासों से निपटने में मदद करता है। ये तेल (RHO) उन यौगिकों में से एक है, जिसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों में त्वचा के दाग-धब्बों में सुधार के लिए किया जाता है। इसका उपयोग वर्षों से निशान को हटाने के लिए किया जाता रहा है। 

इसमें उच्च स्तर के आवश्यक फैटी और असंतृप्त फैटी एसिड होते हैं, जो त्वचा में प्रवेश करने और मुंहासों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप गुलाब के बीज के तेल को सीधे मुंहासे वाली जगह पर लगा सकते हैं।  

2. नींबू

नींबू मुंहासों के बढ़ने के जोखिम को कम करने में मदद करता है। यह कीटाणुनाशक, एक्सफोलिएंट (मृत त्वचा को हटाता है) और त्वचा को हल्का करने का काम करता है। साथ ही नए मुंहासों को बनने से रोकने में भी मदद करता है। 

ब्राह्मी आयुर्वेदिक औषधि है। चित्र: शटरस्‍टॉक
ब्राह्मी आयुर्वेदिक औषधि है जिसे एकने दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

मुंहासों के निशान हटाने के लिए नींबू के रस को रूई की मदद से चेहरे पर लगाएं। आप अपने चेहरे पर थोड़ा सा नींबू का रस लगा सकती हैं और बाद में ठंडे पानी से अपना चेहरा धो सकती हैं। 

3. पेरिविंकल (सदाबहार) 

पेरिविंकल पेस्ट मुंहासों के निशान के लिए मददगार हो सकता है। आप पेरिविंकल, नीम और हल्दी की ताजी पत्तियों का पेस्ट बना सकती हैं और इसे त्वचा के दाग-धब्बों पर लगाएं। नियमित रूप से उपयोग करने पर यह पेस्ट उत्कृष्ट परिणाम देता है।  

4. ब्राह्मी 

ब्राह्मी एक प्रसिद्ध औषधीय जड़ी बूटी है जिसे एंटी इन्फ्लेमेट्री और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। 8 आप ब्राह्मी के कुछ पत्ते ले सकते हैं, उन्हें मैश कर सकते हैं और कुछ हल्दी और नींबू के रस के साथ मिला सकते हैं। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसमें दाग-धब्बों और मुंहासों को दूर करने की क्षमता होती है।  

5. जायफल 

जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। दूध या पानी के साथ बना जायफल का पेस्ट मुंहासों के निशान पर लगाया जा सकता है। आप जायफल और दालचीनी पाउडर भी ले सकते हैं और इसे शहद के साथ मिला सकते हैं। इस पेस्ट का इस्तेमाल चेहरे पर किया जा सकता है। बाद में, आप अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो सकते हैं। यह मुंहासों को दूर करने में मदद करेगा और निशान भी कम करेगा। 

डॉक्टर की सहायता कब लेनी है? 

हालांकि मुंहासे आम हैं, जितनी जल्दी हो सके अपने त्वचा विशेषज्ञ (त्वचा चिकित्सक) से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

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शालिनी पाण्डेय शालिनी पाण्डेय

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