बदलता मौसम बढ़ा सकता है बेबी के लिए परेशानी, जानिए कैसे रखना है नवजात शिशु का ध्यान

पहली गर्मी, पहली बरसात या पहली सर्दी, नवजात शिशु के पहले साल में मौसम का हर बदलाव उसके लिए चुनौतियां बढ़ा देता है। अगर आप अभी हाल ही में मां बनीं हैं तो जानिए कैसे रखना है अपने बेबी का ख्याल।

जानिए बदलते ठंडे मौसम में कैसे करनी है नवजात शिशु की देखभाल। चित्र : शटरस्टॉक
ईशा गुप्ता Published on: 26 October 2022, 19:39 pm IST
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आपने अपने बड़े बुजुर्गो को कहते सुना होगा कि मौसम में बदलाव आने पर नवजात शिशु की देखभाल पर खास ध्यान देना चाहिए। दरअसल मौसम में बदलाव आने पर वातावरण का तापमान गिरने लगता है। आपके बेबी के शरीर को इसके अनुसार ढलने में समय लगता है। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। छोटे बच्चों की इम्युनिटी बड़ों के मुकाबले बेहद कमजोर होती है। जिससे मौसम में बदलाव आने पर बच्चों के बीमार पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। यहां वे 5 टिप्स (how to take care of baby in cold weather) दिए जा रहे हैं, जो नवजात शिशु की देखभाल में आपकी मदद कर सकते हैं।

तो चलिए जानते हैं कि बदलते मौसम में कैसे करनी है नन्हें शिशु की देखभाल

1. मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं

वातावरण में तापमान गिरते ही बच्चों की देखभाल में खास ध्यान देना बहुत जरूरी है। बच्चों का शरीर वातावरण के अनुसार अपना तापमान रेगुलेट नहीं कर पाता। इसमें कपड़ों का सही चुनाव बहुत जरूरी है। इसके साथ ही ध्यान रखें कि आप उन्हें ओवर ड्रेस नहीं करें। क्योंकि इससे उन्हें ओवर हीटिंग की समस्या भी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवर हीटिंग भी बच्चों में सिड्स SIDS (sudden infant death syndrome) का कारण बना सकता है।

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समय से वेक्सिनेशन लेने से बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। । चित्र: शटरस्टॉक

2. इम्युनिटी का रखें ख्याल

मौसम में बदलाव आने पर संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। इसलिए ध्यान रखें कि आप अपने बच्चों को समय से वेक्सिनेशन जरूर करवाएं। वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन बच्चों की इम्युनिटी पर सबसे पहले असर डालते हैं। लेकिन समय से सभी वेक्सिनेशन लेने से बच्चों को संक्रमण के खतरों से बचाया जा सकता है।

आपका दूध बेबी की इम्युनिटी बढ़ाने में सबसे ज्यादा सहायक है। इसलिए कोई भी मौसम हो, बेबी को सही समय पर फीड करवाती रहें।

3. सनलाइट है बहुत जरूरी

बच्चों को सनलाइट थेरेपी देना भी जरूरी है, क्योंकि इससे उनके शरीर को विटामिन डी के साथ सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल पाते है। इसलिए ठंडे होते मौसम में बच्चों को कुछ देर सनलाइट में ले जाना फायदेमंद माना जाता है।

इसके साथ ही ध्यान रखें कि आप उनकी त्वचा पर सन्सक्रीन न लगाएं। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार 6 माह से कम उम्र के बच्चों को सन्सक्रीन नहीं लगानी चाहिए। उनकी स्कीन बहुत ज्यादा सेंसिटिव होती है। साथ ही सीधी धूप देने के बजाय हल्की धूप या छांव में रखने का प्रयास करें।

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बेबी मसाज ऑयल से मसाज करना भी बहुत जरुरी हैं। चित्र: शटरस्टॉक

4. हाइजीन और तेल की मालिश

वयस्कों की तरह बच्चों की हाइजीन पर ध्यान देना भी बेहद आवश्यक है। इस मौसम में बच्चों को हल्के गुनगुने पानी से ही नहलाना चाहिए या गुनगुने पानी में कपड़ा भिगोकर बॉडी क्लीन करनी चाहिए।

इसके साथ ही फंगल इंफेक्शन से बचाए रखने और शरीर में नमी बनाए रखने के लिए बेबी मसाज ऑयल से मसाज करना भी बहुत जरुरी हैं, जिससे उनकी स्किन बेहतर तरीके से मॉइस्चराइज रहे।

5. अपनी डाइट का रखें पूरा ख्याल

बच्चों की इम्युनिटी बनाए रखने के लिए सही पोषक तत्व देना बेहद जरूरी है। बच्चे को ये सभी पोषक तत्व मिलते हैं मां के दूध से। इसलिए जरूरी है कि नई मां अपने आहार का खास ख्याल रखे। जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से बचकर पौष्टिक और संतुलित भोजन खाएं। आइसक्रीम, ठंडा दही, ज्यादा खट्टे पदार्थ आपके साथ आपके बेबी की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इनसे बचकर रहें।

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लेखक के बारे में
ईशा गुप्ता ईशा गुप्ता

यंग कंटेंट राइटर ईशा ब्यूटी, लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े लेख लिखती हैं। ये काम करते हुए तनावमुक्त रहने का उनका अपना अंदाज है।

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