बढ़ते बच्चों को इन 4 योगासनों से करनी चाहिए दिन की शुरूआत, स्टेमिना के साथ लंबाई भी बढ़ेगी
बच्चों में दिनों दिन बढ़ रही फिज़िकल एक्टीविटी की कमी और खराब पोश्चर में बैठना शरीर की लंबाई बढ़ने में बाधा बनने लगता है। इसके चलते एक उम्र से पहले ही बच्चों की लंबाई में वृद्धि नहीं हो पाती है। इसके चलते अक्सर माता पिता निराश और परेशान नज़र आते हैं। अगर आप भी बच्चों की हाइट को लेकर चिंतित है और चाहते हैं कि उनकी हाइट में बढ़ोतरी हो, तो योग एक बेहतरीन बेकल्प है। ऐसा कहा जाता है कि योग में हर समस्या का हल हैं, तो जानते हैं कि किन योगासनों की मदद से लंबाई में बढ़ोतरी होती है (yoga poses to become taller)।
इस बारे में बातचीत करते हुए योग एक्सपर्ट भावना जपत्यानी बताती हैं कि लाइफस्टाइल, इटिंग हैब्टिस और जेनेटिक्स पर शरीर की लंबाई निर्भर करती है। ऐसे में शरीर को स्ट्रेच करने के लिए योगाभ्यास बेहद आवश्यक है। इससे ब्लड सर्कुलेशन नियमित हो जाता है, जिससे बढ़ते बच्चों में मांसपेशियों का विकास होता है। सुबह खाली पेट और शाम के वक्त योगासनों का अभ्यास शरीर को एनर्जेटिक बनाता है और हाईट में भी फर्क नज़र आने लगता है।
लंबाई बढ़ाने के लिए इन योगासनों का करें अभ्यास
1. ताड़ासन (Tree pose)
शरीर के पोश्चर को उचित बनाए रखने और लंबाई को बढ़ाने के लिए ताड़ासन एक बेहतरीन विकल्प है। इसे रोज़ाना 30 सेकण्ड से 1 मिनट तक करने से शरीर का संतुलन बना रहता है और रक्त का प्रवाह नियमित रहता है।
जानें इसे करने की विधि
- इस योगासन को करने के लिए मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को एक दूसरे से चिपका लें।
- अब दाई टांग को घुटने से मोड़ते हुए बाई इन्नस थाई पर टिका लें। शरीर को बैलेंस करने के लिए दीवार का सहारा ले सकते हैं।
- इस दौरान हाथों को नमस्कार की मुद्रा में ले आएं और फिर धीरे धीरे उपर की ओर बाजूओं को स्ट्रेच करने का प्रयास करें।
- गहरी सांस लें और फिर धीरे धीरे छोड़ें। इससे शरीर में एनर्जी बढ़ती है और वो चुस्त बना रहता है।
2. उष्ट्रासन (Camel pose)
कैमल पोज के नाम से जाना जाने वाला उष्ट्रासन शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लेकर आता है। खाली पेट इस योगासन का अभ्यास करने से बेहद फायदा मिलता है। इससे शरीर में जमा चर्बी भी बर्न होने लगती है। साथ ही शरीर की लंबाई में भी वृद्धि होती है।
जानें इसे करने की विधि
- इस योगासन को करने के लिए मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और पीठा को एकदम सीधा रखें।
- अब घुटनों के बल मैट पर बैठ जाएं और गहरी सांस लें व छोड़ें। इसके बाद शरीर को पीछे की ओर झुकाएं।
- दोनो बाजूओं को पीछे की ओर लेकर जाएं और पजों को छूने का प्रयास करें। इस दौरान आंखे बंद रखें।
- शरीर के स्टेमिना के अनुसार इस योगासन को करें और उसके बाद शरीर को ढ़ीला छोड़ दें और लेट जाएं।
3. उत्तान शीशोसन (Puppy pose)
शरीर में लचीलापन बनाए रखने के लिए इस योगासन का अभ्यास किया जाता है। उत्तान शीशोसन से मसल्स मज़बूत बनते हैं और ब्लड सर्कुलेशन नियमित होता है। टीनएजर्स अगर इस योगासन का प्रयास करते हैं, तो कम हाईट की समस्या दूर होने लगती है।
जानें इसे करने की विधि
- इस योगासन को करने के लिए वज्रासन में मैट पर बैठ जाएं और पीठ को एकदम सीधा रखें।
- अब घुटनों के बल खड़े हो और दोनों टांगों के मध्य दूरी बना रखें। इस दौरान सांस पर ध्यान केंद्रित करें।
- कमर को मोड़ें शरीर को धीरे धीरे आगे की ओर झुकाएं। दोनों हाथों को जमीन पर रखें और सिर को जमीन पर टिकाएं।
- सुविधा के लिए सिर के नीचे तकिए का भी प्रयोग कर सकते हैं। 30 सेकण्ड तक इस मुद्रा में रहने के बाद वापिस वज्रासन में लौट आएं।
4. धनुरासन (Bow pose)
शरीर को स्ट्रेच करने के लिए धनुरासन का अभ्यास करें। इससे शरीर हेल्दी बनता है और कैलोरी भी बर्न होने लगती है। इस योगासन को पेट के बल किया जाता है, जिससे गट हेलथ को भी मज़बूती मिलती है।
जानें इसे करने की विधि
- इस योगासन को करने के लिए मैट पर पेट के बल लेटें और पीठ को सीधा रखें। पैरों में दूरी बनाकर रखें।
- अब घुटनों को मोड़ते हुए पैरों को उपर की उठाएं। इसके बाद गर्दन उपर उठाते हुए दोनों बाजूओं को पीछे ले जाएं।
- अब दोनों हाथों से टांगों को पकड़ें। इस दौरान गहरी सांस लें व छोड़ें और ब्रीदिंग पर ध्यान केंद्रित करें।
- इससे शरीर में एनर्जी और स्टेमिना दोनों ही बिल्ढ होने लगते हैं। संबह खाली पेट इसका अभ्यास करना फायदेमंद है।
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