लॉग इन

स्तन कैंसर

Published: 30 Oct 2023, 12:42 pm IST
मेडिकली रिव्यूड

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाली एक बीमारी है, जिसमें ब्रेस्ट टिशूज़ में असामान्य कोशिकाओं यानी एबनॉर्मल सेल्स की अनियंत्रित तरीके से वृद्धि होती है। ये बढ़ती कोशिकाएं स्तन में एक ट्यूमर बनाती हैं, जो कभी-कभी गांठ के रूप में भी प्रतीत होती है । आम भाषा में समझें तो ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सामान्यतः पाया जाने वाला कैंसर है, जो ब्रेस्ट परीक्षण के दौरान आमतौर पर पहचाना जाता है। ब्रेस्ट कैंसर के मामले अक्सर महिलाओं में पाए जाते है, लेकिन कई मामलों में पुरुषों में भी यह कैंसर विकसित हो सकता है।

महिलाओं का इस्ट्रोजेन एक्सपोज़र बढ़ रहा है। इस हार्मोन को कैंसर रिस्क फैक्टर माना जाता है। चित्र : शटरस्टॉक

आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर के कई प्रकार होते हैं, लेकिन सबसे आम प्रकार ‘डक्टल कार्सिनोमा’ है, जो ‘मिल्क डक्ट’ यानी दूध नलिकाओं (वह मार्ग जहां से दूध निपल की ओर बहता है) में उत्पन्न होता है। स्तन कैंसर का एक छोटा प्रतिशत लोब्यूल्स (छोटी ग्रंथियां जिनमें दूध का उत्पादन होता है) में विकसित होता है और इसे ‘लोब्यूलर कार्सिनोमा’ कहा जाता है। डक्टल और लोब्यूलर कैंसर को इस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है कि कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में फैल गई हैं या नहीं। अगर ब्रेस्ट कैंसर सेल्स ‘मिल्क डक्ट्स’ या ‘लोब्यूल्स’ के अंदर तक ही सीमित हैं, तो इसे गैर-आक्रामक (नॉन-इनवेसिव) कैंसर कहा जाता है। लेकिन अगर यह कैंसर सेल्स आसपास के टिशू में फ़ैल जाते हैं या विकसित हो जाते है या शरीर के अन्य भागों में फैल जाता है, तो इसे आक्रामक (इनवेसिव) कैंसर कहा जाता है ।

स्तन कैंसर : कारण

स्तन कैंसर का सटीक कारण अक्सर ज्ञात नहीं होता है। हालांकि, ऐसे कई जोखिम कारक हैं जो स्तन कैंसर के विकास की संभावना को बढ़ाते हैं।

स्तन कैंसर के विकास के बढ़ते सापेक्ष जोखिम से कई कारक जुड़े हुए हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एक या अधिक जोखिम कारक होने से यह गारंटी नहीं मिलती है कि किसी को स्तन कैंसर होगा, और स्तन कैंसर वाले कई लोगों में कोई ज्ञात जोखिम कारक नहीं होता है। स्तन कैंसर के सापेक्ष जोखिम कारकों में शामिल हैं:

1 उम्र बढ़ना

ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उम्र के साथ और अधिक बढ़ता है। ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में अधिकतम केसेज़ में यह देखा गया कि ब्रेस्ट कैंसर के ज्यादातर मामले 50 से अधिक उम्र की महिलाओं में होते हैं।

2 पारिवारिक इतिहास

अगर ब्रेस्ट कैंसर की समस्या कम उम्र में होती हैं तो इसका कारण जेनेटिक्स भी हो सकता है।

3 हॉर्मोनल थेरेपी

लंबी समय तक हार्मोनल थैरेपी या अधिक कॉन्ट्रासेप्टिव का उपयोग करने से भी ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।

4 व्यक्तिगत इतिहास

यदि किसी व्यक्ति को पहले एक स्तन में स्तन कैंसर हुआ है, तो उन्हें दूसरे स्तन में भी कैंसर होने का खतरा काफी अधिक मात्रा में बढ़ जाता है।

5 रेडिएशन एक्सपोजर 

यदि कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर होता है तो उसके एक कारण रेडिएशन हो सकता है। हानिकारक और तेज़ रेडिएशन केे संपर्क में आने से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

6 शारीरिक गतिविधि और आहार

शारीरिक गतिविधियों और आहार के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है, लेकिन इस कारक के कारण ब्रेस्ट कैंसर होने की उम्मीदें न्यूनतम होती है।

7 हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी)

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का लंबे समय तक उपयोग, विशेष रूप से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन के साथ, जोखिम को थोड़ा बढ़ा सकता है।

8 रिप्रोडक्टिव फैक्टर्स

30 की उम्र के बाद बच्चा होना या बड़ी आयु की रिप्रोडक्टिव एक्टिवनेस शुरू करने के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

9 मेंस्ट्युरेशन और मेनोपॉज

कम उम्र में (12 वर्ष से पहले) मासिक धर्म शुरू होना या देर से उम्र में (55 के बाद) मेनोपॉज़ होना भी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।

10 ब्रेस्ट डेंसिटी

डेन्स ब्रेस्ट टिशू वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने का कारण अधिक होता है।

11 शराब का सेवन

नियमित शराब का सेवन और धूम्रपान करना भी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

12 मोटापा

अधिक वजन और शरीर में अतिरिक्त फैट होना स्त्रियों के लिए ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

स्तन कैंसर : लक्षण

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं, यदि आपको कोई लक्षण महसूस हो, तो एक चिकित्सक से परामर्श करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

1 निपल के पास सूजन 

निपल के आसपास की त्वचा में या निपल में लालिमा , सूजन, या दर्द का अहसास हो सकता है, यह एक प्रमुख लक्षण है ।

2 स्तन की त्वचा में गांठें

स्तन की त्वचा में किसी गांठ का अनुभव हो सकता है, जिसके कारण चुभन, दर्द, या ठंडक जैसा महसूस हो सकता है।

3 स्तन की त्वचा पर तनाव या घूमना

स्तन की त्वचा पर तनाव होना, सूजन हुआ, या स्किन सैगिंग होना एक संभावित लक्षण हो सकता है।

4 निपल के पास ब्लड

निपल से रक्त, पानी, या कोई अन्य म्यूकस डिस्चार्ज होना भी एक लक्षण है।

5 स्तन का आकार या रंग में परिवर्तन

स्तन का आकार, रंग, या सरफेस में बदलाव होना भी एक लक्षण होता है।

6 दर्द या अनुभूति में परिवर्तन

स्तन में अन्य समय के मुकाबले अधिक या अल्प दर्द का अहसास हो सकता है

स्तन कैंसर : निदान

ब्रेस्ट कैंसर के निदान में आमतौर पर निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं .

1 क्लिनिकल परीक्षण

ब्रेस्ट कैंसर को पहचानने की इस प्रक्रिया में ब्रेस्ट की गाँठ या लक्षण के लिए स्तन की जांच की जाती है, जिससे इसके बारे में पता चलता है।

2 इमेजिंग

ब्रेस्ट टिशू को देखने और किसी भी असामान्यता की पहचान करने के लिए मैमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई स्कैन का उपयोग किया जाता है।

3 बायोप्सी

यदि किसी असामान्यता का पता चलता है, तो प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए एक ब्रेस्ट टिशू की बायोप्सी की जाती है। जिसके बाद इस तरीके से पता लगाया जाता है कि ब्रेस्ट कैंसर है या नहीं और साथ ही अगर ये मौजूद है तो वह किस प्रकार का है।

4 स्टेजिंग

यदि ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हो जाती है तो कैंसर की सीमा का आकलन करने के लिए पीईटी सीटी पूरे शरीर या छाती, पेट और हड्डी का सीटी स्कैन द्वारा स्टेजिंग की जाती है, जिससे उपचार निर्णय लेने में मदद मिलती है।

स्तन कैंसर : उपचार

स्तन कैंसर का उपचार प्रकार, अवस्था और व्यक्तिगत कारकों पर निर्भर करता है। इसमें अक्सर उपचारों का संयोजन शामिल होता है, जिनमें शामिल हैं:

1 सर्जरी

अधिकतर मामलों में ट्यूमर या पूरे स्तन को (जिसे मास्टेक्टॉमी कहा जाता है) हटा दिया जाता है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर को पूरे शरीर में फैलने से रोका जाता है।

2 रेडिएशन थेरेपी

रेडिएशन थेरेपी भी ब्रेस्ट कैंसर को खत्म करने के लिए प्रयोग की जाने वाला एक तरीका है, इस प्रक्रिया में हाई-एनर्जी रेज़ को कैंसर फैलाने वाले सेल्स की तरफ टारगेट किया जाता है, और उन्हें खत्म किया जाता है।

3 कीमोथेरेपी

इस प्रक्रिया में पूरे शरीर में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए विभिन्न तरह की दवाओं का प्रयोग किया जाता है ।

4 हार्मोन थेरेपी

ऐसी दवाएं जो कुछ प्रकार के स्तन कैंसर को बढ़ावा देने वाले हार्मोन को अवरुद्ध या कम करती हैं।

5 इम्यूनोथेरेपी

यह एक तरह की थेरेपी होती है, जिस्मने कैंसर से लड़ने के लिए शरीर के इम्यून सिस्टम को और मजनूट किया जाता है।

यह भी पढ़ें: क्या ब्रेस्ट कैंसर के बाद भी संभव है ‘ब्रेस्टफीडिंग’ कराना? एक ऑन्कोलॉजिस्ट दे रहीं हैं इसका जवाब

यह भी पढ़ें

स्तन कैंसर : संबंधित प्रश्न

ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कैसे करें?

यदि आपको अपने ब्रेस्ट के पास सूजन होना, दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो आपको जांच करानी चाहिए।

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज हो सकता है ?

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज होना संभव है, बस यह बीमारी के पता होने के समय पर भी निर्भर करता है। यदि ब्रेस्ट कैंसर का बहुत समय बाद पता चलता है तो इसके इलाज में समस्या हो सकती है।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या है ?

निपल के पास सूजन, स्तन की त्वचा में गांठें, स्तन की त्वचा पर तनाव या घूमना, निपल के पास ब्लड, स्तन का आकार या रंग में परिवर्तन, दर्द या अनुभूति में परिवर्तन।

ब्रेस्ट कैंसर का घरेलू इलाज

ब्रेस्ट कैंसर का कोई भी घरेलू इलाज नहीं होता , इसलिए इसके इलाज में देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यदि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज न करें तो क्या समस्या हो सकती है ?

यदि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज न किया जाएं, तो इसके बहुत गंभीर परिणाम हो सकते है। ब्रेस्ट कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फ़ैल सकता है, जिससे बहुत अधिक समस्याएं हो सकती है।

फिटनेस के लिए इन्हें भी आजमाएं