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Silent Walk Benefits : शांत रहकर वॉक करें, आपकी सेहत को मिलेंगे अद्भुत फायदे

इन दिनों काफी ट्रेंडिंग रही साइलेंट वॉक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। जानते हैं साइलेंट वॉक क्या है और ये किस प्रकार से आपकी मेंटल हेल्थ के लिए है फायदेमंद।
खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करें और कुछ कुछ देर पर वॉक करती रहें। चित्र : एडॉबीस्टॉक
ज्योति सोही Published: 3 Sep 2023, 09:30 am IST
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अक्सर मार्निंग वॉक पर निकले लोगों के कानों में इयरफोन्स और हाथों में मोबाइल पर टक टक चलती हुई उंगलियां नज़र आती है। दरअसल, लोग काम में इस कदर मसरूफ हैं कि खाने-पीने और यहां तक की वॉक करने के लिए भी उनके पास समय नहीं हैं। इन दिनों काफी ट्रेंडिंग रही साइलेंट वॉक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। जानते हैं साइलेंट वॉक क्या है और ये किस प्रकार से आपकी मेंटल हेल्थ के लिए है फायदेमंद (Benefits of silent walking)

साइलेंट वॉकिंग क्या है

बिना बातचीत और गैजेट्स (gadgets) से दूर अकेले मौन होकर चलना साइलेंट वॉकिंग (silent walking) कहलाता है। इस वक्त आपका ध्यान केवल प्रकृति पर केन्द्रित होता है। जो आपके तनाव को कम करने सुकून पहंचाने में मददगार साबित होते हैं। वे लोग जो एकचित्त होकर साइंलेट वॉक( silent walk) के लिए रोज़ाना कुछ वक्त निकालते हैं। वे अपने आस पास के वर्ल्ड से कनैक्टिड महसूस करते हैं। साथ ही उनका फोक्स भी बढ़ने लगता है।

4,000 कदम चलना किसी व्यक्ति की शीघ्र मृत्यु के जोखिम को कम कर सकता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

साइंस डेली के अनुसार बिना किसी पॉडकास्ट और प्लेलिस्ट के चुपचाप अकेले चलना आपको मानसिक तनाव से मुक्त करने में सहायता प्रदान करता है।अगर आपको ये बोरिंग लगता है, तो रोज़ाना आप नए रूट पर वॉक के लिए जाएं। इससे मन धीरे धीरे आउटर वर्ल्ड से कलेक्ट होने लगता है। इससे आप हर बार कुछ नया और अनोखा पाएंगे। जो आपके इंटरस्ट को बढ़ाएगा और आपको साइलेंट वॉकिंग के लिए मोटिवेट भी करेगा।

जानते हैं साइलेंट वॉक करन के कुछ फायदे

1. मेंटल हेल्थ करे बूस्ट

दिनभर किसी न किसी कार्य में दिमाग व्यस्त रहता है। बार बार आने वाली नोटिफिकेशंस (notifications) किसी न किसी कारण से हमारा ध्यान गैटेजट (gadgets) की ओर खिंचा चला जाता है। इसके चलते हमारे ब्रेन को रेस्ट नहीं मिल पाता है। दिनभर रहने वाली व्यस्तता याददाश्त की कमी (memory loss), एंग्जाइटी (anxiety) और फटीग (fatigue) का कारण बनने लगती है। सुबह और शाम कुछ देर की गई साइंलेंट वॉकिंग आपके अंतर मन को शांति प्रदान करती है। साथ ही आप अपनी एनर्जी को भी सेव करते हैं।

2. क्रिएटिविटी का बढ़ना

जब आप शांत रहते हैं। उस वक्त आपका दिमाग तेज़ी से नए आइडियाज़ की ओर दौड़ने लगता है। कुछ नया करने की ओर आप बढ़ने लगते हैं। दरअसल, आप जब मौन होते हैं, तो बड़ी ही आसानी से बिना डिस्ट्रैक्शन के किसी भी मुद्दे पर देर तक विचार कर सकते हैं। इससे काम के प्रति आपका फोक्स भी बढ़ने लगता है। जो आपके काम को बेहतर बनाने में आपकी मदद करता है।

3. पॉजिटिविटी का संचार

वे लोग जो हर समय किसी न किसी वजह से खुद को काम में उलझाए रखते हैं। वे अक्सर तनाव का शिकार होते हैं। उसका प्रभाव उनके विचारों पर भी दिखने लगता है। ऐसे में सुबह उठकर कुछ देर शांत रहकर वॉक (walk) करने से आपके अंदर की निगेटिविटी सकारात्मकता (positivity) में बदलने लगती है। दूसरों की बातों को सुनने और अपनी कहने का समय न मिलने के चलते आपका दिमाग शांत रहने लगता है। इससे आपके विचारों में सकारात्मकता (positivity) बढ़ने लगती है।

4. वर्क के प्रति डेडिकेशन बढ़ना

रोज़ाना बिना किसी से बात किए वॉक पर जाने से आप अपने काम के प्रति पूरी तरह से डेडिकेटिड होने लगते हैं। चीजों को लेकर अधिक फोक्सड रहते हैं। आपकी डेडिकेशन का असर प्रोडक्टिविटी पर दिखने लगता है। इससे वर्कप्लेस पर भी लोग आपसे कनेक्टिड रहते हैं और आप अपने मकाम को आसानी से अचीव कर लेते हैं।

रोज़ाना बिना किसी से बात किए वॉक पर जाने से आप अपने काम के प्रति पूरी तरह से डेडिकेटिड होने लगते हैं। चित्र- अडोबी स्टॉक

5. लेज़ीनेस होगी कम

वॉक पर जाने से आप खुद को एक्टिव और हेल्दी महसूस करते हैं। इससे आपके शरीर में हर वक्त रहने वाला आलस और लेजीनेस अपने आप कम होने लगते हैं। आपका मन कुछ नया करने की ओर प्रोत्साहित होता है। साइंलेट वॉक रोज़ाना करने से दिनभर रहने वाली थकान भी अपने आप दूर होने लगती है।

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ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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