डिहाइड्रेशन से बचाने का जांचा परखा नुस्खा है ओआरएस, यहां जानिए इसके फायदे

आप या घर का कोई भी मेंबर उम्र के किसी भी पड़ाव पर हो, उसको इस चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी में राहत दिलाने में सबसे असरदार हो सकता है ओआरएस।
ओआरएस घोल धूप व गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published on: 7 May 2022, 10:00 am IST
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गर्मी के दिनों में मौसम बड़ी तेजी से अपना गियर बदलकर हीट से हॉट होता जा रहा है। ऐसे में अपने स्वास्थ्य को बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए खुद को हमेशा हाइड्रेटेड बनाए रखें। आप अच्छी तरह जानती है कि हाइड्रेटेड रहने के लिए भरपूर पानी पिया जाना जरूरी है। लेकिन सिर्फ पानी पी लेने भर से आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का स्तर बरकरार नहीं रह सकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने सिर्फ सादा पानी पिया है। इसलिए शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए आप ओआरएस यानी ​​ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट का घोल ले सकती हैं। यहां हम आपको ओआरएस के फायदे (ORS benefits) बताने वाले हैं।

ओआरएस सिर्फ आपको डिहाइड्रेशन होने से ही नहीं बचाता, बल्कि यह आपको एनर्जेटिक और उत्साहित बनाए रखता है।

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गर्मी का मौसम और डिहाइड्रेशन

आप जानते ही हैं कि डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाने पर शरीर में अतिरिक्त पानी की कमी हो जाती है। अमूमन बच्चों और वयस्कों दोनों में यह समस्या हो सकती है। इसके कारण पीड़ित में दस्त, उल्टी और शरीर का तापमान बढ़ जाता है। यदि समय रहते डिहाइड्रेशन का इलाज न कराया जाए तो यह समस्या मेडिकल इमरजेंसी में तब्दील हो सकती है। डिहाइड्रेशन से उबरने या इसके लक्षणों में कमी लाने में ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ORS) काफी हद तक मदद कर सकता है। दरअसल ओआरएस में ग्लूकोज के साथ-साथ पोटेशियम और सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की विशिष्ट मात्रा मौजूद होती है। इसे पानी में घोलकर पीने पर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की मात्रा सामान्य होती है साथ ही डिहाइड्रेशन में राहत मिलती है।

तो, आइए जानें कि गर्मी के मौसम में ओआरएस का कैसे इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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ओआरएस क्या है और इसे कब और कैसे इस्तेमाल करना चाहिए

ओआरएस बच्चों और वयस्क दोनों के उपचार के लिए एक मशहूर और प्रभावी घरेलू विकल्प है। डिहाइड्रेशन के कारण बच्चों को हो रहे दस्त, हैजा या पानी की कमी का उपचार करने के लिए ओआरएस का इस्तेमाल किया जाता है।

पिछले कुछ सालों से ओआरएस का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके चलते दस्त या हैजा के कारण मरने वाले बच्चों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह कमी इसलिए हुई है क्योंकि बच्चों में डिहाइड्रेशन की शिकायत होने पर उन्हें तुरंत ओआरएस दिए जाने की सुविधा थी।

नई दिल्ली के द्वारका स्थित मणिपाल हास्पिटल के बाल रोग विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ नीरज अरोड़ा बताते हैं कि आपके शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने के कारण उसके प्रमुख पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। जिससे शरीर में इन दोनों की कमी हो जाती है। डॉ अरोड़ा कहते हैं कि शरीर में मौजूद ग्लूकोज पसीने का भाग नहीं है। दरअसल ग्लूकोज शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।

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जब कभी हम एक्सरसाइज, जॉगिंग और सुबह की सैर पर निकलते हैं, तब हमारे शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं। इसके आलावा डिहाइड्रेशन के इलाज में शुगर यानी ग्लूकोज काम आता है। वहीं नमक और ग्लूकोज के मिक्स्चर से तैयार ओआरएस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के कमी को दोबारा भरपाई करने और संतुलन बनाने का काम करता है।

यही कारण है कि गर्मी के मौसम में स्वास्थ लाभ के लिए केवल ग्लूकोज पानी पीने की बजाय लोग ओआरएस घोल को ज्यादा तरजीह देते हैं। इससे हमारा शरीर एनर्जेटिक हो जाता है।

आखिर क्यों होती है ओआरएस की जरुरत?

डिहाइड्रेशन (Dehydration) के कारण शरीर में अतिरिक्त लिक्विड, नमक और ग्लूकोज का नुकसान हो जाता है। इस कमी को पूरा (rehydrate) करने के लिए हमें लिक्विड की जरुरत पड़ती है। ओआरएस में इलेक्ट्रोलाइट्स और शुगर की सटीक मात्रा मौजूद होने के कारण हमारे पेट का अहम भाग यानी आंत (Gastrointestinal tract) ओआरएस घोल की अधिकतम मात्रा को अवशोषित कर लेती है। इसलिए गर्मी के सीजन में इसे पीने की सलाह दी जाती है। ओआरएस के बजाय केवल पानी व अन्य हाइड्रेटेड करने वाले पेय लेने पर अवशोषण आसानी से नहीं हो पाता है।

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दूसरे ये आसानी से मिल जाता है। ओआरएस लोकल मेडिकल स्टोर या स्थानीय फार्मेसी स्टोर पर पाउडर पाउच, टैबलेट और पेय फार्म में आसानी से उपलब्ध होता है। यदि बाजार में यह न मिले या उपलब्ध न हो, तो इस मिश्रण को आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है।

घर पर ऐसे बनाएं ओआरएस का घोल :

एक गिलास पानी लें। उसमें आधा चम्मच नमक और एक चम्मच चीनी डाल दें। अब दोनों के मिक्सचर को अच्छे से मिलाएं। चुटकी में आपका ओआरएस घोल बनकर तैयार है। आप चाहें तो इस घोल में थोड़ा नींबू का रस भी मिला सकती हैं।

ओआरएस घोल तैयार करने को लेकर डॉ अरोड़ा बताते हैं कि इसमें मिलाई जाने वाली सामग्री के अनुपात की निगरानी की जानी चाहिए, क्योंकि इस घोल में बहुत ज्यादा नमक मिलाने पर आपकाे नुकसान हो सकता है। सबसे अहम बात ये है कि, ओआरएस बहुत कम समय में अपना कीमती प्रभाव और रिजल्ट देता है। यही कारण है कि, यह सिर्फ डिहाइड्रेशन के कारण उपजी समस्याओं का उपचार करने में ही नहीं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने के लिए भी खूब इस्तेमाल किया जाता है।

ओआरएस की मात्रा और खुराक की सिफारिश उम्र, डिहाइड्रेशन की गंभीरता और पहले से मौजूद मेडिकल कंडीशन जैसे किडनी रोग या डायबिटिज के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। ज्यादातर मामलों में, डॉक्टर की सिफारिश की आवश्यकता के बिना ही ओआरएस का इस्तेमाल किया जाता है।

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हालांकि, यदि आप ओआरएस के इस्तेमाल से असहज हैं या इसे लेने के बाद उल्टी, मतली, कमजोरी, या अत्यधिक प्यास जैसे अन्य दुष्प्रभावों का अनुभव करती हैं, तो इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से उचित सलाह ले लें।

खुद को भीषण गर्मी और लू से बचाने की कुंजी है ओआरएस

ल मिलाकर ओआरएस सभी उम्र के लोगों में डिहाइड्रेशन और उसके चलते होने वाले दस्त और अन्य बीमारियों में राहत दिलाने का एक सुरक्षित और सस्ता उपचार पाने का विकल्प है। ओआरएस में पानी, नमक और चीनी की मात्रा का उचित अनुपात लिया जाता है। यही कारण है कि उपचार में यह सादे पानी या ग्लूकोज पानी से बेहतर साबित होता है। डिहाइड्रेशन की रोकथाम और समय पर उपचार के लिए हर एक शख्स को आसानी से सुलभ हो जाने और प्रभावी इलाज मुहैया कराने वाले ओआरएस घोल का फायदा उठाना चाहिए।

तो गर्ल्स, इस चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के दौरान अपने साथ एक पाउडर पाउच या ओआरएस का टेट्रा पैक हमेशा रखें और जब आपको शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो तुरंत इसके घोल का एक सिप लें।

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