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बटरफ्लाई स्ट्रेच से लेकर सूमो स्क्वैट्स तक ये 4 एक्सरसाइज कम कर सकती हैं इनर थाइज पर जमा फैट

एक्सरसाइज़ न केवल आपके वज़न को कम करती है बल्कि आपको हेल्दी रखने का भी काम करती है। जानते हैं शरीर में लचीलापन लाने और इनर थाइज पर जमा फैट को करने के लिए ये आसान एक्सरसाइज।
हेल्दी और फिट रहना चाहती हैं, तो स्क्वाट्स समेत बताई गई अन्य एक्सरसाइज़ अपने रुटीन में ज़रूर शामिल करें। चित्र अडोबी स्टॉक
ज्योति सोही Published: 3 Apr 2023, 11:17 am IST
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थाइज़ (Thighs) और हैमस्ट्रिंग (Hamstring) पर अतिरिक्त चर्बी (Extra fats) कई बार हमारे लिए कई परेशानियों को कारण बन जाती है। दिन भर कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर में धीरे-धीरे फैट्स बढ़ने लगते हैं। इसके चलते शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन होना लाज़मी है। इतना ही नहीं थाइज़ के मध्य गैप फिल होने लगता है (how to lose inner thigh fat fast)। इससे पूरी फिगर बिगडत्र जाती है। अगर आप भी हेल्दी और फिट रहना चाहती हैं, तो स्क्वाट्स समेत बताई गई अन्य एक्सरसाइज़ अपने रुटीन में ज़रूर शामिल करें। आइए जानते हैं, इन्हें करने का तरीका।

इनर थाइज पर जमे फैट को काटने में मदद करेंगी ये 5 एक्सरसाइज

स्क्वाट ही एकमात्र ऐसी एक्सरसाइज है, जिससे आपके पूरे शरीर पर जोर पड़ता है। पर इसे सही स्टेप्स के साथ करना बहुत जरूरी है। चित्र : शटरस्टॉक

1. सूमो स्क्वैटस

इस लोअर बॉडी एक्सरसाइज़ को करने से मांसपेशियो में कसावट आने लगती है। इससे इनर थाइज़ और हिप्स की मसल्स में लचीलापन आने लगता है। साथ ही पीठ का दर्द दूर होने लगता है। सूमो स्क्वैटस से पिंडलियों यानि एंकल स्ट्रेचिंग होने से बढ़ने वाले दर्द से भी राहत मिल जाती है।

सूमो स्क्वैटस कैसे करें

इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। अब अपनी दोनों टांगों को खोल लें। दोनों पैर बाहर की ओर रखें और एड़ियां अंदर की ओर करें।

इसके बाद दोनों हाथों में सामान्य वज़ लेकर घुटनों को मोड़ते हुए नीचे जाएं और फिर उपर की ओर उठें। जब

नीचे की ओर जाएं, उस वक्त आपके दोनों हाथ शोल्डर्स के नज़दीक होने चाहिए।

जब नीचे बैठें, तो गहरी सांस लें और जब उठें, तो सांस छोड़ दें। इस योग को करने के लिए उपरी भाग एक दम सीधा होना चाहिए।

इसके अलावा हाथों और सीधा रखें और बाजूओं में भी कसावट होनी चाहिए।

2.ब्रिज रेजिज़ एक्सरसाइज़

ब्रिज रेज़िज एक्सरसाइज़ आपके बट्स की मांसपेशियों और थाइज़ को मजबूत करने का काम करता है। थाइज़ के बीच में एक अंतर बनाए रखने के लिए वज़न घटानासबसे ज़रूरी बात है। इसके अलावा पेट की मांसपेशियों और पीठ के निचले का मज़बूत होना ज़रूरी है।

इस तरह करें ब्रिज रेज एक्सरसाइज

इसे करने के लिए मैट पर सीधा लेट जाएं। अब हाथों को जमीन पर टिका लें।

घुटनों को मोड़ लें और दोनों पैरों के मध्य थोड़ी सी दूरी बनाकर रखें। पैर अगर जोड़ लेंगे, तो आप बैलेंस मेंटेन नहीं रख पाएंगे।

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धीरे धीरे पीठ को उपर की ओर उठाएं और एड़ियों को भी थोड़ा सा उंचा उठा लें।

इसके बाद अब जमीन पर वापिस पहले जैसे सीधे लेट जाएं। ध्यान दें कि आपकी पीठ पूरी तरह से मैट को छू रही हो।

दोबारा घुटनों को मोड़ लें। फिर एक टांग को उपर की ओर ले जाएं और फिर नीचे करें। इसके बाद दूसरी टांग भी ऐसे ही उपर की ओर ले जाएं और नीचे ले आएं।

इससे थाइज़ के मसल्स रिलैक्स होते हैं और उन्हें मज़बूती मिलने लगती है।

3. बटरफ्लाई स्ट्रेच

बटरफ्लाई स्ट्रेच एक्सरसाइज़ करने से दोनों टांगों के मध्य गैप अपने आप बनने लगता है और एस्ट्रा फैट कम हो जाता है। इससे हिप के मसल्स अपने आप टाइट होने लगते है। दोनों टांगों में खिंचाव महसूस होता है, जिससे बॉडी में लचीलापन बढ़ने लगता है।

इसे कैसे करें

इसे करने के लिए ज़मीन पर बैठें और उसके बाद दोनों टांगों को आगे की ओर ले जाएं। उन्हें पूरी तरह से पहले स्ट्रेच करें, ताकि घुटनों को मुड़ने में दिक्कत न हो।
अब दोनों पैरों के पंजों को आपस में मिला लें। एड़ियों से एड़ियों को जोड़ लें। इसमें शोल्डर्स को पीछे की ओर रखें।
दोनों हाथों से पैरों को पकड़कर रखें। पूरी तरह से हिप्स पर बैठ जाएं। अब थाइज़ को उपर नीचे करें।
इसे 5 से 10 बार 15 से 20 सेंकण्ड के लिए करें। इससे टांगों की अकड़ान कम होगी और वेट भी डिडक्ट होने लगेगा।

4. सीज़र किक्स

इसे सप्ताह में दो से तीन बार करने से बॉडी में मांसपेशियां रिलैक्स रहती है। साथ ही थाइज़ के मध्य गैप बनने लगता है और टांगों पर बनने वाले फैट्स कम होने लगते हैं।।

बैकपेन से आपको राहत दिला सकती है ये एक्सरसाइज। चित्र : शटरस्टॉक

इसे कैसे करें

इसे करने के लिए मैट पर सीधा लेट जाएं। उसके बाद दोनों हथेलियों को हिप्स के नीचे पूरी तरह से दबा लें।

अब कैंची की तरह टांगों को धीरे धीरे उपर नीचे करें। इस दौरान पैरों को एक दम सीधा रखें।

टांगों को उपर नीचे करते समय पैर के पंजे को ज़मीन पर लगाने की जगह एड़ी से मैट को छूएं।

इस एक्सरसाइज़ का करते समय अपर बॉडी यानि गर्दन और चेस्ट को उपर उठाएं।

एक सप्ताह से दो से तीन दिन इस एक्सरसाइज़ के लिए ज़रूर निकालें। इसे 15 से 20 बार ज़रूर दोहराएं।

इसे करते वक्त पैरों की उंचाई मैट से 6 से लेकर 12 इंच तक हो सकती है।

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ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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