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तनाव और मेमोरी लॉस से बचाती है रोजमेरी, पर जानिए इसे कब नहीं लेना चाहिए

रोजमेरी हर्ब तनाव को दूर भगाकर मेमोरी लॉस में सुधार कर सकता है। यह हेयर फॉल रोक कर स्किन को शाइनी बनाता है। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि किन महिलाओं को नहीं करना चाहिए रोजमेरी का अधिक उपयोग?
रोज़मेरी का उपयोग हर्बल टी, कॉस्मेटिक और हेयर केयर प्रोडक्ट में भी किया जाता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Updated: 15 May 2023, 12:00 pm IST
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रोज़मेरी अद्भुत प्राकृतिक जड़ी बूटियों में से एक है। यह एक वुडी हर्ब है, जो अपनी खुशबू के लिए पहचानी जाती हैं। इसके कई औषधीय लाभ हैं। आयुर्वेद में इसका सदियों से प्रयोग होता रहा है। अब वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में भी इसका प्रयोग बढ़ा है। रोज़मेरी का उपयोग हर्बल टी, कॉस्मेटिक और स्किनकेयर प्रोडक्ट में भी किया जाता रहा है। एक तरफ जहां इसके लाभों (Rosemary benefits) की सूची लंबी है, वही कुछ लोगों को इसके साइड इफैक्ट्स (Rosemary side effects) भी हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप इस हर्ब के बारे में सब कुछ (Rosemary benefits) जानें।

साइड इफैक्ट भी हैं 

आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. नीतू भट्ट रोजमेरी से जुड़ी बहुत सारी जानकारी साझा कर रहीं हैं। वे न केवल इसके स्वास्थ्य के लिए कई फायदे (rosemary benefits) बताती हैं, बल्कि लेने का तरीका और इसके साइड इफैक्ट के बारे में भी आगाह करती हैं।

सबसे पहले जानते हैं रोज़मेरी हर्ब से स्वास्थ्य को होने वाले 6 फायदे (rosemary benefits)

1 तनाव से राहत दिलाती है (stress free)

वर्क प्रेशर की वजह से इन्फ्लेमेशन हो सकता है। इसलिए यह तनाव का कारण हो सकता है। हाई कोर्टिसोल लेवल अनिद्रा, मूड स्विंग और खराब इम्यून सिस्टम का कारण बन सकता है। रोजमेरी आयल तनाव मुक्त कर शांति प्रदान कर सकता है। गर्मी में रोजमेरी आयल अल्पकालिक स्ट्रेस और एंग्जाइटी से छुटकारा दिला सकता है। यह हार्ट रेट को सही कर सकता है।

2 ब्रेन फंक्शनिंग (brain functioning)

यूनानी और रोमन चिकित्सा पद्धति में भी मेमोरी पॉवर बढ़ाने के लिए रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह ऑयल एसिट्लोक्लिन को बनाए रख सकता है, जो एक ब्रेन केमिकल है। यह विचार प्रक्रियाओं में मदद कर याददाश्त बढ़ाता है। यह बुजुर्गों में डिमेंशिया या मेमोरी लॉस के साथ ब्रेन फंक्शन में भी सुधार कर सकता है। यह अल्जाइमर बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद है। यह ध्यान केंद्रित करने में भी मदद कर सकती है।

3 इन्फ्लेमेशन को कम करता है (reduce inflammation)

रोजमेरी एंटीऑक्सिडेंट गुणों वाला होता है। यह स्किन को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। यह हेल्दी स्किन को बढ़ावा देता है। यह सूजन कम करता है। रोज़मेरी एसेंशियल ऑयल टेरपेन्स से भरपूर होता है, जो स्किन की जलन और रेडनेस को शांत करने में मदद करता है। रोजमेरी ऑयल को सूंघा जा सकता है या सिर पर लगाया जा सकता है। यह बहुत गाढ़ा होता है। इसलिए एक बार में इसकी कुछ बूंदों का ही इस्तेमाल स्किन पर करना चाहिए

रोज़मेरी ऑयल का उपयोग चेहरे पर किया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण यह पिम्पल्स और एक्ने के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है। यह स्किन को निखारता है, स्किन की डलनेस खत्म करता है। यह आंखों के नीचे की सूजन को भी कम करता है।

4 हेयर फॉल कम करता है ( rosemary for hair fall)

सबसे आम बीमारियों में से एक है गंजापन (hair fall)। यह महिलाओं को भी प्रभावित कर सकता है। यह टेस्टोस्टेरोन प्रोडकशन को नियंत्रित कर बालों की मजबूती को बरकरार रखता है और उन्हें गिरने (rosemary for hair fall) से रोकता है। यह बालों के बढ़ने में भी मदद करता है।

रोजमेरी के प्रयोग से बाल टूटते झड़ते नहीं हैं। चित्र: शटरस्टॉक

5 दर्द से राहत (pain killer)

रोजमेरी एंटीऑक्सीडेंट, मिनरल्स, विटामिन ए और विटामिन के से भरपूर होता है। यह कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और मैंगनीज से भरपूर होता है। रोजमेरी में मौजूद रोजमैरिनिक एसिड हल्के दर्द से राहत दिला सकता है। यह दर्द से निपटने के लिए एक ओवर-द-काउंटर दवा है।

6 बेहतर ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation)

उंगलियों और पैर की उंगलियों के पोरों में खराब ब्लड सर्कुलेशन की समस्या हो सकती है। ठंड या तनाव महसूस होने पर उंगलियों और पैर की उंगलियों में ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाते हैं। प्रभावित क्षेत्रों पर इसके तेल की मालिश करने पर ब्लड सर्कुलेशन सुचारू होता है। यह रक्त वाहिकाओं को फैला सकता है और उन्हें गर्म कर सकता है। इसलिए यह उंगलियों और पैर की उंगलियों तक आसानी से पहुंच जाता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए प्रभावी उपाय है।

रोजमेरी तेल की मालिश करने पर ब्लड सर्कुलेशन सुचारू होता है। चित्र: शटरस्टॉक

गर्भपात का कारण बन सकती है रोजमेरी

आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. नीतू भट्ट रोजमेरी के इस्तेमाल से पहले सावधान रहने की सलाह देती हैं। वह सुझाव देती हैं कि बिना विशेषज्ञ परामर्श के आपको अपने आप इसका इस्तेमाल शुरू नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत है

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रोजमेरी की हाई डोज गर्भपात (miscarriage) का कारण बन सकती है। इसलिए प्रेगनेंसी और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सप्लीमेंट के रूप में रोजमेरी नहीं लेनी चाहिए। इसे खाने में स्पाइस के तौर पर सीमित मात्रा में लेना सुरक्षित हो सकता है।

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स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

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