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Pollution : फिर से ‘बिगड़ने’ लगी हैं आपके शहर की हवा, तो इन तरीकों से करें अपना बचाव

वायु प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या है। इसके कारण पूरे विश्व में बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा रहें हैं। वहीं, भारत में एक बार फिर मौसम बदलने के साथ ही हवा की गुणवत्ता न्यूनतम स्तर तक पहुँच गई है। ऐसे में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए आपको कुछ आम मगर महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है।
खराब होती हवा की गुणवत्ता से होती है फेफड़े संबंधी समस्याएं । चित्र- अडोबीस्टॉक
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व्यक्ति को जीवित रखने में सबसे ज्यादा सहायक यदि कुछ है, तो वो ‘हवा’ है। लेकिन पिछले कई वर्षों से अक्टूबर-नवंबर के महीने में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के तमाम मेट्रो सिटीज़ में यही ‘हवा’ व्यक्ति के जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बनना शुरू हो जाती है। दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता का स्तर इस कदर नीचे पहुंच जाता है कि ‘हेल्थ इमरजेंसी’ की घोषणा भी कर दी जाती है। वहीं, इस वर्ष भी जैसे ही मौसम ने अपनी करवट बदली और ठंड ने दस्तक दी, वैसे ही दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता ने भी दम तोड़ दिया।

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग रिसर्च की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर AQI का स्तर ‘वेरी पुअर’ (Delhi NCR AQI Very Poor) कैटेगरी यानी 300-350 के बीच पहुंच गया है। जिसके बाद, अब हमें अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए कुछ छोटे मगर महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, प्रदूषित होती हवा से बचने की भी काफी जरूरत है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार पूरे विश्व में वायु प्रदूषण (air pollution) से हर वर्ष लगभग सात मिलियन लोगों की मौत होतीं हैं । वहीं, इसके साथ ही वातावरण में बढ़ रहा वायु प्रदूषण व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए काफी समस्यादायक स्थिति भी पैदा कर सकता है और इससे रेसपिरेटरी, न्यूरोबिहेवियरल, कार्डियोवैस्कुलर और इम्यून सिस्टम से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं।

कई तरह की बीमारियों का कारण बनता है ‘एयर पॉल्यूशन’

वायु प्रदूषण न सिर्फ आपके फेफड़ों को बल्कि आपके स्वास्थ्य को तमाम अन्य तरीकों से भी प्रभावित करता है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, और बैक्टीरियल इन्फेक्शन के खतरे बढ़ सकते हैं।

नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एसोसिएशन के अनुसार, वायु की खराब गुणवत्ता व्यक्ति में ऑटिज़्म, स्ट्रेस और स्ट्रोक जैसी तमाम न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर सहित अन्य बीमारियों को बढ़ावा देती हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह बताया गया कि वायु प्रदूषण के कारण हवा में कई तरह की हानिकारक गैस सम्मिलित हो जाती हैं, जिससे सिरदर्द, खांसी, ज़ुकाम और एलर्जी जैसी आम समस्याएं भी देखने को मिलती है। इसलिए, स्वास्थ्य की देखभाल के लिए हवा की गुणवत्ता को सुधारने का प्रयास करना महत्वपूर्ण है।

कैसे रह सकते हैं वायु प्रदूषण से सुरक्षित

वायु प्रदूषण से सुरक्षित रहने के लिए आपको कुछ आम लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि आपको भी वायु की गुणवत्ता से अपने स्वास्थ्य को ठीक करना है तो कुछ टिप्स अपना सकते हैं।

1 विटामिन से भरपूर आहार लें

विटामिन से भरपूर आहार का सेवन करके वायु प्रदूषण के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है, क्योंकि विटामिन आपके शरीर की सुरक्षा प्रणाली को मजबूती देते हैं और आपको बीमारियों से बचाते हैं।

विटामिन C, विटामिन E, और विटामिन A वायु प्रदूषण के कारण होने वाली क्षति को कम करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप अंगूर, संतरा, नीबू, गाजर, ब्रोकली, अखरोट, और मूली जैसे फलों और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।

2 हाइड्रेटेड रहने से होगा बचाव

अच्छे तरीके से हाइड्रेट रहना वायु प्रदूषण से होने वाले नकारात्मक प्रभावों से बचाव में मदद करता है, क्योंकि पर्याप्त पानी पीने से आपके शरीर की सुरक्षा प्रणाली मज़बूत होती है। हाइड्रेशन से आपके शरीर के अंदर विषाणु को बाहर निकालने में मदद मिलती है, जिससे वायु प्रदूषण के कारण होने वाले नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

प्रदूषित वायु के कारण आपके शरीर के अंदर विषैले पदार्थ जमा हो सकते हैं, इसलिए अधिक पानी पीना महत्वपूर्ण है।

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3 एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें

वायु प्रदूषण से बचने के लिए एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प है। अपने घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने से घर की हवा को शुद्ध करने और घर में वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

4 बाहर के खाने से परहेज करें

स्वस्थ आहार करने से वायु प्रदूषण से बचाव करने में मदद मिलती है, क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। स्वस्थ आहार जैसे कि फल, सब्जियां , पूर्ण अनाज, खाद्य पदार्थ, और प्रोटीन का सही सेवन करने से आपके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, जिससे आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कम जीवांशों की आवश्यकता होती है। इससे शरीर में पोषक तत्वों की उपयोगिता बढ़ती है और जिससे वायु प्रदूषण का प्रभाव कम होता है।

5 बिना मास्क न निकलें बाहर

बाहर निकलने पर मास्क प्रयोग करने से वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। N95 या FFP2/FFP3 कैटरगरी के मास्क वायु प्रदूषण के कठिन परिस्थितियों में सर्वश्रेष्ठ होते हैं।

यदि आपके पास यह मास्क नहीं है तो साधारण मास्क लगाने से भी काफी हद तक वायु प्रदूषण से बचाव होता है। साथ ही मास्क को अच्छी तरह से मुंह और नाक को ढके, इससे आपको वायु में मौजूद छोटे धूल के कणों को रोकने में मदद मिलेगी।

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कार्तिकेय हस्तिनापुरी

पिछले कई वर्षों से मीडिया में सक्रिय कार्तिकेय हेल्थ और वेलनेस पर गहन रिसर्च के साथ स्पेशल स्टोरीज करना पसंद करते हैं। इसके अलावा उन्हें घूमना, पढ़ना-लिखना और कुकिंग में नए एक्सपेरिमेंट करना पसंद है। जिंदगी में ये तीनों चीजें हैं, तो फिजिकल और मेंटल हेल्थ हमेशा बूस्ट रहती है, ऐसा उनका मानना है। ...और पढ़ें

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