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बरसात के मौसम में 5 संक्रमणों से बच्चे होते हैं सबसे ज्यादा बीमार, जानिए उन्हें कैसे बचाए रखना है

इसलिए बारिश के मौसम में बच्चों की सेफ्टी के लिए कुछ खास उपाय अपनाने जरूरी हो जाते हैं। तो चलिए जानते हैं इन समस्याओं के बारे में साथ ही जानेंगे इनके उपचार।
yaha hai bachhon ko hone wali kuchh aam ent samsya. – यहां हैं बच्चों को होने वाली कुछ आम ईएनटी समस्याएं। चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 9 Jul 2023, 15:30 pm IST
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गर्मी के तापमान के बाद बरसात का मौसम अच्छा तो लगता है, पर यह अपने साथ बहुत सारी चुनौतियां भी लेकर आता है। खासतौर से बच्चों के लिए। बच्चे स्वभाव से बहुत चंचल होते हैं। वे उन पाबंदियों को फॉलो नहीं कर पाते, जिन्हें बड़े आसानी से कर लेते हैं। जिसके चलते उनके लिए कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बारिश के मौसम में बच्चों की सेफ्टी के लिए कुछ खास उपाय अपनाने जरूरी हो जाते हैं। हेल्थ शॉट्स पर एक एक्सपर्ट से जानते हैं इस माैसम में होने वाले स्वास्थ्य जोखिम और उनसे बचाव के उपाय।

हेल्थ शॉट्स ने इस विषय पर सीके बिरला हॉस्पिटल, गुरुग्राम के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर विजय वर्मा से बात की। उन्होनें बरसात के उमस भरे गर्म मौसम में बच्चों को होने वाली कुछ सबसे आम ईएनटी समस्याएं और इनके रोकथाम के बारे में बताया है। तो चलिए जानते हैं इन समस्याओं के बारे में साथ ही जानेंगे इनके उपचार (kids monsoon disease)।

यहां हैं बच्चों को होने वाली कुछ आम ईएनटी समस्याएं

1. साइनसाइटिस

साइनसाइटिस, साइनस कैविटी की सूजन, गर्मी एवं बरसात के दौरान भी हो सकती है। इस मौसम में बच्चों को तैराकी करना बेहद पसंद होता है परंतु इस दौरान बार-बार तैरने और क्लोरीन के संपर्क में आने से नाक के मार्ग में जलन हो सकती है, जिससे साइनस में रुकावट आती है और बाद में संक्रमण हो सकता है।

इससे कैसे बचाना है

बच्चों को साइनस ट्रिगर करने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि में लंबे समय तक भाग न लेने दें। इसके अलावा ह्यूमिडीफायर का प्रयोग करें और सिगरेट तंबाकू के धुएं से बच्चों को दूर रखें। समस्या बढ़ने पर सेलाइन स्प्रे का इस्तेमाल करें।

उचित उपचार विकल्पों के लिए ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। चित्र : एडॉबीस्टॉक

2. एडेनोइड या नाक से जुड़ी परेशानी

एडेनोइड नसल कैविटी के पीछे स्थित छोटे टिशू होते हैं, और वे संक्रमण के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बरसात के दौरान, बार-बार होने वाले संक्रमण या एलर्जी के कारण एडेनोइड बढ़ सकते हैं, जिससे नाक बंद होना, खर्राटे आना और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

इससे कैसे बचाना है

यदि बच्चों को लगातार सांस लेने में समस्या आ रही है या एडेनोइड-संबंधित लक्षणों का अनुभव होता है, तो माता-पिता को इसे बढ़ने से रोकने और उचित उपचार विकल्पों के लिए ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

3. टॉन्सिलाइटिस

गर्मी और बरसात के मौसम में अक्सर टॉन्सिलाइटिस के मामले बढ़ जाते हैं। टॉन्सिलिटिस की स्थिति में टॉन्सिल में सूजन, गले में खराश और निगलने में कठिनाई जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण, जो अक्सर जलवायु में बदलाव या एयर कंडीशनिंग के संपर्क से उत्पन्न होते हैं, इस स्थिति का कारण बन सकते हैं।

इससे कैसे बचाना है

टॉन्सिलाइटिस की स्थिति में घर और घर के आसपास हेल्दी क्लाइमेट बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी दें और बच्चों के शरीर को हाइड्रेटेड रखें, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करना और संतुलित आहार का सेवन टॉन्सिलिटिस को रोकने में मदद कर सकता है।

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4. डिहाईड्रेशन और ड्राई थ्रोट

गर्मी और बरसात के मौसम में शाम के वक्त बच्चे अक्सर बाहरी गतिविधियों में भाग लेते हैं ऐसे में अपर्याप्त तरल पदार्थ के सेवन के कारण डिहाइड्रेटेड हो जाते हैं। निर्जलीकरण से गला सूख सकता है, जिससे बच्चों को गले में संक्रमण होने की अधिक संभावना होती है।

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इससे कैसे बचाना है

सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पर्याप्त मात्रा में पानी पी रहा हो, इसके साथ ही हाइड्रेटिंग फल और सब्जियों के सेवन से मदद मिलेगी।

समस्या बढ़ने पर सेलाइन स्प्रे का इस्तेमाल करें। चित्र : एडॉबीस्टॉक

5. ओटिटिस एक्सटर्ना

बरसात में बच्चे स्विमिंग पूल और वॉटर पार्क की ओर आकर्षित होते हैं। दुर्भाग्य से, लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहने से ओटिटिस एक्सटर्ना की स्थिति उन्हें प्रभावित कर सकती है। यह संक्रमण तब होता है जब बैक्टीरिया या फंगी ईयर कैनाल में प्रवेश करते हैं, जिससे कान में सूजन और असुविधा हो सकती है।

इससे कैसे बचाना है

पेरेंट्स को स्विमिंग के दौरान अपने बच्चों को इयरप्लग का इस्तेमाल करने की सलाह देनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी की गतिविधियों के बाद कान अच्छी तरह से सूखे।

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अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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