कोई भी अवसर अंतिम नहीं, जानिए असफलता को सफलता में बदलने के टिप्स 

अपनी असफलताओं पर बहुत अधिक सोच-विचार करने की बजाय उनसे मुकाबला कैसे किया जाए, यह जानने की कोशिश करें। 
असफलताओं से डरने की बजाय उनसे मुकाबला करने की कोशिश करें। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 22 July 2022, 19:43 pm IST
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अक्सर जब हम किसी क्षेत्र या काम में असफल होते हैं, तो बेहद दुखी हो जाते हैं। असफल होने का दुख इतना बड़ा लगता है कि हमारी दिनचर्या और खानपान भी प्रभावित होने लगता है। असफलता चाहे कितनी भी बड़ी हो, इसके पीछे बहुत अधिक चिंतित होने या अपने आगे के जीवन को प्रभावित करने का कोई मतलब नहीं है। आइए जानते हैं असफलता से मुकाबला (How to deal failure) कैसे किया जाए। 

1 गलतियों से सीखने की कोशिश करें 

असफलता पर घंटों सोचते रहने से कुछ नहीं हासिल होगा। बहुत अधिक सोच कर अनावश्यक तनाव पैदा होगा। इसकी बजाय आपको असफलता क्यों मिली, इसके कारणों की तह तक जाने की कोशिश करें। स्वयं से हुई गलतियों को ढूंढें। उन गलतियों को किस तरह ठीक किया जा सकता है, इस पर विचार करें। 

यह जरूरी है कि आप अपनी असफलताओं के लिए बहाना न बनाएं। यह पता लगाने का प्रयास करें कि चीजें उस तरह क्यों नहीं हुईं, जिस तरह होनी चाहिए। गलतियों को स्वीकार करें और उनसे सीखने पर ध्यान केंद्रित करें।

  1. डर की बजाय सकारात्मक विचार पर ध्यान दें  

एक सफलता के पीछे हजार असफलताएं होती हैं। ऐसा ज्यादातर व्यक्तियों के साथ होता है। ज्यादातर लोग सफलता पाने से पहले कई बार असफल होते हैं। यह सभी बातें और कहावतें हम बातचीत के दौरान कहते हैं, लेकिन जब अपनी बारी आती है, तो इसे आजमाना भूल जाते हैं। 

हम अपनी असफलता से डर कर प्रयास करना छोड़ देते हैं। हम सोचने लगते हैं कि हम कभी सफल नहीं होंगे। डर को हावी होने देने की बजाय मन से निकालने का प्रयास करें। स्वयं में यह सकारात्मक भाव भरें कि हम जरूर सफल होंगे। सकारात्मक विचारों के साथ दिनचर्या शुरू करने पर हम अपनी असफलता से संघर्ष करना सीख जाते हैं।  

3 कमजोरी को बनाएं खूबी

जब आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल होती हैं, तो चिंता, उदासी, शर्म और क्रोध की भावनाएं आप पर हावी होने लगती हैं। यह स्वाभाविक है। विफलता के बाद आहत महसूस करें, लेकिन उसे अपनी कमजोरी न बनाएं। इन भावनाओं को जबर्दस्ती अपने ऊपर थोपें नहीं। 

अपनी कमजोरी को ही अपना अस्त्र बना लें। आत्म मंथन की एक सीमा होती है। इस सीमा से बंधे रहने की बजाय स्वयं को असफलता से बाहर निकालें। स्वयं में अच्छी भावनाएं भरें और भविष्य में बढ़िया प्रदर्शन करने के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दें। अपनी खूबियों पर काम करें। 

  1. स्वस्थ आदतें विकसित करें

यदि सुबह उठने के साथ अच्छी सेहत के लिए कुछ जरूरी काम नहीं करती रही हैं, तो आज से ही शुरू कर दें। जब जागो तभी सवेरा वाक्य को फॉलो करें। स्वयं में स्वस्थ आदतें विकसित करें। 

सुबह उठकर टहलने जाएं, ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यास करें, ठंडे पानी से स्नान करें या सिर पर पानी डालकर स्नान करें। इस तरह नहाने से स्वयं को तरोताजा महसूस करेंगी। परिवार और दोस्तों से मिलें। ऐसी एक्टिविटीज करें, जो आपके दिमाग को नकारात्मक विचारों से मुक्त रखता हो। 

गुड हैबिट्स या एक्टिविटीज की एक ऐसी सूची बनाएं, जिन्हें करने में आपको मजा आता हो। समय मिलने पर नियमित रूप से उनका अभ्यास करने का प्रयास करें। 

5 पढ़ें महापुरुषों की जीवनियां 

अक्सर लोग असफलता हासिल करने पर नशे की ओर अपने कदम बढ़ा देते हैं। शराब, गांजा आदि का सेवन करने की आदत बनाने की बजाय इतिहास के उन पुरुषों और महिलाओं की कहानियां जानने की कोशिश करें, जिन्होंने ढेर सारी असफलताओं के बाद सफलता हासिल की। 

असफलता से मुकाबला करने की सीख लेने के लिए महापुरुषों की जीवनियां पढें। चित्र: शटरस्टॉक

ऐसे महापुरुषों की संख्या बहुत अधिक है, जो अपने जीवन में किसी न किसी मोड़ पर असफल हुए हैं, लेकिन अपनी मेहनत से अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी सफलता हासिल की। इन सभी लोगों में एक बात समान थी कि उन्होंने अपनी पिछली विफलताओं से सीखने की कोशिश की और आगे बढ़े।

अंत में, पर सबसे जरूरी बात, कम्फर्ट जोन से बाहर निकलें। अपने लिए वे सभी प्रयास करें, जो आपको सफलता दिला सकते हैं।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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