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रात में पौधे छोड़ते हैं कार्बनडाइऑक्साइड, तो क्या बेडरूम में नहीं होने चाहिए प्लांट? एक्सपर्ट दे रहे हैं इसका जवाब

हम अपने बेडरूम में पौधे रखें या नहीं, इसके बारे में कई भ्रांतियां प्रचलित हैं। रात में पौधे कार्बन डाईऑक्साइड छोड़ते हैं, इसलिए इन्हें नहीं रखना चाहिए। एक विशेषज्ञ से इस मिथ और इसके पीछे के सच को जानते हैं।
यदि आप बेडरूम में पौधा लगाती हैं, तो यह पत्तियों में पोर्स के माध्यम से हानिकारक गैसों को अवशोषित कर सकता है। चित्र : एडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Published: 4 Apr 2023, 08:00 pm IST
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हमलोग अपने घर में पौधे लगाते हैं। हरियाली के साथ-साथ ये घर के अंदर के प्रदूषण को भी कम करते हैं। यह आपके मूड को बेहतर बना सकता है। यह तनाव के स्तर को कम कर आपकी प्रोडक्टिविटी को भी बढ़ा सकता है। यह स्वाभाविक रूप से एयर पोलयूटेंट को फ़िल्टर कर देता है। प्लांट्स के इतने सारे फायदों के साथ-साथ हम वर्षों से यह भी सुनते आये हैं कि रात में ये पौधे हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। रात में ये प्लांट्स आपके लिए घुटन पैदा कर सकते हैं। इसलिए हम इन्हें अपने बेडरूम में नहीं लगाना चाहिए। लेकिन प्लांट्स क्या सचमुच रात में हमारे लिए हार्मफुल है या यह एक मिथ है। इसके पीछे के सच को हम एक विशेषज्ञ से जानते (plant in bedroom good or bad) हैं।

क्या रात में पौधे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं (plant in bedroom at night)

फिटनेस एक्सपर्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर डॉ. सिद्धान्त भार्गव अपने इन्स्टाग्राम पोस्ट में बताते हैं कि हम सभी यही जानते आये हैं कि सूर्य की रोशनी पेड़-पौधे वातावरण से कार्बन डाईऑक्साइड एब्जोर्ब करते हैं। इसके बदले में ऑक्सीजन देते हैं। वहीं रात में ऑक्सीजन एब्जॉर्ब करते हैं और कार्बन डाईऑक्साइड छोड़ते हैं। इस वजह से रात में बेडरूम में ये पौधे नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि आज भी रात में पेड़ के नीचे सोने से मनाही की जाती है।

बेडरूम में प्लांट्स रखें या नहीं (plant in bedroom good or bad)

डॉ. सिद्धान्त बताते हैं कि रात में प्लांट कार्बन डाइऑक्साइड जरूर छोड़ते हैं। पर इसकी मात्रा उतनी ही होती है, जितनी आपके बगल में सोया हुआ आदमी कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है। जिस तरह से बगल में सोये हुए व्यक्ति द्वारा छोड़ा गया कार्बन डाइऑक्साइड बहुत अधिक नुकसान नहीं पहुंचाता है, उसी तरह पौधे भी नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं। इसलिए यह पूरी तरह मिथ है कि बेडरूम में प्लांट्स नहीं लगाना चाहिए। कई पौधे हैं, जो 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ते हैं।

रात में पौधे कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं

यह सच है कि प्लांट में भोजन बनाने की प्रक्रिया (Photosynthesis) या प्रकाश संश्लेषण सूर्य की रौशनी की मौजूदगी में होती है। इसके लिए वे वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और बदले में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वहीँ रात में प्रकाश संश्लेषण नहीं होता है। इसलिए वे ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।

पौधे वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और बदले में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। चित्र : एडोबी स्टॉक

हानिकारक गैसों का अवशोषण

यदि आप बेडरूम में पौधा लगाती हैं, तो यह पत्तियों में पोर्स के माध्यम से हानिकारक गैसों को अवशोषित कर सकता है। बेडरूम के अलावा, घर के किसी भी स्थान पर पौधों को रखने से स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
जर्नल नेचर कम्युनिकेशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, इनडोर पौधे मनोवैज्ञानिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ और खुश रखते हैं। यह मूड में सुधार करता है और थकान कम करता है। यह तनाव और चिंता कम करता है

कार्बन डाई ऑक्साइड का प्रोडक्शन नहीं करते हैं कुछ पौधे

जर्नल प्लांट फिजियोलोजी में प्रकाशित शोध के अनुसार, कई पौधे ऐसे हैं, जो रात में भी नाम मात्र के कार्बन डाई ऑक्साइड का प्रोडक्शन नहीं करते हैं। इन्हें घर में लगाने से न सिर्फ फोकस में सुधार होता है, बल्कि दर्द को सहन
करने की क्षमता को भी बढ़ावा देता है।

तुलसी का पौधा एक ऑक्सीजन-जेनरेटर है, जो सर्वश्रेष्ठ नेचुरल एयर प्यूरीफायर है। यह एक दिन में 24 घंटे में 20 घंटे ऑक्सीजन देता है और 4 घंटे ओजोन देता है। यह कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करती है

तुलसी का पौधा एक ऑक्सीजन-जेनरेटर है, जो सर्वश्रेष्ठ नेचुरल एयर प्यूरीफायर है।चित्र शटरस्टॉक :

एलोवेरा प्लांट 24 घंटे देता है ऑक्सीजन

एलोवेरा के चिकित्सीय लाभ से तो हम सभी परिचित हैं। यह हर्ब स्किन, डाइजेसटिव सिस्टम, हेयर हेल्थ के लिए फायदेमंद है। यह हवा को शुद्ध करने के लिए भी सबसे बढ़िया पौधा है। यह हवा से बेंजीन और फॉर्मेल्डिहाइड को हटाता है। यह रात में ऑक्सीजन छोड़ने के लिए भी जाना जाता है। ऑक्सीजन के लिए इसे इनडोर प्लांट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

एरेका पाम प्लांट को सजावटी हाउसप्लांट के रूप में लगाया जाता है। यह 24 घंटे ऑक्सीजन प्रदान करता है। यह एक नेचुरल एयर प्यूरीफायर के रूप में भी काम करता है।

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स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

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