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मानसून में नहाने से पहले करें पूरे शरीर की नारियल तेल से मालिश, मां और आयुर्वेद दोनों के पास हैं इसके फायदे 

नारियल तेल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तेल है। यह न केवल आपकी त्वचा की नमी बनाए रखता है, बल्कि उसे कई तरह के संक्रमणों से भी बचाता है। 
यह एक अच्छा नेचुरल त्वचा हाइड्रेट भी है जो ज्यादा सेबम उत्पादन को रोकने में मदद करता है। चित्र:शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published: 29 Jun 2022, 06:58 pm IST
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शरीर पर तेल की मालिश करना उन सबसे प्राचीन प्राकृतिक पद्धतियों में से एक है, जो दवाओं के इस्तेमाल से पहले लोग किया करते थे। मेरी मम्मी आज भी नियमित तेल की मालिश की सलाह देती हैं। खासतौर से मानसून में वे शरीर को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए नारियल के तेल से बॉडी मसाज करने की सलाह देती हैं। आयुर्वेद में शरीर के दर्द को कम करने के लिए बॉडी मसाज (Body massage) का उपयोग किया जाता है। तो मानसून में क्या है बॉडी मसाज की जरूरत और नारियल तेल कैसे इसमें मदद कर सकता है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। 

क्या है मालिश के लिए मम्मी का तर्क 

मां कहती है कि मानसून में नहाने से एक घंटे पहले नारियल तेल से शरीर और पैरों की मालिश करनी चाहिए। इससे न सिर्फ इंफेक्शन दूर हो जाता है, बल्कि शरीर के हर एक अंग को दर्द से राहत मिल जाती है। 

नहाने से एक घंटे पहले इसलिए मालिश करनी चाहिए, ताकि तेल स्किन में अच्छी तरह एब्जॉर्ब हो जाए। मेरी मम्मी अकसर थकान के बाद हुए कमर दर्द और पीठ दर्द से राहत पाने के लिए नारियल तेल की मालिश पर भरोसा करती हैं। वे बताती हैं कि ग्रामीण इलाकों में आज भी प्रसव के बाद होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए तेल की मालिश की जाती है। 

यह न सिर्फ मांसपेशियों को आराम देती है, बल्कि किसी भी प्रकार के संक्रमण से भी त्वचा को मुक्त रखती है। आयुर्वेद के अनुसार, मालिश ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है, सेल्स को रिजुवेनेट करता है और शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। 

पर मानसून में क्यों जरूरी है तेल की मालिश

मानसून में शरीर के एनर्जी लेवल को मेंटेन करने के लिए बॉडी मसाज एक नेचुरल तरीका है। नारियल तेल स्किन इंफेक्शन को दूर करता है और शरीर की मांसपेशियों के लचीलेपन को बेहतर बनाता है। यह बाॅडी को रिलैक्स भी करता है। लिगामेंट और मसल्स को बूस्ट कर शरीर के दर्द से भी राहत दिलाता है। पर ध्यान रहे कि बॉडी मसाज हमेशा बिस्तर या चटाई पर पेट के बल लेट कर ही करवानी चाहिए। 

यहां हैं मानसून में कोकोनट ऑयल मसाज के फायदे

मानसून में नमी अधिक होती है, इससे आपकी स्किन अधिक चिकनी हो जाती है। इससे बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है। नारियल का तेल एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। यह स्किन पोर्स को बैक्टीरिया से मुक्त करता है और गहराई से स्किन को साफ करने में मदद करता है। यदि पानी में भीग जाने के कारण बॉडी पेन हो रहा है, तो इसमें भी नारियल तेल की मालिश से राहत मिल सकती है। इसके लिए शुद्ध और अनरिफाइंड वर्जिन नारियल तेल अधिक फायदेमंद होता है। 

नहाने से पहले ऑयल मसाज के फायदे 

कोकोनट ऑयल मीडियम चेन फैटी एसिड से भरपूर होता है। इसमें लॉरिक एसिड होता है, जो एंटी बैक्टीरियल, एंटी माइक्रोबियल होता है। 

इसमें मौजूद लिनोलिक एसिड हाइड्रेटर का काम करता है। 

कोकोनट ऑयल से मसाज करने पर न केवल तेल स्किन में अच्छी तरह अब्जॉर्ब हो जाता है, बल्कि स्किन पोर्स खुल जाने के कारण नहाने के समय शरीर की अच्छी तरह से सफाई भी हो जाती है।

कोकोनट ऑयल की स्किन को सॉफ्ट और स्मूद बनाने की क्वालिटी स्किन बैरियर फंक्शन को रिपेयर करती है। यह ड्राई और ईची स्किन से भी राहत दिलाता है। 

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बालों की ग्रोथ में भी है फायदेमंद 

मानसून में सबसे ज्यादा नुकसान बालों का होता है। हवा में बढ़ी हुई नमी स्कैल्प को प्रभावित करती है। इससे खुजली, सूखापन, रूसी और उलझे बाल हो जाते हैं। पसीने और प्राकृतिक तेलों की कमी के कारण बालों की जड़ कमजोर हो जाती हैं, जिससे बाल बहुत झड़ने लगते हैं। 

सप्ताह में 2 दिन सोने से पहले स्कैल्प और बालों की नारियल तेल से मसाज करें। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और फैटी एसिड स्कैल्प सेल्स को न्यूट्रीशन देते हैं और सेलुलर मरम्मत को बढ़ावा देते हैं।

बालों के लिए बेहद फायदेमंद है कोकोनट ऑयल। चित्र : शटरस्टॉक

यह रूसी और ड्राईनेस को खत्म करता है। यह बालों को पोषण देकर बालों की मजबूती को बढ़ाता है। इससे बालों का टूटना कम हो जाता है। इसके नियमित उपयोग से बालों की ग्रोथ बढ़िया हो जाती है।

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स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

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