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होली के बाद खुद को डिटॉक्स करना है, तो ब्रीदिंग से लेकर स्नान तक फाॅलो करें एक्सपर्ट के बताए ये 5 उपाय

पार्टी, मस्ती, हुड़दंग, गेट टुगेदर और ढेर सारा खाना, यकीनन इस सबसे आपका मन तरोताज़ा हो गया होगा। पर शरीर अभी कुछ थका हुआ और पेट फूला हुआ लग सकता है। इसलिए उत्सवों के बाद हमें खुद को डिटॉक्स करने की जरूरत होती है।
ठंडे या गर्म पानी के साथ एक गिलास नींबू पानी पीने से पाचन में मदद मिल सकती है। इससे शरीर भी डेटॉक्स होता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Published: 26 Mar 2024, 06:22 pm IST
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होली के अवसर पर हमलोगों ने छक कर खाया। बिना कैलोरी और हेल्थ का ख्याल रखे कई तरह के व्यंजनों का खूब लुत्फ़ उठाया गया। पर छुट्टी खत्म होने के बाद पेट फूला हुआ महसूस हो रहा है। हमें हैंगओवर की भी समस्या हो सकती है। यह सामान्य समस्या है। यदि मन और शरीर को डिटॉक्स कर लिया जाए, तो ब्लोटिंग और हैंगओवर की समस्या दूर हो जाएगी। मन और शरीर भी स्वस्थ हो जायेगा। हालांकि बाज़ार में कई तरह के डिटॉक्स आहार भी मिलते हैं, लेकिन इससे शुरुआत न करें। यदि शरीर के सिस्टम को कम समय में डिटॉक्स करना चाहती हैं, तो कुछ उपाय फॉलो कर सकती हैं।

क्या है डिटॉक्स (what is detox)?

डिटॉक्स जर्नल के अनुसार, शरीर डिटॉक्स तब होता है जब शरीर को टॉक्सिक पदार्थों से छुटकारा मिल सकता है। इसके लिए सॉलिड आहार और एक्सरसाइज के विकल्प का भी चुनाव करना चाहिए। स्वस्थ तरीके से डिटॉक्स करने के लिए शरीर के मूवमेंट और उपचार गुणों वाले संपूर्ण खाद्य पदार्थों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। शरीर को शुद्ध और डिटॉक्स करने, सूजन कम करने के लिए कुछ उपायों को आजमाया जा सकता है। इसके लिए जीवनशैली को स्वस्थ करना जरूरी है।

यहां हैं 5 तरीके जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है (5 ways help to detox body )

1 दिन की शुरुआत नींबू पानी से करें ( Lemon water to detox body)

जर्नल ऑफ़ ह्यूमन नुट्रिशननल डाइट के अनुसार, ठंडे या गर्म पानी के साथ एक गिलास नींबू पानी पीने से पाचन में मदद मिल सकती है। इससे शरीर भी डेटॉक्स होता है। नींबू में पेक्टिन होता है, जो एक प्रकार का घुलनशील फाइबर है। इसे किसी भी पेय या भोजन में डिटॉक्सिफाइंग एजेंट के रूप में जोड़ सकती हैं। ठंडे पानी की बजाय गर्म पानी का चयन करने से ब्लोटिंग दूर कर सकता है।

2 हेल्दी ब्रेकफास्ट करें (Healthy Breakfast to detox body)

पानी लेने के बाद खुद को भोजन दें। रात की नींद के बाद नाश्ता करने से मेटाबॉलिज्म को फायदा मिलता है। जब स्वास्थ्य की बात आती है, तो जानबूझकर शरीर को ऊर्जा देने के लिए सुबह का समय निकालना जरूरी है। यदि शरीर से टॉक्सिन निकालना है, तो नाश्ते में ब्रेड, अनाज या इसी तरह के फ़ूड लेना छोड़ दें, क्योंकि इससे शरीर में अधिक पानी जमा हो जाएगा।

यदि शरीर से टॉक्सिन निकालना है, तो नाश्ते में ब्रेड, अनाज या इसी तरह के फ़ूड लेना छोड़ दें। चित्र : शटरस्टॉक

इसकी बजाय अपना ध्यान प्रोटीन पर केंद्रित करें, जो तृप्ति प्रदान करेगा। दिन की शुरुआत करने के लिए अंडा और सैल्मन जैसे प्रोटीन लिए जा सकते हैं। मेटाबोलिज्म बढ़ाने वाले ओमेगा-3 का यह एक बेहतर ऑप्शन है। यात्रा पर रहने पर गट फ्रेंडली स्मूथी का चुनाव करें।

3 शरीर को हिलाएं (physical movement)

हृदय गति बढ़ने का मतलब ब्लड फ्लो में वृद्धि होगा। आंत में गए भोजन का मूवमेंट भी आगे की ओर होने में मदद मिलती है। बदले में शरीर को विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। आपको अपना पसीना निकालने के लिए जिम जाने की भी जरूरत नहीं है। यहां कुछ कार्डियो वर्कआउट हैं, जिन्हें आप कहीं भी कर सकती हैं। इसलिए अपनी हृदय गति को बढ़ाएं। पसीना बहाएं।

4 ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें (Breathing exercise)

डिटॉक्स जर्नल के अनुसार, ब्लोटिंग के कारण व्यक्ति का पेट भरा हुआ महसूस होता है। कभी-कभी ब्लोटिंग के कारण स्थिति तनावपूर्ण भी सकता है। खुद को डिटॉक्स करने के तरीके में सबसे आरामदेह है ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना। अपनी ब्रीदिंग पर ध्यान देने से एंग्जायटी कम करने में मदद मिलती है।

इससे शरीर और दिमाग दोनों डिटॉक्स होता है और खुद को शांत करने में मदद मिलती है। सांसों के बीच विराम भी लगाया जा सकता है। अधिकतम लाभ के लिए सांस लेने की तुलना में सांस छोड़ने का क्रम लंबा होना चाहिए।

खुद को डिटॉक्स करने के तरीके में सबसे आरामदेह है ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना। चित्र : अडोबी स्टॉक

5 ठंडे पानी के साथ स्नान करें (cold bath)

ठंडे पानी के छींटे के साथ शॉवर से स्नान करना ऊर्जावान महसूस करने का एक तरीका है। इससे आप न सिर्फ डिटॉक्स महसूस करेंगी, बल्कि एनर्जेटिक भी। ठंडा पानी सूजन को कम कर सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे सकता है।

हार्वर्ड हेल्थ के अध्ययन के अनुसार, जो लोग 30, 60, या 90 सेकंड तक ठंडे पानी से नहाते हैं, उन्हें ऐसा न करने वाले लोगों की तुलना में 29% कम बीमार महसूस हुए। जो लोग कोल्ड बाथ लेते हैं, वे उन लोगों की तुलना में अधिक स्वस्थ महसूस करते हैं, जो ऐसा नहीं करते हैं। बर्फ से स्नान करना, दर्द और सूजन को कम करने, नींद में सुधार लाने और आराम करने में मदद कर सकता है।

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स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

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