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गिरता तापमान बढ़ा रहा है श्वास संबंधी समस्याएं, तो इन आसान एक्सरसाइज से बनाएं फेफड़ों को मजबूत

वर्कआउट करना आपके लिए अच्छा है। यह आपको शेप में लाने, वजन कम करने, हार्ट हेल्थ के लिए मदद कर सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वर्कआउट करने से फेफड़ों को भी अच्छा रखा जा सकता है?
गहरी सांस लेने वाले व्यायाम, जैसे डायाफ्रामिक ब्रिदिंग या प्राणायाम, फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। चित्र : एडॉबीस्टॉक
Updated On: 7 Jan 2024, 09:49 am IST

कई लोगों को सर्दियों में सांस लेने में समस्या होती है। इसकी वजह है सर्दी के मौसम में फेफड़ों में बलगम का जमा हो जाना। जिन लोगों को अस्थमा की समस्या होती है, उन लोगों को भी सर्दियों में सांस लेने में समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन आप कुछ सांस से संबंधित एक्सरसाइज करके अपने फेफड़ों को ठीक रख सकते हैं। हम यहां ऐसी ही श्वास संबंधी एक्सरसाइज के बारे में बात कर रहे हैं।

सांस के व्यायाम आपके फेफड़ों के लिए कैसे फायदेमंद हैं

1 फेफड़ों की क्षमता में सुधार करते हैं

गहरी सांस लेने वाले व्यायाम, जैसे डायाफ्रामिक ब्रिदिंग या प्राणायाम, फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वे डायाफ्राम के उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं, जो सांस लेने वाली प्राथमिक मांसपेशी है, जिससे फेफड़ों को पूरी तरह से फैलने और सिकुड़ने में मदद मिलती है। जिससे अच्छा मात्रा में ऑक्सीजन अंदर जाता है।

2 बेहतर ऑक्सीजनेशन

सांस पर नियंत्रण रखने वाली एक्सरसाइज रक्त के ऑक्सीजनेशन को अनुकूलित कर सकती है। जब आप गहरी और एक लय में सांस लेते हैं, तो अधिक ऑक्सीजन आपके फेफड़ों में प्रवेश करती है और रक्तप्रवाह में अवशोषित हो जाती है, जिसे बाद में आपके पूरे शरीर में वितरित किया जाता है।

तेजी से सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया करें। चित्र: शटरस्‍टॉक

3 बढ़ी हुई श्वसन क्षमता

सांस लेने के व्यायाम सांस लेने की मांसपेशियों के समन्वय और ब्रीदिंग एक्टिविटी की दक्षता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। यह फेफड़ों से खराब हवा को साफ करने, बेहतर और साफ हवा रखने और अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने में सहायता कर सकता है।

फेफड़ों के लिए कुछ सांस लेने वाले व्यायाम (Exercise to increase lungs capacity)

1 स्ट्राॅ ब्रीदिंग एक्सरसाइज (Straw breathing)

स्ट्रॉ ब्रीदिंग एक ऐसी तकनीक है जो होंठों से सांस लेने की तरह ही काम करती है, लेकिन व्यायाम में सहायता के लिए ड्रिंकिंग स्ट्रॉ का उपयोग करते है।

ऐसे करें स्ट्राॅ ब्रीदिंग एक्सरसाइज

छोटे से छेद वाले स्ट्रा का प्रयोग करें।

सीधे सामने की ओर मुंह करके स्ट्रॉ को अपने होठों के बीच रखें। स्ट्रॉ को नीचे की ओर जाने से रोकने के लिए अपनी उंगलियों से पकड़ें।

आप अपनी नाक से नार्म सांस लें।

स्ट्रा के माध्यम से स्वाभाविक रूप से सांस छोड़ें।

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बीएमआई चेक करें

जब आपकी सांस लगभग पूरी हो जाए, तो स्ट्रॉ बाहर निकालें और अपना मुंह बंद करें, जितना संभव हो सके अपनी नाक के माध्यम से सांस छोड़ें।

स्ट्रा के बिना सामान्य रूप से 2 या 3 बार सांस लें।

इस व्यायाम को 5 से 10 मिनट तक करें।

2 एक क्रम में सांस लेना (Numbered breathing)

आपके ऑक्सीजन के इनहेल को बढ़ाने के लिए क्रमांकित सांस का भी उपयोग किया जा सकता है। यह पूरे अभ्यास के दौरान संख्याओं के अनुक्रम पर ध्यान केंद्रित करके ध्यान को शामिल करता है।

ऐसे करें ये अभ्यास

गहरी सांस लेते हुए अपनी आंखें बंद कर लें।

तब तक सांस छोड़ें जब तक आपके फेफड़े खाली न हो जाएं।

नंबर 1 के बारे में सोचते हुए फिर से सांस लें।

2 सेकंड के लिए अपनी सांस रोकें, फिर सांस छोड़ें।

संख्या 2 के बारे में सोचते हुए फिर से सांस लें।

3 सेकंड के लिए अपनी सांस रोकें, फिर सांस छोड़ें।

इस अभ्यास को संख्या 8 तक जारी रखें।


सांस पर नियंत्रण रखने वाली एक्सरसाइज रक्त के ऑक्सीजनेशन को अनुकूलित कर सकती है।
चित्र : एडॉबीस्टॉक

3 पुशिंग आउट (Pushing out)

पुशिंग आउट एक व्यायाम है जो आपके फेफड़ों की ऑक्सीजन अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करता है।

ऐसे करें पुशिंग आउट का अभ्यास

सीधे खड़े हो जाएं और अपने घुटनों को ढीला कर लें।

सांस छोड़ते हुए कमर से नीचे झुकें, फिर अपनी सीधी स्थिति में लौट आएं।

जितना संभव हो उतना हवा अंदर लें, फिर अपनी बाहों को अपने सिर के ऊपर उठाते हुए 20 सेकंड (यदि आप कर सकते हैं) के लिए अपनी सांस रोकें।

आराम करें और सांस छोड़ते हुए अपनी भुजाएं नीचे कर लें।

इन चरणों को 4 बार दोहराएं।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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