ये 5 मुहावरे हैं हेल्दी फूड और लाइफ का आधार, जानिए क्या है इनका अर्थ 

हम बोलचाल की भाषा में कुछ ऐसे मुहावरों का प्रयोग करते हैं, जिनमें खाए जाने वाले भोजन के स्वास्थ्य लाभ की ओर इंगित किया जाता है। जानें ऐसे ही 5 लोकप्रिय मुहावरे और भोजन के फायदों को।
आम के साथ-साथ उसकी गुठली भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है। चित्र:शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 6 August 2022, 19:00 pm IST
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हमारे समाज में कई मुहावरे प्रचलित हैं। ये न सिर्फ हमें तीन चार वाक्यों के बदले एक वाक्य बोलने का अवसर देकर हमारी एनर्जी बचा देते हैं, बल्कि सामने वाले व्यक्ति पर इंप्रेशन का रंग भी जमा देते हैं। इससे बात भी विश्वसनीय लगती है। कई मुहावरे तो हमारे आहार की ओर इंगित करते हैं। वे संकेत देते हैं कि ये आहार हमारे लिए स्वास्थ्य वर्द्ध् क हैं। ये न सिर्फ स्वादिष्ट हैं, बल्कि पोषण से भी भरपूर हैं। यदि इन फूड्स को हम अपनी डाइट में शामिल कर लें, तो बॉडी, स्किन, मसल्स हेल्थ बढ़िया होगी और हम मौसम की मार को झेलने में भी समर्थ होंगे। उदाहरण के लिए घी पीना मुहावरे के बारे में जानते हैं। यह मुहावरा व्यक्ति के स्वस्थ और समृद्ध होने की इंगित करता है। अपनी डाइट में रोज 1 चम्मच घी का प्रयोग करने से गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है और स्किन चमकदार होती है। आइए ऐसे ही कुछ मुहावरे और उनसे संबंधित फल या अनाज के फायदे को जानने के लिए हमने बात की आयुर्वेदाचाय सत्यम त्यागी से।

1 आम के आम गुठलियों के दाम

आम पना पिएं, आम खाएं या फिर आम शरबत पिएं। आम से तैयार होने वाला हर व्यंजन लाजवाब है। इस मुहावरे के अनुसार, आम पोषण तो देता ही है। गुठलियां, जिन्हें हम बेकार समझ कर फेंक देते हैं, वे भी बहुत फायदेमंद हैं। आयुर्वेदाचार्य सत्यम त्यागी कहते हैं कि आम की गुठली में एंटीऑक्सीडेंट गुण होती है। गर्मियों में अक्सर अधिक खाने या ज्यादा तेल-मसालेदार खाने से दस्त की समस्या हो जाती है। 

इसमें आम की गुठली का पाउडर दस्त की समस्या को ठीक करने में मदद करता है। आम की गुठलियों का पाउडर या तेल स्ट्रेस से रिलैक्स करने में भी मदद करता है। दूसरी तरफ आम में मौजूद विटामिन के ब्लड क्लॉट में सहायक है। विटामिन सी होने के कारण इम्यून सिस्टम मजबूत करता है। यह हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है।

  1. आसमान से गिरे खजूर पर अटके

आसमान के पॉल्यूशन फ्री होने पर हमारा दिमाग तनावमुक्त होता है और खजूर के तो सैंकड़ों फायदे हैं। आयुर्वेद के अनुसार, खजूूर की तासीर शीतल होती है। इसलिए इसे गर्मी के मौसम में भी खाया जाता है। खजूर में विटामिन, प्रोटीन फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और शुगर होने की वजह से पूर्ण आहार माना जाता है। 

इसमें मौजूद विटामिन बी हार्ट मसल्स को मजबूती देती है। विटामिन सी से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। खजूर का सेवन महिलाओं के पैर दर्द, कमर दर्द में आराम देता है।

3 दूध का दूध पानी का पानी

दूध पर तो कई मुहावरे प्रचलित हैं। दूध का दूध पानी का पानी के अलावा, दूध का धुला मुहावरा भी खूब चलन में है। दूध का दूध पानी का पानी मुहावरे के अनुसार, दूध में पानी की मिलावट से इंफेक्शन होने का खतरा मौजूद रहता है। दूध और दूध से बने सामान हजारों वर्षों से हमारे आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। 

कैल्शियम का प्रमुख स्रोत दूध हड्डियों को मजबूत बनाता है। चित्र: शटरस्टॉक

इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यह हड्डी और मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। रात में सोने से पहले दूध जरूर पीना चाहिए। यदि दूध में किसी प्रकार की मिलावट की जाती है, तो यह फायदे की बजाय नुकसान पहुंचाता है।

4 एक अनार सौ बीमार

एक अनार के इतने फायदे हैं कि उसे गिनाना मुश्किल है। यह कई तरह की बीमारियों को ठीक कर देता है। कब्ज, दस्त या पाचन की किसी भी समस्या में अनार कारगर है। इसमें

विटामिन ए, ई और सी मौजूद होता है। इसलिए यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को जल्दी आने से भी रोकता है। यह त्वचा की महीन रेखाओं और झुर्रियों को भी नष्ट करने में मदद करता है। एंटी ऑक्सिडेंट गुण एक्ने पिंपल्स को दूर रखते हैं।

अनार कई बीमारियों से सुरक्षा देता है।चित्र: शटरस्टॉक

5 घर की मुर्गी दाल बराबर

यह मुहावरा दाल सस्ती और चिकेन महंगी होने की ओर इंगित किया गया है। यदि डाइट की नजरिये से देखें, तो चिकेन और हर तरह की दालें रिच प्रोटीन डाइट हैं। मसालेदार और खूब भूना हुआ चिकन की बजाय यदि ब्वॉयल्ड चिकन खाया जाए, तो यह वजन घटाने में भी कारगर हो सकता है।

चिकन में विटामिन बी6 अधिक पाया जाता है, जो हार्ट को सुरक्षा प्रदान करता है। दाल में फैट कम होता है। इसमें मिनरल्स, विटामिन, एंटी-ऑक्सीडेंट गुणाें वाला होता है। यह फाइबर से भरपूर होता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करते हैं। अच्छी सेहत के लिए एक कटोरी दाल रोज खाएं।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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