लॉग इन

अच्छी नींद के लिए मैग्नीशियम भी है जरूरी, 4 कारण कि आपको इस जरूरी पोषक तत्व को नहीं करना चाहिए इग्नोर

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मैग्नीशियम मिनरल बहुत जरूरी है। यह दिल के साथ-साथ दिमाग को भी स्वस्थ रखता है। जानते हैं मैग्नीशियम की कितनी मात्रा होनी चाहिए।
हर्ट मसल्स सहित मैग्नीशियम नर्व और मसल्स फंक्शन को रेगुलेट करने में मदद करता है। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Updated: 29 Mar 2024, 02:49 pm IST
मेडिकली रिव्यूड
ऐप खोलें

संपूर्ण शरीर के लिए पोषक तत्व जरूरी हैं। ये पोषक तत्व विटामिन, मिनरल के रूप में मौजूद होते हैं। मैग्नीशियम जैसे मिनरल भी स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। ये दिल-दिमाग और अन्य अंगों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। यदि इसकी कमी हो जाती है, तो कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम भी हो सकते हैं। इसकी अधिकता भी सही नहीं है। इसलिए सही मात्रा में मैग्नीशियम का सेवन सबसे अधिक जरूरी है। सबसे पहले जानते हैं इसके फायदे।

क्या है मैग्नीशियम (What is Magnesium)

जानकारी के अभाव में हम मैग्नीशियम के महत्व को जान नहीं पाते हैं। सात एसेंशियल मिनरल्स में से एक है मैग्नीशियम। यह शरीर के फंक्शन में मदद करता है और बढ़िया स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। मैग्नीशियम की कमी से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मैग्नीशियम 300 से अधिक एंजाइम की एक्टिविटी में शामिल होता है। यह हमारे शरीर में बायोलॉजिकल केमिकल एंजाइमों को संतुलित करने में मदद करता है।

यहां हैं मैग्नीशियम से शरीर को मिलने वाले वाले फायदे (Magnesium Benefits)

1 दिल और दिमाग (Magnesium for heart and brain)

हर्ट मसल्स सहित मैग्नीशियम नर्व और मसल्स फंक्शन को रेगुलेट करने में मदद करता है। मैग्नीशियम हृदय को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है। यह ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने और कोलेस्ट्रॉल प्रोडक्शन में शामिल होता है।

2 बोन हेल्थ (Magnesium for bone health)

स्केलेटल फंक्शन के लिए मैग्नीशियम जरूरी है। यह बोन स्ट्रक्चर (bone structure) और उम्र बढ़ने के साथ बोन डेंसिटी बनाये रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3 ब्लड शुगर मेंटेन करने में मदद (Magnesium for blood sugar level)
यह एसिड और प्रोटीन के पाचन को बनाए रखता है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

4 नींद (Magnesium for sound sleep)

मैग्नीशियम कुछ न्यूरोट्रांसमीटर की गहराई तक जाकर आरामदेह नींद लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है और ब्रेन को आरामदायक स्थिति में लाने में मदद करता है।

मैग्नीशियम कुछ न्यूरोट्रांसमीटर की गहराई तक जाकर आरामदेह नींद लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।चित्र : अडोबी स्टॉक

5 स्ट्रेस का प्रबंधन (Magnesium for stress)

शरीर मेंस्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल लेवल को कम करने में मदद करता है।

कितना चाहिए शरीर को मैग्नीशियम (Magnesium for health)

शरीर में मैग्नीशियम का उत्पादन नहीं होता है। इसलिए इसे बाहरी तत्वों से मिलना चाहिए। यह या तो खाये जाने वाले भोजन से मिलना चाहिए या सप्लीमेंट से।

19-51 वर्ष की महिलाओं के लिए- 310-320 एलपीजी प्रति दिन
19-51 वर्ष की आयु पुरुषों के लिए – 400-420 एलपीजी प्रति दिन
गर्भवती महिलाओं के लिए – प्रति दिन 350-360 जीबी
51 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अपने लिंग के अनुसार हाई सीमा का लक्ष्य रखना चाहिए

मैग्नीशियम लेवल के लिए खाद्य पदार्थ (Food for magnesium)

ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं, जिनहीं भोजन में शामिल करने से अधिकतम मैग्नीशियम लेवल पाया जा सकता है। सबसे अधिक मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ में शामिल हैं:

ब्राज़ील नट्स – 250 मिली ग्राम आधा कप साबुत
पालक – 157 मिली ग्राम
कद्दू के बीज – 150 मिली ग्राम
ब्लैक बीन्स – 120 मिली ग्राम
बादाम – 80 मिली ग्राम
काजू – 72 मिली ग्राम

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें
काजू में भरपूर मैग्नीशियम होता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

डार्क चॉकलेट – 64 मिली ग्राम
एवोकाडो – 58मिली ग्राम
टोफू – 53 मिली ग्राम
सैल्मन – 53 मिली ग्राम
केला – 37 मिली ग्राम
रास्पबेरी/ब्लैकबेरी – 28 मिली ग्राम

अधिक मैग्नीशियम लेना है हानिकारक (too much magnesium harmful for health)

बहुत अधिक मैग्नीशियम मतली, दस्त, उल्टी और पेट में ऐंठन का कारण बन सकता है। गंभीर मामलों में यह सांस लेने में परेशानी, तेज़ या अनियमित दिल की धड़कन, ट्रॉमा और कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है। ध्यान रखना जरूरी है कि न सिर्फ मैग्नीशियम की कमी, बल्कि मैग्नीशियम की अधिक मात्रा (magnesium ke fayde) भी शरीर के लिए नुकसानदेह है।

यह भी पढ़ें :- Berberine for weight loss : मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ाकर वेट लॉस में मदद कर सकता है बर्बेरिन, जानिए इसके बारे में सब कुछ

स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

अगला लेख