शरीर के साथ-साथ आपका ब्रेन भी होता है बूढ़ा, जानिए क्या हैं ब्रेन की एजिंग के संकेत

क्या आपके एजिंग पेरेंट्स अकसर छोटी-छोटी चीजें भी भूल जाते हैं। तो उनके साथ सहयोग करें, क्योंकि ये बढ़ती उम्र के साथ मस्तिष्क के भी बूढ़े होते जाने के प्रमाण हैं।
शरीर के साथ मस्तिष्क की उम्र कैसे होती है और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के लक्षण। चित्र:शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 26 August 2022, 19:04 pm IST
ऐप खोलें

कभी – कभी छोटी मोटी – चीज़ें भूल जाना उम्र बढ़ने का हिस्सा है। मगर, यदि आपके साथ यह बार – बार हो रहा है और इससे आपके व्यक्तित्व में भी बदलाव आ रहा है, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत है। उदाहरण के लिए फ्रिज खोलने पर क्या लेने आए थे ये भूल जाना नॉर्मल है। मगर रास्ते पर चलते समय घर का रास्ता भूल जाना नॉर्मल नहीं है। यह गंभीर समस्या का संकेत है। लेकिन यह भी सच है कि उम्र के साथ स्मरण शक्ति (Memory loss) भी कम होने लगती है। ऐसे में हमारे लिए यह समझना ज़रूरी है कि आखिर बढ़ती उम्र से मस्तिष्क (Brain aging) के कार्य का क्या लेना देना है। तो चलिये इस लेख के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं कि उम्र और ब्रेन के बीच क्या संबंध है।

मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करती है बढ़ती उम्र

हेल्थ जर्नल के अनुसार हमारी उम्र के साथ हमारे मस्तिष्क की भी उम्र बढ़ती है। बढ़ती उम्र के साथ मस्तिष्क का सामने वाला हिस्सा जिसे फ्रंटल कॉर्टेक्स कहा जाता है, सिकुड़ना शुरू हो जाता है। इसलिए हमें सोचने, निर्णय लेने और स्मृति जैसी संज्ञानात्मक क्षमताओं को बनाए रखने में मदद की आवश्यकता हो सकती है।

ऐसे में मस्तिष्क अन्य न्यूरोलॉजिकल नेटवर्क की भर्ती करके मस्तिष्क के कामकाज में इस कमी की भरपाई करता है। ताकि आपको उम्र के अनुसार चीजों को याद रखने में मदद मिल सके, जो संज्ञानात्मक भ्रम पैदा कर सकता है।

कई अध्ययनों के अनुसार बढ़ती उम्र के साथ – साथ लोग माइल्ड कॉगनिटिव इम्पेयरमेंट (Mild cognitive impairment – MCI) से ग्रस्त हो सकते हैं। इस स्थिति का बढ़ना डिमेंशिया का संकेत है। 65 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 15 से 20% लोगों एमसीआई से ग्रस्त हैं। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, जिन्हें एमसीआई है उनमें अन्य लोगों की तुलना में अल्जाइमर रोग या डिमेंशिया विकसित होने की अधिक संभावना होती है।

ऐसे में अपने एजिंग पेरेंट्स का ख्याल रखने के लिए जानिए कुछ लक्षणों के बारे में जो कॉगनिटिव डिकलाइन को दर्शाते हैं

1 स्मृति हानि जो दैनिक जीवन को बाधित करती है

अल्जाइमर रोग के सबसे आम लक्षणों में से एक है भूलना। विशेष रूप से प्रारंभिक अवस्था में, सीखी गई जानकारी को भूलना। महत्वपूर्ण तिथियों या घटनाओं को भूलना, एक ही प्रश्न को बार-बार पूछना, और सहायता के लिए नोट्स या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर तेजी से निर्भर होना।

जानिए क्या है ब्रेन का एज से संबंध। चित्र : शटरस्टॉक

2 समस्याओं को हल करने में कठिनाई

मनोभ्रंश से पीड़ित कुछ लोगों को किसी योजना का पालन करने या संख्याओं के साथ काम करने में कठिनाई हो सकती है। उदाहरण के लिए, उन्हें एक परिचित नुस्खा का पालन करने या मासिक बिलों पर नज़र रखने में समस्या हो सकती है।

3 समय भूलना

समय या स्थान के बारे में बार – बार भूल जाना। अल्जाइमर के साथ ग्रस्त लोग तारीखों, मौसमों और समय बीतने का ट्रैक खो सकते हैं। कभी-कभी वे भूल जाते हैं कि वे कहां हैं या वहां कैसे पहुंचें। उन्हें किसी परिचित स्थान पर गाड़ी चलाने या पसंदीदा गेम के नियमों को याद रखने में परेशानी हो सकती है।

4 चित्रों को समझने में परेशानी

दृश्य छवियों और स्थानिक संबंधों को समझने में परेशानी। कुछ लोग अल्जाइमर रोग के साथ दृष्टि समस्याओं का अनुभव करते हैं जिससे संतुलन या पढ़ना मुश्किल हो जाता है। उन्हें दूरी तय करने और रंग या कंट्रास्ट निर्धारित करने में भी परेशानी हो सकती है, जिससे ड्राइविंग चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

5 बोलने और लिखने में दिक्कत होना

अल्जाइमर एसोसिएशन का कहना है कि अल्जाइमर रोग वाले कुछ व्यक्तियों को बातचीत बातचीत में शामिल होने में परेशानी हो सकती है। साथ ही, उनके लिए लिखना भी मुश्किल होता है।

यह भी पढ़ें : आर्थराइटिस की सूजन को कम कर सकता है प्लांट बेस्ड आहार, जानिए इस बारे में क्या कहती है रिसर्च   

लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

स्वास्थ्य राशिफल

स्वस्थ जीवनशैली के लिए ज्योतिष विशेषज्ञों से जानिए अपना स्वास्थ्य राशिफल

सब्स्क्राइब
Next Story