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पीरियड मिस होने का मतलब सिर्फ प्रेगनेंसी नहीं, ये 6 भी हो सकते हैं कारण

पीरियड्स मिस होते ही सबसे पहला ख्याल जो दिमाग में आता है वो है प्रेगनेंसी। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता क्योंकि मिस्ड पीरियड्स के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
माहवारी या मेंस्ट्रुअल साइकल बहुत हद तक आपके लाइफस्टाइल और खानपान के कारण प्रभावित होते हैं। चित्र शटर स्टॉक
अदिति तिवारी Published: 15 Nov 2021, 23:30 pm IST
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आज भी पीरियड्स मिस होने का सबसे पहला कारण प्रेगनेंसी माना जाता है। ऐसी स्थिति अक्सर चिंता में डाल देती है और ज्यादात महिलाएं प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) करने लगती हैं। अविवाहित महिलाओं या प्रेगनेंसी के लिए जो महिला तैयार नहीं हैं, उनके लिए यह पीरियड्स मिस होना एक डरावने सपने की तरह होता है। कोई भी इसका अनुभव नहीं करना चाहता है। 

लेकिन पीरियड्स मिस होने का सिर्फ एक ही मतलब नहीं होता है। यह कुछ अन्य चिकित्सा और जीवनशैली कारक के कारण भी हो सकता हैं। कुछ दवाएं या शारीरिक स्थिति आपके मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। यदि आप गर्भवती नहीं हैं, तो अत्यधिक वजन घटाने, हार्मोनल अनियमितताएं और रजोनिवृत्ति सबसे आम कारण हैं। 

जानिए प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड्स मिस होने के अन्य कारण

1. तनाव  

अधिक स्ट्रेस आपके गोनैडोट्रॉफ़िन-रिलीज़िंग हार्मोन (GnRH) के उत्पादन को बाधित करता है। यह हार्मोन आपके  ओव्यूलेशन और मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करता है। शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के तनाव के कारण मासिक धर्म में देरी हो सकती है। 

अधिक तनाव आपके मिस्ड पीरियड्स का कारण बन सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

बहुत तनावपूर्ण स्थिति से गुजरते हुए एक पीरियड मिस हो जाना असामान्य नहीं है। हालांकि, यदि आप लंबे समय से तनाव में हैं और एक से अधिक अवधि मिस हो जाती है, तो अपने चिकित्सक की परामर्श जरूर लें। एक बार जब आपका तनाव सामान्य स्तर पर वापस आ जाता है, तो आपके चक्रों को फिर से नियमित होने में कुछ महीने या उससे अधिक समय लग सकता है।

2. हाई इंटेंसिटी वर्कआउट 

अत्यधिक व्यायाम पिट्यूटरी हार्मोन और थायराइड हार्मोन में परिवर्तन का कारण बन सकता है, जो ओव्यूलेशन और मासिक धर्म को प्रभावित कर सकता है। प्रति दिन एक या दो घंटे वर्कआउट करने से आपका मासिक धर्म प्रभावित नहीं होना चाहिए। इन हार्मोनल परिवर्तनों के लिए आपको रोजाना घंटों एक्सरसाइज करने की आवश्यकता है। 

यदि आप इतना अधिक व्यायाम करने की योजना बना रहे हैं, तो आप एक स्पोर्ट्स मेडिसिन हेल्थ केयर चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं। वह आपके शरीर को इस तरह तैयार करेंगे कि आप हर प्रकार के शारीरिक मांगों को पूरा कर पाएंगे। 

3. दिनचर्या में बदलाव 

शेड्यूल बदलने से आपकी बॉडी का सिस्टम खराब हो सकता है। यदि आप काम की शिफ्ट को दिन से रात में बदलते हैं, या आपका शेड्यूल आम तौर पर अनियमित है, तो आपकी अवधि काफी प्रभावित हो सकती है।

आपके शेड्यूल में बदलाव के कारण आपका पीरियड्स पूरी तरह नहीं छूटना चाहिए।  लेकिन इससे आपकी अवधि अपेक्षा से पहले या बाद में शुरू हो सकती है। यदि आप जेट लैग का अनुभव करते हैं तो आपका चक्र भी कुछ दिनों में बदल सकता है।

4. दवाओं का असर 

कुछ दवाएं, जैसे कि एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसाइकोटिक्स, थायरॉयड दवाएं, एंटीकॉन्वेलेंट्स और कुछ कीमोथेरेपी दवाएं, आपकी अवधि के अनुपस्थित या विलंबित होने का कारण हो सकती हैं। इसके अलावा गर्भनिरोधक गोलियां भी आपके पीरियड्स को प्रभावित कर सकते हैं। 

5. बदलता वजन 

अधिक वजन होना, कम वजन होना, या वजन में भारी बदलाव का अनुभव करना आपके चक्र को प्रभावित करता है। मोटापा एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन को प्रभावित करता है और यहां तक ​​कि प्रजनन क्षमता के साथ समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

बदलता वजन भी हो सकता है संभावित कारण। चित्र:शटरस्टॉक

बहुत अधिक वजन मिस्ड पीरियड्स का कारण हो सकता है। वजन घटाने से महिलाओं के लिए मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में मदद मिल सकती है। गंभीर रूप से कम वजन का होना भी नियमित मासिक धर्म चक्र में भी बाधा डालता है। जब शरीर में वसा और अन्य पोषक तत्वों की कमी होती है, तो वह उस तरह से हार्मोन का उत्पादन नहीं कर सकता जैसा उसे करना चाहिए।

6. रोजानिवृत्ति 

रोजानिवृत्ति एक ऐसी स्थिति है जब आपका मासिक धर्म समाप्त होता है। इस दौरान आपके पीरियड्स हल्के, भारी, अधिक बार-बार, या कम बार-बार हो सकते हैं। समस्या तब बढ़ती है जब महिलायें प्रीमेनोपॉज का अनुभव करती हैं। यह अक्सर प्रेगनेंसी के साथ भ्रमित होता है और मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है। 

तो लेडीज, मिस्ड पीरियड्स का मतलब हमेशा प्रेगनेंसी नहीं होता है। इसलिए घबराएं नहीं और अन्य पहलुओं को भी अपने चिकित्सक के साथ चर्चा करें। 

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अदिति तिवारी

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