देसी भुट्टा या अमेरिकन स्वीट कॉर्न? आपकी सेहत के लिए जानिए क्या है बेहतर

भुट्टा, जिसे मक्का, या कॉर्न भी कहा जाता है, के कई फायदे हैं। आइए जानें देसी भुट्टा और अमेरिकन स्वीट कॉर्न में क्या अंतर है।
भुट्टा विटमिन और मिनरल्स का अच्छा सोर्स है। चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated on: 9 August 2021, 15:46 pm IST
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गर्म, रसीले, मसालेदार भुट्टे को खाए बिना मानसून का क्या मज़ा? क्या आपके मुंह में पहले से ही पानी आ रहा है? हमारे भी! पहले सड़क किनारे भुट्टे मिलना आम बात थी, जिन्हें जलते हुए कोयले की आंच पर भूना जाता था, भुने हुए भुट्टों की महक आपको आकर्षित करती थी और इन्हें खरीदने पर मजबूर कर देती थी।

अब देसी भुट्टा दुर्लभ हो गया है और इनकी जगह अब अमेरिकी स्टीम्ड स्वीट कॉर्न ने ले ली है। देसी भुट्टे के विपरीत, स्वीट कॉर्न पीले रंग का होता है और यह मक्के की एक अलग किस्म है। स्वीट कॉर्न ने देसी कॉर्न को बाजार से बाहर कर दिया है।

क्या आपको देसी भुट्टे की याद आती है? क्या वह आपका पसंदीदा है? क्या आप इसे खाने के लिए तरसते हैं? खैर, जिन लोगों ने देसी भुट्टे का स्वाद जीवन में एक बार चखा है, वे इसका स्वाद कभी नहीं भूल पाएंगे। क्या है जो सफेद मकई को अद्वितीय बनाता है? क्या देसी व्हाइट कॉर्न और अमेरिकन स्वीट कॉर्न में कोई अंतर है?

हमने इसके बारे में जानकारी हासिल की! और पाया कि देसी भुट्टा अमेरिकी स्वीट कॉर्न की तुलना में अधिक पौष्टिक है और स्वादिष्ट भी।

देसी भुट्टा बनाम अमेरिकन स्वीट कॉर्न

कॉर्न की सबसे आम किस्म जो हम आजकल खाते हैं उसे स्वीट कॉर्न कहा जाता है। एक समय ऐसा भी था, जब सड़कों पर हर तरफ देसी सफेद मक्का हुआ करता था। मगर, अब आप इसे आसानी से नहीं ढूंढ सकते।

स्वीट कॉर्न का प्रचं बढ़ गया है अब. चित्र : शटरस्टॉक

हाल ही में, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने इस बात पर जोर दिया कि समय के साथ, भारतीय खाद्य पदार्थों की देसी किस्मों को पीछे छोड़ रहे हैं, इस तथ्य के बावजूद कि वे प्रचलित संस्करणों की तुलना में ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट हैं!

उन्होंने कहा, “केवल एक प्रकार के मकई की रासायनिक और उर्वरक खेती समृद्ध हुई, देसी किस्मों और मकई की विविधता और उनकी खेती के तरीके खत्म हो गए। अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक, एमपी से अरुणाचल तक, हर कोई अमेरिकी कॉर्न खाता है।”

आइए देखें कि देसी सफेद मक्का मकई की सबसे अच्छी किस्म क्यों है:

सफेद मकई एक अनाज की फसल है जो कि ग्रैमिनाई परिवार से संबंधित है। यह केवल एक अनाज ही नहीं, बल्कि एक सब्जी और एक फल भी माना जाता है। इसका सफेद रंग 2 अप्रभावी Y एलील की उपस्थिति के कारण होता है। ये एलील कैरोटेनॉयड्स का उत्पादन नहीं करते हैं, जो लाल, नारंगी और पीले रंग के लिए वर्णक हैं। इसलिए, इसका रंग सफेद रहता है, और सफेद गुठली पैदा करता है।

भुट्टे की गुठली में भरपूर मात्रा में चीनी और पानी होता है, जो इसे पीले मकई की तुलना में मीठा और रसदार बनाता है। सफेद रंग का पोषण संबंधी प्रोफाइल आश्चर्यजनक है। इस देसी सफेद मक्के में कम वसा होती है और यह पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन B1 और विटामिन B6 का अच्छा स्रोत है। यह सफेद मक्का को मकई की एक बहुत लोकप्रिय किस्म बनाता है।

तो, ट्रेंड की तरफ ध्यान न दें और देसी भुट्टे पर वापस जाएं। इसे भूनें और नीम्बू, नमक और लाल मिर्च छिड़क कर इसका आनंद लें!

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