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अर्ली डेथ का रिस्क बढ़ा देती हैं प्रेगनेंसी में सामने आईं जटिललाएं, परिवार और डॉक्टर दोनों को देना चाहिए ध्यान

प्रेगनेंसी के दौरान कॉम्प्लिकेशन होना आम बात है। पर ये कॉम्प्लिकेशन भविष्य में महिला के लिए मृत्यु का जोखिम बढ़ा सकते हैं। यह बात अमेरिका के टेक्सास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्टडी में सामने आई है। क्या है यह स्टडी?
बहुत सी महिलाएं प्रेगनेंसी में तनाव का सामना करती हैं। शरीर में आने वाले बदलावों को लेकर चिंतित रहने से तनाव बढ़ने लगता है। चित्र : अडोबी स्टॉक
स्मिता सिंह Published: 20 Apr 2024, 12:30 pm IST
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गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं को कई तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। ये जटिलता साधारण से लेकर गंभीर भी हो सकती है। पर कभी-कभी ये जटिलता गर्भवती स्त्री की जान के लिए जोखिम भी बढ़ा सकती है। ये गंभीर जटिलता एमनियोटिक फ्लूइड संबंधी, खून अधिक बह जाने या अचानक गर्भपात या भ्रूण हानि के कारण भी हो सकती है। इसके कारण प्रीक्लेम्पसिया या एक्लम्पसिया के बारे में अब तक लोगों को कम जानकारी है। अमेरिका के टेक्सास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का शोध बताता है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सामान्य जटिलताओं का अनुभव करती हैं, उन्हें दशकों बाद भी जल्दी मृत्यु की अधिक संभावना (pregnancy complications) का सामना करना पड़ सकता है।

क्या कहता है प्रेगनेंसी की जटिलताओं के बारे में शोध (Research on pregnancy)

अमेरिका के टेक्सास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में महिलाओं पर अध्ययन किया। अध्ययन के निष्कर्ष के अनुसार, जिन महिलाओं ने गर्भावस्था के पांच प्रमुख प्रतिकूल परिणामों में से किसी एक का अनुभव किया था, उनमें मृत्यु दर का जोखिम बढ़ गया था।

यह जोखिम उम्र के 40 वर्ष या उससे अधिक वर्षों के बाद भी बढ़ा हुआ था। यह अध्ययन जर्नल ऑफ़ अमेरिकन मेडिकल एसोशिएसन (JAMA) और इंटरनल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुआ।

नए शोध से पता चलता है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सामान्य जटिलताओं का अनुभव करती हैं, उन्हें आने वाले दशकों में भी शीघ्र मृत्यु जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

हो सकता है समग्र स्वास्थ्य के लिए जोखिम (risk for overall health)

शोध के अनुसार, गर्भावस्था एक प्राकृतिक तनाव परीक्षण है, जो महिलाओं के भविष्य के स्वास्थ्य जोखिमों को समझने के लिए बहुमूल्य जानकारी प्रदान कर सकता है। दरअसल, धूम्रपान, मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग गर्भावस्था में जटिलताओं की संभावना बढ़ाती हैं। ये समग्र स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ा सकती हैं।

नए अध्ययन में टीम ने 1973 और 2015 के बीच एक शिशु को जन्म देने वाली 20 लाख से अधिक स्वीडिश महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया। इसके बाद उन्होंने 2023 तक महिलाओं के स्वास्थ्य पर नज़र रखी, जब इन महिलाओं की औसत आयु 52 वर्ष थी।

गर्भावस्था एक प्राकृतिक तनाव परीक्षण है, जो महिलाओं के भविष्य के स्वास्थ्य जोखिमों को समझने के लिए बहुमूल्य जानकारी प्रदान कर सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

प्री टर्म बर्थ और डायबिटीज बन सकते हैं वजह (Preterm birth and diabetes)

अध्ययन में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज से एक महिला की मृत्यु की संभावना 52% तक बढ़ जाती है। यह आंकड़ा उन महिलाओं की तुलना में देखा गया है, जिनके पास इस जटिलता का इतिहास नहीं है।

इसी तरह समय से पहले प्रसव के कारण जल्दी मृत्यु होने की संभावना 41% अधिक हो जाती है। कम वजन वाले बच्चे को जन्म देने से जोखिम में 30% की वृद्धि होती है। प्रीक्लेम्पसिया शीघ्र मृत्यु की संभावना में 13% की वृद्धि से जुड़ी है। प्रीक्लेम्पसिया गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर में बहुत अधिक वृद्धि से जुड़ा है। ये सभी जोखिम प्रसव के 30 से 46 साल बाद भी अधिक बने रहे।

हो सकता है शीघ्र मृत्यु का जोखिम (High risk of early death)

गर्भावस्था की जटिलता कई कारणों से शीघ्र मृत्यु के जोखिम को बढ़ाती है। किसी भी जटिलता के होने पर एक महिला की हृदय संबंधी मृत्यु की संभावना 1.5 से 2.5 गुना तक बढ़ जाती है। यह उन महिलाओं की तुलना में डेटा है, जिनके पास ऐसा कोई इतिहास नहीं है।

जिन महिलाओं ने समय से पहले प्रसव कराया या कम वजन वाले बच्चों को जन्म दिया, उनमें डायबिटीज या श्वसन संबंधी बीमारियों से मृत्यु का जोखिम दोगुना से अधिक हो गया। कैंसर से मृत्यु की संभावना 20% तक बढ़ गई।

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गर्भावस्था की जटिलता कई कारणों से शीघ्र मृत्यु के जोखिम को बढ़ाती है। चित्र : अडोबी स्टॉक

सही उपचार से हो सकता है बचाव (precautions during pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान एक से अधिक प्रकार की जटिलता होने से जोखिम और भी अधिक बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि दो या तीन जटिलताओं वाली महिलाओं में उन महिलाओं की तुलना में, जिनकी गर्भावस्था स्वस्थ थी, जल्दी मृत्यु की संभावना क्रमशः 56% और 84% बढ़ गई।

इन सभी बातों से यह स्पष्ट है कि डॉक्टरों को उनके रोगियों के सामने आने वाली किसी भी गर्भावस्था संबंधी समस्या के बारे में सूचित करना चाहिए। इस तरह इन महिलाओं को शुरुआती उपचार प्राप्त हो सकता है। यह बीमारी की संभावना को कम कर सकती है और उनके जीवन को लंबा कर सकती है।

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स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है। ...और पढ़ें

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