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मन को शांत कर डिप्रेशन और एंग्जाइटी से डील करने में मदद करते हैं ये 10 योगासन

Published on:20 June 2024, 05:51pm IST

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हुए अब हम दसवें वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। इन दस वर्षों में सारी दुनिया उस प्राचीन भारतीय अभ्यास के महत्व को समझा है जो तन ही नहीं, मन के स्वास्थ्य के लिए भी काम करता है।

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डिप्रेशन और एंग्जाइटी में करें योगासन

योग आपके मन, शरीर और पर्यावरण से जुड़कर तनाव और चिंता की भावनाओं को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। कुछ खास मुद्राओं और सांस लेने की तकनीकों के ज़रिए, आप अपनी गति से नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करना सीख सकती हैं। नियमित योग अभ्यास से मानसिक स्पष्टता और शांति आती है, शरीर के प्रति जागरूकता बढ़ती है, पुराने तनाव से राहत मिलती है, मन शांत होता है, ध्यान केन्द्रित होता है, और एकाग्रता बढ़ती है। यह सभी फैक्टर्स आपको चिंता और अवसाद से बहार आने में मदद कर सकते हैं।

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सुप्त वीरासन (Reclining Hero Pose)

अपने बाएं घुटने को मोड़कर अपने पैर को ज़मीन पर रखें, या अपने बाएं पैर को सीधा करके अपने पैर को मोड़ सकती हैं। फिर झुकें, अपनी कोहनी और कलाई और कोहनी के बीच के हिस्से को ज़मीन पर टिकाएं। वीरासन के लिए सुझाए गए तरीके से बाहर आएं, फिर बाएं पैर को पीछे करके इसे दोहराएं।

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वृक्ष मुद्रा (Tree pose)

खड़ी हो जाएं, अपना पूरा वजन दाहिने पैर पर दें और धीरे-धीरे अपने बाएं पैर को ज़मीन से ऊपर उठायें। अपने बाएं पैर के तलवे को धीरे-धीरे अपने बाएं पैर के अंदर की ओर मोड़ें। इसे अपने बाएं टखने, पिंडली या जांच के बाहर की ओर रखें। अपने हाथों को किसी भी आरामदायक स्थिति में लाएं। आप इसे चेस्ट के सामने प्रार्थना की स्थिति में रख सकती हैं, या अपने बगल में लटका कर छोड़ सकती हैं। इस मुद्रा में 2 मिनट तक बानी रहें। फिर दूसरी दिशा में इसे दोहराएं।

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त्रिकोणासन (Triangle pose)

अपने पैरों को अपने कूल्हों से चौड़ा करके खड़ी हो जाएं। अपने बाएं पैर की उंगली को आगे की ओर और दाएं पैर की उंगली को थोड़े कोण पर अंदर की ओर रखें। अपने हाथों को अपने कंधों से बाहर की ओर उठाएं। इस दौरान आपकी हथेलियां नीचे की ओर होनी चाहिए। अपने बाएं हाथ से आगे की ओर पहुंचें और अपने शरीर को आगे की ओर फैलाएं। अपने दाहिने कूल्हे को पीछे लाने के लिए अपने कूल्हे के जोड़ पर झुकें। बाएं हाथ को अपने पैर, फर्श या ब्लॉक पर ले जाएं। अपने दाहिने हाथ को छत की ओर बढ़ाएं। किसी भी आरामदायक दिशा में देखें। इस मुद्रा को 1 मिनट तक बनी रहें, फिर दूसरे पैर से भी इसे दोहराएं।

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उत्तानासन (Standing Forward Bend)

अपने पैरों को कूल्हे की चौड़ाई के बराबर दूरी पर रखें और अपने हाथों को अपने कूल्हों पर रखें। फिर अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ते हुए, आगे की ओर झुकें और सांस छोड़ें। अपने हाथों को फर्श पर रखें या उन्हें किसी ब्लॉक पर दिखाएं। अब अपनी ठुड्डी को अपनी छाती के नजदीक लाएं। आपका सिर और गर्दन फर्श की ओर झुकाएं। इस मुद्रा में अपनी क्षमता अनुसार बानी रहें, फिर सामन्य मुद्रा में आ जाएं और इसे वापस दोहराएं।

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मत्स्यासन (Fish pose)

अपने पैरों को अपने सामने फैलाकर बैठें। अपने हाथों को अपने नितंबों के नीचे रखें और अपनी हथेलियों को नीचे की ओर रखें। अपनी कोहनी को एक साथ दवाएं और अपनी छाती को फैलाएं। फिर अपनी बांहों और कोहनियों पर पीछे की ओर झुकें, अपनी छाती को ऊपर उठाने के लिए अपनी बाहों पर दबाव डालें। अगर यह आरामदायक है, तो आप अपने सिर को फर्श की ओर लटका सकती हैं, या इसे किसी ब्लॉक या कुशन पर टिका सकती हैं। इस मुद्रा को एक मिनट तक बनाए रखें।

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उत्तान शिशोसन (Extended Puppy pose)

टेबलटॉप स्थिति में आ जाएं। अपने हाथों को कुछ इंच आगे की ओर बढ़ाएं और अपने नितंबों को अपनी एड़ियों की ओर नीचे की ओर झुकाएं। अपने हाथों को दबाएं और अपनी बाहों की मांसपेशियों को सक्रिय करें, अपनी कोहनी को ऊपर उठाए रखें। इस दौरान अपने माथे को धीरे से फर्श पर टिकाएं। इस मुद्रा के दौरान अपनी छाती को खुलने और नरम होने दें। इस मुद्रा में लगभग 2 मिनट तक बानी रहें।

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बालासन (Child’s pose)

घुटने टेकने की स्थिति से, अपनी एड़ियों पर झुकें। अपने हाथों को अपने सामने की ओर आगे की ओर मोड़ें। अपने धड़ को अपनी जांघों पर रखें, और अपने माथे को फर्श पर टिकाएं। इस दौरान अपनी बाहों को आगे की ओर फैलाएं या उन्हें अपने शरीर के साथ टिकाएं। इस मुद्रा में 5 मिनट तक बनी रहें।

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जानुशीर्षासन (Head-to-Knee Forward Bend)

अपने बाएं पैर को फैलाकर कुशन या मुड़े हुए कंबल के किनारे पर बैठें। अपने दाहिने पैर के तलवे को अपनी बाईं जांघ पर दबाएं। आप सहारे के लिए किसी भी घुटने के नीचे कुशन या ब्लॉक रख सकती हैं। अपनी बाहों को ऊपर की ओर बढ़ाते हुए सांस लें। फिर अपनी रीढ़ को आगे की ओर मोड़ते हुए कूल्हों पर झुकें और सांस छोड़ें। अपने हाथों को अपने शरीर पर या फर्श पर कहीं भी रखें। इस मुद्रा में 5 मिनट तक बानी रहें, फिर दूसरी दिशा में इसे दोहराएं।

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विपरीत करणी (Legs-Up-the-Wall pose)

अपनी दाईं ओर दीवार के सहारे बैठें। फिर पीछे की ओर लेट जाएं और अपने पैरों को दीवार के साथ ऊपर की ओर घुमाएं। आपके नितंब दीवार के जितना करीब हो सके, उतने करीब होने चाहिए। यह दीवार के ठीक सामने या कुछ इंच दूर हो सकता है। अपनी पीठ, छाती और गर्दन को आराम दें और नरम करें। अपने शरीर को फर्श पर आराम से छोड़ दें। इस मुद्रा में 10 मिनट तक बानी रहें।

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पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)

एक मुड़े हुए कंबल या कुशन के किनारे पर बैठें और अपने पैरों को अपने सामने सीधा रखें। आप अपने घुटनों को थोड़ा मोड़कर रख सकती हैं। अपनी बाहों को ऊपर उठाएं और सांस लें। धीरे-धीरे अपने कूल्हों को आगे की ओर झुकाएं और अपने हाथों को अपने शरीर या फर्श पर टिकाएं। इस मुद्रा में 5 मिनट तक बानी रहें।

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