अचार खाने से जुड़े कुछ मिथ जिन पर आपको तुरंत विश्वास करना बंद कर देना चाहिए

दीपिका पादुकोण से लेकर रकुल प्रीत सिंह तक, बी-टाउन के सभी सेलेब्स अचार के दीवाने हैं। आइए आपको बताते हैं क्यों!
एसिड रेलुक्स से छुटकारा पाने के लिए अचार के रस का सेवन करें। चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published on: 11 July 2021, 11:00 am IST
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इसमें कोई संदेह नहीं है कि अचार स्वादिष्ट होते हैं, है न? उनके बारे में सोचकर ही हमारे मुंह में पानी आ जाता है! यह सिर्फ हम ही नहीं, बल्कि बी-टाउन के कई सेलेब्स हैं, जो अपने स्वाद और सेहत के लिए अचार खाती हैं। हाल ही में ‘दे दे प्यार दे’ की एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने अपने इंस्टा अकाउंट पर घर के बने अचार की खूबियों को शेयर करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया है। इतना ही नहीं ‘पद्मावत’ स्टार दीपिका पादुकोण ने भी माना है कि उन्हें आम का अचार पसंद है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अचार खाना वाकई खराब है, या यह सिर्फ एक मिथ है?

आइए जानें!

अचार खाना अच्छा है या बुरा?

अचार बनाना एक पुरानी तकनीक है, जिससे हम खाद्य पदार्थों को प्रीसर्व कर सकते हैं। आप गाजर, टमाटर, नींबू, आम, लाल और हरी मिर्च, खीरा, मछली, चिकन और मसालों सहित लगभग किसी भी खाद्य पदार्थ से अचार बना सकती हैं। यह एक चीज़ है जो लगभग हर भारतीय भोजन के साथ मिलती है।

मुंबई के ज़ेन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, की आहार विशेषज्ञ सुश्री प्रिया पालन के अनुसार – अचार में विटामिन और खनिजों जैसे विटामिन A, विटामिन K, पोटेशियम और सोडियम की उच्च मात्रा होती है, क्योंकि नमक का पानी अचार से पानी निकालता है।

सुश्री पालन कहती हैं – ”जैसा कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, ठीक वैसे ही अचार का एक नकारात्मक पहलू भी है। किसी भी प्रकार के भोजन को संरक्षित करने के लिए नमक की आवश्यकता होती है, और नमक अधिकांश अचार बनाने वाले व्यंजनों का लगभग पांच प्रतिशत है।


अचार की उच्च सोडियम सामग्री लोगों के लिए चिंता का विषय है, विशेष रूप से वे जो उच्च रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि गुर्दे की बीमारी, हृदय की समस्याओं, मधुमेह और लिवर की समस्याओं से पीड़ित हैं। साधारण शर्करा और वसा को अधिक मात्रा में मिलाने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अचार में मिलाए गए मसाले कमजोर जठरांत्र संबंधी मार्ग वाले लोगों में जलन पैदा कर सकते हैं।”

वह आगे कहती हैं, “अचार का अधिकतम लाभ उठाने के लिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि यह किस चीज से बना है। लोगों को न्यूट्रीशन लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए और चीनी और सोडियम सामग्री, सिरके वाले और फर्मेंटेड अचार की तलाश करनी चाहिए।

सुश्री पालन बताती हैं कि अचार खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है। लेकिन ऐसे कई मिथ हैं जो प्रचलित हैं। आइये पता करते हैं!

अचार खाने से जुड़े मिथक और तथ्य

मिथ 1: ज्यादातर अचार नमक और तेल से भरे होते हैं

तथ्य: अगर आप अचार में नमक और तेल नहीं मिलाती हैं, तो अचार खराब होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञ की मदद लेना और विशेषज्ञ द्वारा सुझाई गई मात्रा में नमक और तेल डालना आवश्यक है। इस प्रकार, कम नमक और तेल का उपयोग करके अचार का एक स्वस्थ रूप बनाया जा सकता है।

मिथ 2 : अचार पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

तथ्य: अचार में बहुत सारे खनिज और विटामिन होते हैं। अचार बनाने की विधि अचार का पोषण मूल्य तय करती है। अचार खाने से मांसपेशियों में ऐंठन से जल्दी राहत मिलती है। अचार में मसाले मिलाने से वे एंटीऑक्सिडेंट का एक अच्छा स्रोत बन जाते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

मिथ 3: अचार में सिरका ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है

तथ्य: सिरका आधारित अचार मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। सिरका एक फरमेंटेशन प्रक्रिया के माध्यम से उत्पन्न होता है, जो अच्छे बैक्टीरिया प्रदान करता है। इस बीच, सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड किसी की रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य करने में मदद कर सकता है।

मॉडरेशन में अचार खाना डायबिटिक मरीजों के लिए ठीक है। चित्र: शटरस्‍टॉक

मिथ 4: अचार में तेल आपकी सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है

तथ्य: तेल होने से आपको हृदय रोग का खतरा नहीं होगा। अन्य खराब जीवनशैली विकल्प जैसे व्यायाम न करना, जंक फूड का सेवन, अस्वस्थ वसा और देर रात को खाना हृदय रोग को ट्रिगर कर सकता है। आप सरसों या मूंगफली का तेल चुन सकती हैं।

मिथक 5: अचार में नमक रक्तचाप बढ़ाता है

तथ्य: बहुत से लोगों की यह धारणा है कि नमक का अत्यधिक सेवन ही उच्च रक्तचाप का कारण बनता है। यह बिल्कुल भी सच नहीं है बल्कि शारीरिक निष्क्रियता, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड खाना, तनाव और नींद की कमी भी इसके दोषी हैं। नमक के कई विकल्प हैं जिनमें लेमन जेस्ट या काली मिर्च शामिल हैं। हालाँकि, आप नमक सामग्री के संबंध में किसी विशेषज्ञ की मदद भी ले सकती हैं।

वह निष्कर्ष निकालती हैं कि “आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि संयम अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह, एसिडिटी और मोटापे वाले लोगों को अचार का सेवन सीमित मात्रा में करने की आवश्यकता है।”

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