International Women’s Day 2025: पद्मश्री से नवाजी गई हैं ये 7 भारतीय महिलाएं, जानें क्यों हैं खास
प्रत्येक वर्ष 8 मार्च की तारीख अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) मनाई जाती है। इसका मकसद महिलाओं को उनका सम्मान और अधिकारों की याद दिलाना है। इस दिन आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जश्न मनाया जाता है।
डॉ. नीरजा भटला
पद्मश्री सम्मान से सम्मानित डॉ. नीरजा भटला एक प्रसिद्ध ऑन्कोलॉजिस्ट और शोधकर्ता हैं। डॉ. भटला ने सर्वाईकल यानी गर्भाशय कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन पर किए शोध में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। डॉ. भटला कहती हैं कि 35 और 45 वर्ष की आयु में एचपीवी टेस्ट करवाना जरूरी है, जिससे समय रहते बीमारी की पहचान की जा सके।
अश्विनी भिड़े-देशपांडे
अश्विनी भिड़े-देशपांडे मुंबई की शास्त्रीय संगीत गायिका हैं। वह जयपुर के अतरौली घराने से ताल्लुक रखती हैं। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2025 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। वे खयाल , भजन और ठुमरी शैलियों की गायिका हैं। उनका जन्म 7 अक्टूबर 1960 में हुआ। ये एक बेहतरीन गायिका हैं।
जसपिंदर नरूला
गायिका जसपिंदर नरूला को भारत सरकार की ओर से पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने इस सम्मान को अपने माता-पिता को समर्पित किया है। इस साल नरूला के साथ-साथ कई अन्य हस्तियों को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ। अपने 50 साल के सफर के बारे में उन्होंने कहा, "मैंने जीवन में कुछ सिद्धांतों के साथ आगे की ओर कदम बढ़ाए हैं। यहां तक पहुंचने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की और सफल हुई।
जुमदे योमगाम गामलिन
जुमदे योमगाम गामलिन अरुणाचल प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता हैं, 59 वर्षीय गामलिन को सामाजिक कार्यों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 2025 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही वे मदर्स विजन की अध्यक्ष हैं, जो वर्ष 2013 में स्थापित एक गैर सरकारी संगठन है जो नशीली दवाओं और शराब की लत से लड़ने के लिए लोगों की सहायता करती है।
निर्मला देवी
बिहार के मुजफ्फरपुर के भूसरा की रहने वाली निर्मला देवी को बिहार में सुजनी कला को बढ़ावा देने के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया है। बिहार की सुजनी कला को भारत सरकार ने GI टैग दिया है, इस कला में कपड़ों पर कढ़ाई की जाती है। उन्होंने इस कला को भारत ही नहीं विदेशों में भी पहचान दिलाई।
शैली होल्कर
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की शैली होल्कर को ये सम्मान व्यापार और वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने के लिए दिया गया। इनका जन्म अमेरिका में हुआ। उन्होंने खरगोन की महेश्वरी शिल्प जो समाप्त हो रही थी उसे एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। इसके साथ ही इस शिल्प कला में आधुनिक डिजाइन के साथ परंपरा को बेहद खूबसूरत मिश्रित किया है।
प्रो. सोनिया नित्यानंद
लखनऊ की प्रो. सोनिया नित्यानंद को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। बता दें कि उनके परिवार से जुड़ा ये दूसरा पद्म श्री सम्मान है। इससे पहले उनके पिता डॉ. नित्यानंद को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है। प्रो. सोनिया केजीएमयू वीसी से पहले लोहिया की डायरेक्टर रह चुकी हैं।