Healthshots

By Sandhya Singh

Published March 30, 2023

World Idli Day 2023 : इडली डे पर जानें कहां से आई इडली और क्याें है सेहत के लिए इतनी खास

इडली जो की साउथ  इंडिया का एक लोकप्रिय डिश है जो कि अब नॉर्थ इंडिया के साथ पूरे देश में पसंद की जाने लगी है। लेकिन क्या आपको पता है कि इडली भारत में कैसे आई और यह साउथ इंडिया में क्यूं इतनी पसंद की जाती है। तो आइए आज आपको बताते है इडली से जुड़े कुछ रोचक और हेल्दी फैक्ट।

Image Credits : Pinterest

इडली क्या है

Image Credits : Pinterest

पिसे हुए चावल, दाल और सूजी से तैयार की जाने वाली इडली दक्षिण भारत में नाश्ते के रूप में खूब पसंद की जाती है। इस नमकीन फर्मेंटेड व्यंजन को गर्मागर्म सांबर और नारियल चटनी के साथ परेसा जाता है। हालांकि अब इसे कई अलग-अलग अंदाज और स्वाद में परोसा जाता है। मल्ली इडली भी इन्हीं में से एक है, जिसे कड़ी पत्ते और धनिया के छौंक के साथ परोसा जाता है।

Image Credits : Pinterest

इंडोनेशिया से इंडिया आई इडली

Image Credits : Pinterest

फूड कल्चर से जुड़े कुछ इतिहासकार बताते हैँ कि इडली की उत्पत्ति सबसे पहले इंडोनेशिया में हुई, जो किण्वित भोजन की अपनी परंपरा के लिए जाना जाता है। बाद में, यह 800-1200 CE के दौरान स्टीम्ड इडली के रूप में भारत में आई। कुछ सिद्धांतों का मानना है कि यह शब्द 'इदालिगे' से लिया गया था और इसका उल्लेख 920 ईस्वी के एक कन्नड़ कार्य में किया गया था। यह इंगित करता है कि यह उड़द की दाल के बैटर से बनाया गया था।

Image Credits : Pinterest

कब हुई इडली डे की शुरूआत

Image Credits : Pinterest

4 साल पहले विश्व इडली दिवस चेन्नई के एक लोकप्रिय इडली कैटरर एनियावन ने की थी। बताया गया है कि 2015 में उन्होंने इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए 1,328 तरह की इडली बनाई थी। इस दिन का जश्न मनाने के लिए, 44 किलोग्राम की एक विशाल इडली तैयार की। जिसे 30 मार्च को विश्व इडली दिवस के रूप में मनाते हुए काटा गया।

Image Credits : Pinterest

इडली कैसे बनाई जाती है

Image Credits : Pinterest

इडली की पारंपरिक रेसिपी के लिए चार भाग कच्चे चावल, एक भाग उड़द दाल चाहिए होती है, जिसे अलग से कम से कम चार से छह घंटे या रात भर भिगोया जाता है। भीगने के बाद उसे पीस कर एक मोटा पेस्ट तैयार किया जाता है। फिर दोनों को मिलाया जाता है। पीसे मिश्रण को रात भर किण्वन के लिए छोड़ दिया जाता है। किण्वित इडली बैटर को स्टीम करने के लिए इडली ट्रे के ग्रीस किए हुए सांचों में डाला जाता है। कंटेनर को 10-25 मिनट के लिए या इडली बनने तक ढक कर रखा जाता है।

Image Credits : Pinterest

स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है इडली

Image Credits : Pinterest

इडली को किण्वित करके बनाया जाता है, इसलिए यह एक प्रोबायोटिक के रूप में कार्य करता है और प्रतिरक्षा को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके अलावा, इडली फाइटिक एसिड, विटामिन बी, विटामिन के, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत हैं। इसमें वसा और कार्बोहाइड्रेट का स्तर कम होता है, जो इसे वजन घटाने के लिए आदर्श भोजन बनाता है।

Image Credits : Pinterest