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By  Anjali Kumari

Published June 05, 2023

एनवायरनमेंट के ये 5 फैक्टर्स सेहत के लिए हैं बेहद खतरनाक, यहां जानें कैसे

हर वर्ष 5 जून को विश्व वातावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार 1972 में 5 जून को सेलिब्रेट किया गया था। इस दिन को बनाने का मुख्य मकसद वातावरण में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकना है साथ ही अपने प्लानेट को पूरी तरह से सुरक्षित रखना है। इस साल विश्व वातावरण दिवस का थीम "बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन" रखा गया है।

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वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे (world environment day)

खतरनाक केमिकल

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इंडस्ट्री द्वारा वातावरण में रिलीज होने वाले केमिकल्स में खतरनाक टॉक्सिंस मौजूद होते हैं, जो हमारी सेहत को विभिन्न रूपों में प्रभावित कर सकते हैं। खास कर उन लोगों के लिए हानिकारक है जो केमिकल इंडस्ट्रीज में काम करते हैं। रिसर्च के अनुसार 2016 में कुछ चुनिंदा केमिकल की वजह से 1.6 मिलियन लोगों ने अपनी जान गवा दी थी।

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एयर पॉल्यूशन

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बढ़ता एयर पॉल्यूशन लंग्स की बीमारी से लेकर हार्ट और रेस्पिरेटरी हेल्थ से जुड़ी समस्यायों का कारण बन रहा है। हवा में मौजूद टॉक्सिंस और हानिकारक गैस हमारे शरीर के लिए प्वाइजनस हो सकते हैं। धीरे-धीरे यह शरीर को गंभीर रूप से प्रभावित कर देते हैं।

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वॉटर पॉल्यूशन

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पूरे विश्व में 780 मिलियन से अधिक लोगों तक साफ पानी नहीं पहुंच पाता। इसके साथ ही वॉटर बॉर्न डिजीज का खतरा भी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पानी हमारे शरीर के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है, आप इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती इसलिए अपनी तरफ से पानी को साफ रखने का प्रयास करें।

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वातावरण में हो रहा बदलाव

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बदलता वातावरण यानी कि क्लाइमेट चेंज व्यक्ति की सेहत को विभिन्न रूपों में प्रभावित कर सकता है।  लंबे समय से एक ही तापमान और एक ही प्रकार के बायोस्फीयर में रहने के बाद जब वातावरण में अचानक से बदलाव होता है, तो हमारे शरीर को उसमें ढलने में समय लगता है। वहीं कई लोग ऐसे में शारीरिक समस्याओं का शिकार हो रहे हैं।

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ग्लोबल एनवायरमेंट समस्याएं

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डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर वर्ष ग्लोबल वॉर्मिंग, वाइल्डफायर, गार्बेज डिस्पोजल, ग्रीन गैस एमिशन, ओजोन डिप्लीशन, बढ़ता पॉपुलेशन और प्रदूषण सभी लगभग 12.6 मिलियन लोगों के मौत का कारण बनती हैं। यह सभी समस्याएं अलग-अलग प्रकार की बीमारियों के खतरे को बढ़ा रही हैं। इसलिए इन पर नियंत्रित पाना है तो आज से ही खुद में सुधार करें।

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