सोशल मीडिया स्टार जेनिस सेक्‍युएरा बताती हैं ट्रोलिंग और महामारी के दौर में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व

Published on: 6 October 2020, 19:27 pm IST

सोशल मीडिया पर फैल रही नकारात्मकता आपके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। इस विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह, जानते हैं सोशल मीडिया स्टार जेनिस सेक्वेरिया से कि कैसे उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखा।

सोशल मीडिया के कई पहलू हैं। चित्र: Janice Sequeira
सोशल मीडिया के कई पहलू हैं। चित्र: Janice Sequeira

जेनिस सेक्वेरिया के लिए शोहरत कोई नई बात नहीं है। ‘सोशल मीडिया स्टार’, ‘स्टारी मील्स विथ जेनिस’ और ‘चियर्स टू दैट’ जैसे मशहूर और सफल टॉक शो की रचयिता जेनिस बॉलीवुड के लगभग सभी सितारों के साथ काम कर चुकी हैं। उन्हें अपनी इस सफलता और शोहरत से प्यार है, लेकिन एक स्टार होने के फायदे के साथ-साथ नुकसान भी हैं।

सोशल मीडिया पर अपने विचार रखने के लिए जेनिस अक्सर कॉन्ट्रोवर्सी का शिकार होती रहीं हैं, लेकिन अपना पक्ष रखने से वह कभी पीछे नहीं हटीं। उन पर कई तरह के तंज कसे गए, अप्रिय बातें कही गयीं जिसका जेनिस के मानसिक शांति पर दुष्प्रभाव पड़ा ही है। लेकिन जेनिस ने हमेशा सोशल मीडिया से एक सकारात्मक सम्बन्ध बनाने का प्रयास किया है। यही कारण है उनके फैंस उनका साथ देते हैं।

हेल्थशॉट्स से बातचीत में जेनिस बताती हैं किस तरह एक स्टार होना बहुत दबाव भरा होता है और वह कैसे सोशल मीडिया पर ट्रोल से अपनी मानसिक शांति को बचाती हैं।

सोशल मीडिया का दूसरा पहलू

सोशल मीडिया और हम, यह रिश्ता जितना प्यार भरा है उतना ही मुश्किल भरा भी है। इसके किसी एक पहलू पर ध्यान देना संभव नहीं है।

सोशल मीडिया कभी-कभी आपको परेशान भी कर देता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
सोशल मीडिया कभी-कभी आपको परेशान भी कर देता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

जेनिस सोशल मीडिया का सटीक आंकलन करते हुए बताती हैं, “सोशल मीडिया पर हम अपने जीवन को एक मुकाबले की दृष्टि से देखते हैं। पहले हम अपने जीवन में कैसे थे यह एक व्यक्तिगत मुद्दा था लेकिन अब यह पब्लिक हो गया है।”

वह उस दबाव को भी दर्शाती हैं, जो क्रिएटर्स महसूस करते हैं जब उन्हें हर वक्त कुछ कंटेंट बनाना होता है और यह भी ध्यान रखना होता है कि उससे कोई नकारात्मकता ना उपजे।

“पहले यह सिर्फ आपका टैलेंट दूसरों को दिखाने तक सीमित था। फिर हर व्यक्ति अपनी प्रोफाइल को नया रूप देने लगा, एड मिलने लगे। एड मिलने के कारण आपको एडवर्टाइजर के अनुसार काम रखना पड़ता है। हर वक्त कुछ नया क्रिएट करना होता है और ध्यान रखना होता है कि ट्रेंड में क्या है। साथ ही साथ इतने नए-नए क्रिएटर आ गए हैं कि बहुत कंफ्यूजन हो गया है।”, बताती हैं जेनिस।

मान्यता के विरुद्ध, जेनिस मानती हैं कि ‘वायरल’ कोई एक रात में नहीं होता। यह सालों की मेहनत होती है। ऐसा नहीं होता कि आप आते ही छा गए। सामने वाले को ऐसा लग सकता है, लेकिन एक क्रिएटर ही जानता है कि इसके पीछे कितने सालों की मेहनत है। आजकल इतने ऐप्‍स बन गए हैं कि सभी पर कुछ नया करने का प्रेशर आ गया है। यह प्रेशर आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।”, वह कहती हैं।

ट्रोल्स के साथ जेनिस का नाता

2018 में जेनिस ने जब अदाकारा तनुश्री दत्ता के ‘मी टू’ मूवमेंट का सपोर्ट किया तो उन्हें बहुत नफरत का सामना करना पड़ा। जेनिस ने बताया कि उस वक्त वह एक मीडिया हाउस में रिपोर्टर थीं और उन्होंने खुद यह होते हुए देखा था।

सोशल मीडिया पर जेनिस को ट्रोलर्स का भी सामना करना पड़ता है। चित्र: Janice Sequeira

ऐसे में उनका तनुश्री के साथ आवाज उठाना स्‍वभाविक था और सही भी, लेकिन जब उन्होंने ऐसा किया, बहुत से ट्रोलर्स द्वारा उन्हें रेप की धमकियां आने लगी। यही नहीं उनके दोस्तों और परिवार को भी इस तरह की धमकियां मिलने लगीं। उनके मानसिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर पड़ा।

“मैं इस तरह की ट्रोलिंग का शिकार पहली बार हुई थी। तब मुझे एहसास हुआ कि आप चाहें सच बोल रहे हों और देश में कई बड़े चेहरे आपके समर्थन में खड़े हों, इसका कोई फायदा नहीं होने वाला। मुझे ट्विटर इंडिया के ऑफिस को कॉल करके अपना एकाउंट वेरीफाई करवाना पड़ा। ताकि मैं ऐसे लोगों को ब्लॉक कर सकूं। ये लोग आप पर रुकते नहीं हैं बल्कि आपके दोस्तों और परिवार वालों को भी परेशान करते हैं”, बताती हैं जेनिस।

हाल ही में जब एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के समय जेनिस ट्रोल हुईं, वह इस समस्या के लिए तैयार थीं।

जेनिस कहतीं हैं,”ऐसा नहीं है कि मुझे बुरा नहीं लगा, लेकिन इस बार मुझे पता था ये खोखली धमकियां हैं और यह इंटरनेट की आड़ में छुपे चेहरे मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। सच यही है कि कोई असल में ऐसा नहीं कर सकता।”

महामारी से जूझने का तरीका

सोशल मीडिया पर जो नफरत फैल रही है इसका कोई अंत नजर नहीं आता। लॉक डाउन में यह और अधिक बढ़ गया है। लोग घरों में बंद हैं और नकारात्मकता से भरते जा रहे हैं। वही लोग सोशल मीडिया पर नकारात्मक ऊर्जा फैला रहे हैं। यह तब तक नहीं थमेगा जब तक लोग दोबारा व्यस्त नहीं हो जाते।

इस महामारी से लड़ना सभी की तरह जेनिस के लिए भी मुश्किल रहा, लेकिन उन्होने इसे अच्छी तरह मैनेज किया।

हमें यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया की दुनिया वास्‍तविक नहीं होती। चित्र: शटरस्‍टॉक
हमें यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया की दुनिया वास्‍तविक नहीं होती। चित्र: शटरस्‍टॉक

जेनिस कहती हैं, “कंटेंट क्रिएटर के लिए यह समय बहुत चुनौती पूर्ण रहा। उसका सीधा कारण यही था कि यहीं से हमारा खर्चा चल रहा है। मैं पहले से थेरेपी का सहारा ले रही थी, तो मैंने उसे ही आगे बढ़ाया जिससे मुझे बहुत मदद मिली। कई बार आप अपने लिए ऐसी स्थिति बना लेते हैं जिससे निकलने के लिए आपको प्रोफेशनल मदद की जरूरत पड़ती ही है।”साथ ही जेनिस एक्सरसाइज और अपनी बिल्लियों के साथ समय बिताकर तनाव दूर कर रही हैं।

नए कंटेंट क्रिएटर के लिए सलाह

किसी भी नए व्यक्ति पर इस नफरत और ट्रोलिंग का बुरा असर पड़ना लाज़मी है। जेनिस ने अपने दोस्तों पर भी ऐसा प्रभाव देखा है। उनकी सलाह है- सोशल मीडिया की दुनिया असली नहीं है। असली दुनिया में अपने दोस्तों को महत्व दें, बाकी सब ठीक हो जाएगा।

“घर वालों से बात करें, पेट्स के साथ समय बिताएं। कुछ भी करें जिससे आप नकारात्मकता से दूर रह सकें।”, जेनिस कहती हैं।

नए क्रिएटर से जेनिस का यही कहना है कि याद रखें यह सोशल मीडिया आपके जीवन का एक हिस्सा है, आपका जीवन नहीं। हर वक्त सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय कुछ पढ़ें, लिखें, किसी से बात करें या दोस्तो के साथ समय बिताएं।

मेरी बात करें तो मैंने इंस्टाग्राम पर काम कम कर दिया है, क्योंकि मैं उस स्तर का कंटेंट नहीं बना पा रही थी जैसा मैं चाहती थी। दूसरों का काम देख कर प्रेरणा तो मिलती है, लेकिन प्रेशर भी बनता है। इसलिए मैंने यूट्यूब पर काम शुरू कर दिया जहां मैं बेहतर कंटेंट बना पा रही हूं। जो काम आपको पसन्द है वह करना जरूरी है।”

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।