ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर से लेकर फिटनेस एंटरप्रेन्योर तक, ये है चेरिल कियर अचुमी की बहादुरी भरी कहानी

Published on: 24 November 2021, 12:30 pm IST

2014 में स्तन कैंसर का पता चलने के बाद, दीमापुर की रहने वाली चेरिल कीर अचुमी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर उभरी हैं। और आज वे एक जिम चला रहीं हैं, जिसका इस्तेमाल सभी जेंडर के लोग कर सकते हैं।

Cheryl ki inspirational story
जानिए चेरिल की प्रेरणात्मक कहानी। चित्र: चेरिल किरे अचुमी

अक्सर यह कहा जाता है कि हर बार बादलों के पीछे से ही उम्मीद की एक किरण निकल कर आती है। स्तन कैंसर विजेता चेरिल किरे अचुमी के लिए यह पूरी तरह सही है। बीमारी का पता चलने के बाद, उन्होंने टूटने के बजाय, कैंसर को मात देने की चुनौती स्वीकार की। अब वे अपने जैसी अन्य महिलाओं को फिटनेस के प्रति जागरुक कर रहीं हैं। 

अचुमी अन्य स्तन कैंसर पीड़ित लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। वे ऐसे लोगों की मदद कर रहीं हैं, जो अक्सर निदान के बाद जीने की उम्मीद छोड़ देते हैं। उनका मानना ​​है कि इस प्रकार का कैंसर भारत और पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। इसलिए सर्वाइवल रेट बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि इसका समय रहते पता चल जाए। 

हेल्थशॉट्स के साथ खास बातचीत में अचुमी ने अपनी यात्रा, अपने एंटरप्रेन्योरियल वेंचर के बारे में बहुत कुछ साझा किया, जिसने उस मुश्किल समय में भी उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। 

स्तन कैंसर पर चेरिल किरे अचुमी कहती हैं,

“शुरुआती पहचान महत्वपूर्ण है”

हालांकि कैंसर का जिक्र आते ही मन सिहर उठता है, लेकिन अचुमी का मानना ​​है कि अगर समय पर बीमारी का पता चल जाए, तो नुकसान पर काबू पाया जा सकता है। महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पातीं। इसके बजाय वे घरेलू जिम्मेदारियों और अन्य कामों में उलझी रहती हैं। वे मानती हैं कि यही वह जगह है जहां समस्या शुरू होती है। 

वह कहती हैं, “महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति बहुत सजग नहीं रहतीं। हमारा ज्यादातर समय अपने बच्चों या पति की देखभाल करने में जाता है। साथ ही, जब स्वास्थ्य की बात आती है, तब भी हम अपने पति या परिवार के पुरुषों पर भरोसा करते हैं कि वे हमें चेक-अप के लिए ले जाएं। जबकि हम इसे स्वयं कर सकते हैं। यह मेरे मामले में भी हुआ है, और मैंने अन्य लोगों को भी देखा है, क्योंकि मैं एक कैंसर सहायता समूह का हिस्सा हूं।”

Breast cancer diagnose hote hi Cheryl ne fight back karne ka socha
ब्रेस्ट कैंसर का निदान होते ही चेरिल ने उससे लड़ने की ठानी। चित्र : शटरस्टॉक

महिलाएं अपने पति को नियमित टेस्टिंग और इलाज के लिए प्रेरित करती हैं। इसके विपरीत, कोई भी उनके साथ ऐसा नहीं करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी स्वयं लें, उपेक्षा न करें!

स्तन कैंसर के निदान के बाद ठीक होने का सफर

कैंसर का पता चलते ही गहरा आघात पहुंचा। लेकिन अचुमी स्थिर थी, क्योंकि उन्हें अतीत में विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। वह कहती हैं, “मैंने पहले ही संघर्षों का अनुभव किया था। मेरी शादी के बाद, साढ़े छह साल तक मेरे बच्चे नहीं हो सके। कई बार मेरा गर्भपात हो गया। यह मेरे जीवन का एक काला दौर था। उसके बाद, मेरे दो लड़के हुए। मैंने इस समय के संघर्ष को याद किया, जिसके कारण मुझे इस उथल-पुथल से निपटने के लिए आत्मविश्वास मिला।”

अचुमी को तीन क्लिनिकल ऑपरेशन, छह राउंड कीमोथेरेपी और 15 राउंड रेडियोथेरेपी से गुजरना पड़ा। सौभाग्य से, कैंसर को जड़ से खत्म कर दिया गया था, और उन्हें जीवन में दूसरा मौका मिला।

अचूमी कहती हैं, “मैं अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहती थी, और एक स्वच्छ जीवन शैली में लौटना चाहती थी। मेरे मन में था कि ताकत हासिल करना महत्वपूर्ण है। इसलिए, मैं अपने आहार, व्यायाम व्यवस्था के बारे में जागरूक हो गई, और व्यायाम करने के लिए जिम की तलाश शुरू कर दी। सही जगह मिलना मुश्किल था, क्योंकि या तो वे अव्यवस्थित थे या उनके पास उचित ट्रेनर नहीं था। मेरे इलाज के कारण, मैंने बहुत अधिक वजन बढ़ा लिया था, और मैंने इसे कम करने, और अपने जीवन को वापस पटरी पर लाने के लिए दृढ़ संकल्प किया।”

फिटनेस की दुनिया में कदम रखना

उचित जिम न होने के कारण, कुछ फिटनेस पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण के बाद, उनके पति ने ही उन्हें ट्रेन करना शुरू किया।

अचुमी बताती हैं, “हमने महसूस किया कि फिटनेस उद्योग में एक अंतर था, और जिन लोगों के पास मेरे जैसे हालात थे, उनके पास जाने के लिए कोई जिम नहीं था। मुझे उचित ट्रेनिंग देने वाला कोई नहीं था। मुझे एक फिजियोथेरेपिस्ट के बारे में भी बताया गया। पर मुझे एहसास हुआ कि मुझे कुछ और चाहिए। इस तरह मैंने और मेरे पति ने अपना जिम शुरू करने का फैसला किया। हालांकि मैं पहले से ही एक एंटरप्रेन्यर थी, लेकिन यह कुछ अलग था।” 

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उन्होंने दिमापुर में अपना जिम खोला। चित्र: चेरिल किरे अचुमी

दीमापुर से बाहर, सिटी जिम है जो लोगों के स्वास्थ्य और फिटनेस के लक्ष्यों को समग्र रूप से पूरा करने में मदद करता है। सितंबर 2016 में, उन्होंने अपना पहला केंद्र खोला। यह शहर में पहली बार जिम के रूप में उभरा, जिसमें उन्होंने एक समर्पित ‘महिला फिटनेस सेक्शन’ शामिल किया।

उनके बिजनेस की जबरदस्त सफलता ने अचुमी को 2019 में एक और स्थान जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अब तक दीमापुर और उसके आसपास के 400+ ग्राहकों की फिटनेस की जरूरतों को पूरा किया है।

वह कहती हैं, “परेशान करने वाली बात यह थी कि मेरे आस-पास और मेरे जैसे बहुत से लोग होंगे जो विशेषज्ञता के साथ एक उचित फिटनेस सेंटर खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस विचार ने हमें तुरंत कुछ करने के लिए प्रेरित किया। उस क्षण के बाद से, मैने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

वर्षों से, हमारे फिटनेस सेंटरों में फिटनेस ट्रेनिंग चाहने वाले सभी आयु समूहों और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों के लिए स्थान है। मेरा उद्देश्य और दृष्टि अधिक से अधिक लोगों को योग्य ट्रेनिंग देकर सशक्त बनाना और सक्षम करना है।”

ब्रेस्ट कैंसर के साथ उनका संघर्ष और सफलता की कहानी 

एक आजीवन शिक्षार्थी होने के नाते, अचुमी एक सर्टिफाइड डाइट एंड न्यूट्रिशन कोच और फिटनेस ट्रेनर के रूप में काम कर रहीं हैं। वह आज विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कैंसर सर्वाइवर्स पीयर ग्रुप्स की सदस्य हैं।

वह बताती हैं, “मैं आर्थिक सहयोग और विकास के लिए जर्मन फेडरल मिनिस्ट्री फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (BMZ) की ओर से जीआईजेड (GIZ) द्वारा कार्यान्वित ‘हर एंड नाउ- एंपावरिंग वुमन एंटरप्रेन्योर’ द्वारा समर्थित हूं। यह भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MoSDE) के साथ साझेदारी में है। उनके सहयोग के कारण मेरी यात्रा इतनी सुगम रही है।” 

अचुमी का उज्ज्वल भविष्य

महामारी ने उनके जिम को भारी नुकसान पहुंचाया। ठीक ऐसे समय में जब वे अपना तीसरा केंद्र खोलने की प्रक्रिया में थीं। मार्च 2020 में, जब पहले लॉकडाउन की घोषणा की गई, अचुमी और उनके साथी को विभिन्न वित्तीय और भावनात्मक संघर्षों का सामना करना पड़ा।

Cheryl maanti hai ki women apne health ke prati aware rahengi
चेरिल को उम्मीद है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को अधिक गंभीरता से लेंगी। चित्र:चेरिल किरे अचुमी

“यह उस समय भी था जब हमने पुराने ग्राहकों के लिए उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ एक होम जिम खोला। मेरा मानना ​​है कि महामारी ने लोगों में एक स्वस्थ जीवन शैली के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई है। बहुत सी महिलाओं ने हमारे जिम के लिए साइन अप किया है। मैं इसके बारे में रोमांचित हूं, ”वह आगे कहती हैं कि उन्होंने पिछले साल एक फुटबॉल केंद्र और बच्चों के लिए एक प्रीस्कूल लॉन्च किया था।

अचुमी का भविष्य उज्ज्वल दिखता है, क्योंकि वे हर कदम पर  आने वाली बाधाओं को उपलब्धि में बदलना जानती हैं!

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

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