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वीगनिज्‍म को अपने जीवन का सबसे बेहतरीन फैसला मानती हैं अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह

Published on:3 November 2020, 18:00pm IST
अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने इस साल वीगनिस्म को चुना है और वह इस निर्णय से काफी खुश हैं। अपने वीगन प्रेम पर उन्‍होंने हेल्थशॉट्स के साथ की ढेर सारी बातचीत।
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वीगनिज्‍म को अपने जीवन का सबसे बेहतरीन फैसला मानती हैं अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह । चित्र: Insta/ Rakulpreet

बॉलीवुड में रकुल प्रीत सिंह की भले ही बहुत थोड़ी सी फिल्में हों, मगर अपनी एक्टिंग और अदाओं से उन्होंने सबका दिल जीत लिया है। सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, दुनिया उनके डांस मूव्स की भी कायल हैं, जो हमें ‘दे दे प्यार दे’ और ‘मरजावां’ में देखने को मिले हैं। आपको शायद ना पता हो कि रकुल प्रीत एक ट्रेंड भरतनाट्यम डांसर भी हैं।

लेकिन जितनी उनकी एक्टिंग खास है, उतना ही खास है उनका स्वास्थ्य और फिटनेस। आप उनकी इंस्टाग्राम फीड को देखकर ही जान सकते हैं कि अपने खूबसूरत फिगर और स्वास्थ्य के लिए वो कितनी मेहनत करती हैं। इस साल की शुरुआत में रकुल प्रीत ने वीगन चुनने का फैसला किया था और वह मानती हैं कि यह उनके जीवन के सबसे अच्छे फैसलों में से एक है।
अपने वीगन प्रेम पर हेल्थशॉट्स से बातचीत करते हुए रकुल प्रीत सिंह अपने इस फैसले के महत्व और फायदों पर प्रकाश डाला है।

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“यह मेरे अंदर की आवाज थी”

एक पंजाबी परिवार में पले-बढ़े होने के कारण बचपन से ही रकुल प्रीत सिंह नॉन-वेज भोजन की शौकीन रही थीं। लेकिन जब उन्होंने शाकाहार का सेवन बढ़ाया, तो उन्हें अपने स्वास्थ्य में बहुत फर्क नजर आया है।

रकुल प्रीत सिंह

“वीगन बनना पहले कभी मेरे दिमाग में नहीं आया था। बस अचानक से मुझे महसूस हुआ कि मुझे मांसाहार छोड़ देना चाहिए, और मैंने ऐसा ही किया। जैसे-जैसे मैं मेडिटेशन की ओर बढ़ती गयी मुझे अपनी ऊर्जा में फर्क पता चलने लगा। जिन दिनों मैं शाकाहारी भोजन करती थी, मुझे खुद से अलग वाइब्स महसूस होती थी। ऐसा नही था कि मैं बहुत अधिक मांस खाती थी या हर मील में मुझे नॉनवेज चाहिए ही होता था। लेकिन शाकाहार से मुझे बेहतर महसूस होता था।”

“मैंने एक महीने तक शाकाहार अपनाया और फिर मुझे लगा मुझे इसे आगे बढ़ाना चाहिए। मुझे अपनी त्वचा में फर्क महसूस हुआ, मुझे खुद में ज्यादा हल्का महसूस हुआ। मेरे लिए सबसे खास बात यह थी कि मैं दाल चावल और सब्जी खाते हुए भी वजन घटा पा रही थी। मेरा वजन कम हो रहा था जबकि मैं काफी कार्बोहाइड्रेट ले रही थी”, कहती हैं रकुल प्रीत।

जानते हैं कैसी दिखती है रकुल प्रीत की वीगन डाइट

पिछले कुछ महीनों में रकुल प्रीत की न सिर्फ त्वचा बेहतर हुई है, बल्कि उन को पाचन में भी बहुत सुधार महसूस हुआ है। उन्हें अब पहले से ज्यादा खुशी महसूस होती है।
“मैं तो खुश हूं, मैं अपनी रोटी, सब्जी, दाल खा सकती हूं, क्योंकि मैं यही खाना खाकर बड़ी हुई हूं। मैं बस ग्रिल किया हुआ और जून फूड ही अवॉयड करती हूं। मेरे लिए यह काफी अच्छा है। जब आपका मन खुश होता है, आप जो भी काम करते हैं वह बेहतर हो जाता है।

आपकी ऊर्जा भी सकारात्मक हो जाती है। यह सुनने में अजीब लग सकता है पर मैंने कहीं पढ़ा था कि सब्जियां खाते वक्त आप किसी मृत की नकारात्मक ऊर्जा नहीं ले रहे हैं। जो भी हो, मुझे तो सकारात्मक प्रभाव नजर आया है”, वह कहती हैं।
रकुल प्रीत को ‘डाइट’ शब्द से सख्त नफरत है, उनके अनुसार यह डिप्रेसिंग शब्द है। वह बताती हैं कि वह सब वीगन भोजन बेफिक्र होकर खाती हैं। यानी जानवरों से मिलने वाला भोजन छोड़ कर सब कुछ।

रकुल प्रीत सिंह

“मैं रोटी खाती हूं, मेरी रोटी या तो चावल के आटे की होती है या ज्वार की। शकरकंद के सहारे तो वाकई मैं जीवित रह सकती हूं। मेरे भोजन में सब्जियां बहुत होती हैं। मुझे चावल और थाई करी बहुत पसंद है। लोग यह सुनकर हैरान हो जाते हैं कि मैं चावल खाती हूं। मैं लंच और डिनर दोनों में चावल लेती हूं। यह अच्छे कार्बोहाइड्रेट हैं, और अच्छे और बुरे कार्बोहाइड्रेट में बहुत फर्क होता है। आप चाहें तो छोले-भटूरे भी खा सकते हैं।

लोगों को गलतफहमी होती है कि वीगन डाइट बहुत जटिल है और इसके लिए खास सब्जी या फल चाहिए। रकुल प्रीत कहती हैं, “भारतीय खानपान तो खुद ही अधिकांश रूप से वीगन है। बस आपको दूध और उसके प्रोडक्ट से दूर रहना होगा।”

रकुल प्रीत सिंह अपनी लेग्‍स को शेप में लाने के लिए ये वर्कआउट रूटीन फॉलो करती हैं। चित्र: Rakul Preet Facebook Page
रकुल प्रीत सिंह

पाठकों के लिए सलाह

“किसी भी तरह का बदलाव तभी होता है जब आप सच में वह बदलाव चाहते हैं।” रकुल प्रीत का मानना है कि आपको खुद के लाइफस्टाइल पर इस तरह के एक्सपेरिमेंट करते रहना चाहिए, और अगर आपको यह सही लगे तो इसे आगे भी पालन करें।
“कोई आपको मांस छोड़ने के लिए दबाव नहीं डाल सकता। किसी भी जीवनशैली को अपनाने के लिए जबरदस्‍ती नहीं की जा सकती। आपको सिर्फ अच्छा भोजन करना है और एक्सरसाइज करते रहना है। इतना काफी है। जब आपको फर्क दिखेगा, आप उस बदलाव को खुद ही आगे बढ़ाएंगे”, वह कहती हैं।

“वे सभी लोग जो वीगन अपनाना चाहते हैं, मैं यही कहूंगी कि इसमें कठिन कुछ नहीं है। बस घर का खाना खाएं। यह सोचें कि आपके शरीर को कैसा महसूस होगा। इसे कम से कम चार हफ्ते के लिए अपनाएं ताकि आपको फर्क नजर आए। अगर आपको सकारात्मक प्रभाव लगता है, तभी आगे बढ़ाएं। अगर नहीं, तो ऐसा लाइफस्टाइल चुनें जो आपको खुशी दे।”

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