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आपकी स्मोकिंग की आदत आपके बच्चे को दे सकती है उम्र भर की स्वास्थ्य समस्याएं

Published on:10 August 2021, 17:39pm IST
जब आप स्तनपान के दौरान स्मोकिंग करती हैं, तो यह आपके बच्चे के लिए गर्भावस्था में स्मोकिंग करने से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
मोनिका अग्रवाल
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smoking apke bachche ki sehat bhi prabhavit kar rahi hai
आपकी स्मोकिंग की आदत आपके बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है। चित्र: शटरस्टॉक

स्मोकिंग (Smoking) किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक है। खासतौर से कोविड-19 के समय में इसने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ाए हैं। मगर अगर आप बेबी को ब्रेस्टफीड (Breastfeeding) करवा रहीं हैं, यानी अगर आप लेक्टेटिंग (Lactating) मदर हैं, तो आपको स्मोकिंग से बहुत दूर रहना चाहिए। स्मोकिंग सिर्फ आपके स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि आपके बेबी की हेल्थ (Baby Health) को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। जानना चाहती हैं, कैसे तो इसे पढ़िए। 

क्या कहती हैं विशेषज्ञ 

कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल गायनोकोलॉजिस्ट डॉक्टर रंजना बेकन के अनुसार जब आप दूध पिलाने के साथ धूम्रपान करती हैं, तो आपके दूध के माध्यम से निकोटिन जैसे टॉक्सिंस आपके बच्चे के शरीर में जा सकते हैं। WHO के मुताबिक एक बच्चे के लिए 6 महीने तक उसकी मां का दूध ही सबसे अधिक लाभदायक होता है। मगर जब आप स्तनपान की अवधि में स्मोकिंग करती हैं, तो आप अपने बच्चे की बेस्ट डाइट से समझौता कर रही होती हैं। 

प्रेगनेंसी में स्मोकिंग से ज्यादा खतरनाक है ब्रेस्टफीडिंग के समय स्मोकिंग करना 

दूध पिलाने के माध्यम से कुछ केमिकल आपके अंदर ट्रांसफर होते हैं। इनका ही एक सबसे बड़ा उदाहरण है निकोटिन जोकि सिगरेट का सबसे अधिक एक्टिव इंग्रेडिएंट होता हैं। दूध पिलाते समय निकोटिन ट्रांसफर होने की मात्रा उससे दोगुनी होती है, जितना निकोटिन प्लेसेंटा के माध्यम से गर्भावस्था में ट्रांसफर हो सकता है।

Breastmilk ke sath aap baby ko nikotin bhi transfer kar sakti hain
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्मोकिंग करना आपके बच्चे को दोहरी समस्याएं दे सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

आपकी स्मोकिंग का बच्चे पर पड़ता है ये दुष्प्रभाव 

  1. उन महिलाओं के बच्चों का कोई सोने का एक फिक्स पैटर्न नहीं होता है जो धूम्रपान करती हैं।
  2. जो बच्चे धूम्रपान करने वाली मां का दूध पीते हैं वह सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम से पीड़ित होने के अधिक रिस्की होते हैं और उन्हें अस्थमा जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।
  3. निकोटिन के कारण बच्चे के व्यवहार में एक बदलाव देखने को मिल सकता है जैसे वह बाकी दिनों के मुकाबले अधिक रो सकते हैं।

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ये बच्चे को लॉन्ग टर्म समस्याएं भी दे सकता है 

जब आप हर रोज 20 से ज्यादा सिगरेट पीती हैं, तो ये आपके बच्चे को कुछ जीवन भर चलने वाली स्वास्थ्य समस्याएं भी दे सकता है-  

  1. बच्चा बहुत जल्दी इरिटेट हो जाता है।
  2. बच्चे का मन घबराने लगता है।
  3. उसे बहुत जल्दी उल्टियां आने लगती हैं।
  4. इसे डायरहिया हो जाता है।

नामुमकिन नहीं है सिगरेट छोड़ पाना 

आपके बेबी की हेल्थ के लिए जरूरी है कि आप सिगरेट छोड़ दें। हालांकि यह आदत छूटने में समय लग सकता है। इसलिए आप निकोटिन की क्रेविंग होने पर निकोटिन पैच का प्रयोग कर सकती हैं।

यह पैच आपको निकोटिन का एक बहुत ही कम डोज देती है जिससे आपकी क्रेविंग भी सेटिस्फाई हो जाती है और आपको कम धूम्रपान करने की आदत भी होने लगती है। ऐसे ही धीरे धीरे आप इन पैच को भी प्रयोग करना छोड़ सकती हैं।

क्रेविंग होने पर निकोटिन पैच का प्रयोग कर सकती हैं।चित्र- शटरस्टॉक
क्रेविंग होने पर निकोटिन पैच का प्रयोग कर सकती हैं।चित्र- शटरस्टॉक

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सैकंड हैंड स्मोक या पेसिव स्मोकिंग से भी रहें दूर 

जब बात बेबी की सेहत की हो तो उससे बढ़कर कुछ भी नहीं। इसलिए अगर आपका पार्टनर स्मोकिंग करता है, तो उन्हें भी यह आदत छोड़ देनी चाहिए। क्योंकि पेसिव स्मोकिंग या सैकंड हैंड स्मोकिंग भी आप दोनों की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पेसिव स्मोकिंग से बच्चे को न्यूमोनिया का रिस्क बहुत अधिक बढ़ जाता है और न्यूमोनिया के साथ ही बच्चे में सडन इन्फैंट डेथ सिंड्रोम का रिस्क भी बढ़ जाता है।

यह भी ध्यान रखें 

बहुत कोशिश के बाद भी अगर आप धूम्रपान नहीं छोड़ पा रहीं हैं और दिन में एक या दो सिगरेट पीती हैं, तो भी आपको कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए। याद रखें कि बच्चे को फीड करवाने से कम से कम एक घंटे पहले तक आप स्मोक न करें।

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मोनिका अग्रवाल मोनिका अग्रवाल

स्वतंत्र लेखिका-पत्रकार मोनिका अग्रवाल ब्यूटी, फिटनेस और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर लगातार काम कर रहीं हैं। अपने खाली समय में बैडमिंटन खेलना और साहित्य पढ़ना पसंद करती हैं।