आपके पालतू जानवर भी बन सकते हैं आपके लिए स्वास्थ्य समस्याओं का कारण, जानिए कैसे

पेट्स तनाव दूर करते हैं और हमारे मेंटल हेल्थ को मजबूत करते हैं। उनके साथ वाक करने पर फिजिकल हेल्थ को भी फायदा पहुंचता है। पेट्स लवर के लिए यह जानना भी जरूरी है कि बेड पर पेट के साथ सोने, उन्हें चूमने और उनके साथ खाने की प्लेट शेयर करने पर कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
pets ka aapko chatna ya aapko unhen kiss karna swasthya ke liye khatarnak hai.
पेट्स को चूमना, उनके साथ बेड शेयर करना या फिर उनके साथ खाना-खाना कई तरह की गंभीर बीमारियों का आमन्त्रण देना हो सकता है। चित्र : पिक्साबे
स्मिता सिंह Published: 10 Dec 2023, 05:00 pm IST
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यह सच है कि मानव के विकास में सबसे वफादार साथी कुत्ता रहा है। इन दिनों न्यूक्लियर फैमिली और फ़्लैट कल्चर में डॉग और कैट के साथ हम अपना सबसे अधिक स्ट्रेस रिलीज करते हैं। हम उनसे इतने अधिक घुल-मिल जाते हैं कि उन्हें अपने बच्चे की तरह साथ सुलाने लगते हैं। उन्हें चूमते रहते हैं। यहां तक कि अपने खाने की प्लेट भी उनसे शेयर करने लग जाते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि पेट्स को चूमना, उनके साथ बेड शेयर करना या फिर उनके साथ खाना-खाना कई तरह की गंभीर बीमारियों का आमन्त्रण देना (pets can cause health problems) हो सकता है। कुछ शोध भले ही साबित कर चुके हैं कि पेट्स अपने मालिकों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। पर उन्हें घर के अंदर नहीं बल्कि बाहर (pets can cause health problems) रखना चाहिए।

यहां हैं पेट्स से होने वाली समस्या (pets can cause health problems)

1 हो सकती है एलर्जी (Pets can cause Allergy)

गुरुग्राम के आर्टिमिस होस्पिटल में सीनियर कन्सल्टेंट ( इंटरनल मेडिसिन) डॉ. पी वेंकट कृष्णन बताते हैं. ‘इन दिनों अमेरिका की तरह भारत में भी पेट्स खासकर कुत्ते और बिल्लियों के साथ सोने का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ा है। सबसे अधिक समस्या तब होती है, जब पेट्स से एलर्जी होने के बावजूद लोग पालतू पशुओं के साथ सोते हैं। पशुओं के बालों के संपर्क में आने और नींद के दौरान पशुओं के रूसी से संक्रमित होने का सबसे अधिक डर रहता है। इससे बचने के लिए दिन में भी पालतू पशुओं को बेड रूम से बाहर रखना चाहिए।

2 जर्म एक्सपोजर (Pets can cause Germ Exposure)

किसी पालतू जानवर द्वारा आपके घर में लाए गए जर्म के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव हो सकते हैं। एक ओर, विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया और अन्य जर्म के संपर्क में आने से मानव प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर पेट्स हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और पैथोजेन्स को भी अपने साथ ला सकते हैं। इससे उनके साथ रहने वाले लोगों को खतरा हो सकता है। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और जिन्हें खुला घाव है, उन लोगों को संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। उन्हें पेट्स के साथ सोने से बचना चाहिए।

3 नींद में आ सकती है बाधा (Pets can cause sleeping problem)

कुछ पेट्स विशेष रूप से बड़े डॉगी को बिस्तर पर अधिक जगह घेरने की प्रवृत्ति होती है। इसलिए रात में नींद में खलल पड़ सकती है। पेट्स के साथ बिस्तर साझा करने से साउंड स्लीप में दिक्कत हो सकती है। इसलिए कुत्ते या बिल्ली को बेड रूम से बाहर या किसी दूसरे बिस्तर पर सुलाएं।

रेबीज से बचने के लिए अपने पेट को पहले करे वेक्सीनेट- शटरस्टॉक।
पेट्स के साथ बिस्तर साझा करने से साउंड स्लीप में दिक्कत हो सकती है। चित्र :  शटरस्टॉक

4 गर्भवती महिलाओं को हो सकती है दिक्कत (pets can affect pregnancy)

कुछ लोग कुत्ते को होठों या उनके शरीर के अन्य भाग पर किस करते हैं। यह अनहायजेनिक हो सकता है। इससे उन विकारों के होने की संभावना बढ़ जाती है, जिसके कारण व्यक्ति को बेड रिडन होना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं के प्रभावित होने की आशंका हो सकती है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग जानवरों से संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

कुत्तों और बिल्लियों के मुंह जर्म्स से भरे होते हैं। इससे इंसानों के लिए उन्हें साफ करना मुश्किल हो जाता है। संक्रमण अप्रत्यक्ष रूप से दूषित बिस्तर, गंदगी, भोजन या पानी के माध्यम से या सीधे उनके लार, शारीरिक तरल पदार्थ और मल के माध्यम से मनुष्यों में फैल सकता है। बिल्लियों, कुत्तों में पेरियोडोंटल रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया भी पाए जा सकते (pets can cause health problems) हैं।

5 स्किन हो सकती है प्रभावित (pets can cause skin problem)

बिल्लियों और कुत्तों के मुंह में पास्चुरेला बैक्टीरिया रहता है, जो स्किन, लिम्फ नोड और कभी-कभी अधिक गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। उनके मुंह में मौजूद बार्टोनेला हेन्सेलेबैक्टीरिया गंभीर स्किन और लिम्फ नोड संक्रमण का कारण बन सकता है। उनकी आंतों में पाया जाने वाला साल्मोनेला, ई. कोली, क्लॉस्ट्रिडिया और कैम्पिलोबैक्टर बैक्टीरिया मनुष्यों में गंभीर आंतों की बीमारी का कारण बन सकते हैं।

अकसर पालतू पशु खुद को साफ़ करने के लिए अपना एनस चाटते हैं। मल के अवशेषों में मौजूद बैक्टीरिया मुंह तक पहुंच जाते हैं। इंसानों के उन्हें किस करने और उनके साथ भोजन शेयर करने पर ये बैक्टीरिया उनकी आंतों तक पहुंच (pets can cause health problems) जाते हैं।

pet ka vaccinated hona zaruri hai
बिल्लियों और कुत्तों के मुंह में पास्चुरेला बैक्टीरिया रहता है, जो स्किन, लिम्फ नोड और कभी-कभी अधिक गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

अंत में

बैक्टीरिया, परजीवी और फंगस इन्फेक्शन से बचने के लिए पेट्स के रहने, खाने और सोने का स्थान घर से बाहर होना चाहिए। उन्हें घर से बाहर रहने के लिए ट्रेन करना चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, कीमोथेरेपी ले रहे व्यक्तियों, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को पेट्स के साथ अधिक सावधानी (pets can cause health problems) बरतनी चाहिए।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

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