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आपकी चादर, तकिये के गिलाफ और तौलिया में भी हो सकते हैं बीमार करने वाले कीटाणु

Published on:18 August 2021, 12:30pm IST
अगर आप बार-बार खांसी, जुकाम या बुखार से पीड़ित हो जाती हैं, तो आपको अपनी बेडिंग और तौलिया की स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए।
मोनिका अग्रवाल
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apki towel aur pillow cover par bhi germs ho sakte hai
जी हां, बेड शीट, तकिये के गिलाफ और तौलिया भी आपको बीमार कर सकते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

बेड पर लेटना और चिल करना किसे पसंद नहीं होता। पर क्या आप जानती हैं कि आपको कंफर्टेबल होने से पहले एक बार बेड, चादर और तकिया कवर आदि को चेक कर लेना चाहिए। जी हां आपके तकिया के आसपास, बेड शीट और यहां तक कि तौलिये में भी जर्म्स और बैक्टीरिया (germs in the towel and on bedding) हो सकते हैं।

इसलिए उन्हें नियमित अंतराल पर साफ करना बहुत आवश्यक होता है। आपके तौलिया और चादर में आपका पसीना, स्लाइवा, डेंड्रफ, डेड स्किन सेल्स इकट्ठी होती रहती हैं। और यही सब बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करते हैं। जिससे आप बीमार पड़ सकती है। 

तो आइए जानते है कुछ ऐसी बातें जिनसे आपको यकीन हो जायेगा कि आपकी चादर, तौलिया और तकिए भी आपको बीमार कर सकते है।

क्या कहते हैं रिसर्च 

विथेनशॉ अस्पताल और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि गंदे तौलिए, गिलाफ या बेडशीट से फंगल इन्फेक्शन हो सकता है। इन पर बहुत तरह के बैक्टीरिया और फंगी उत्पन्न होने लगते हैं खासकर ए फ्यूमिगेटस।

Hand towel par bhi germs ho sakte hain
हैंड टॉवल पर भी कीटाणु हो सकते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

यहां हैं वे बीमारियां जो गंदी चादर, तकिये के गिलाफ या तौलिया आपको दे सकते हैं 

1 बढ़ सकता है कई स्किन इंफेक्शन का खतरा : 

जब भी आप चादर पर लेटती है तो आपकी स्किन सेल्स झड़ती हैं। आपकी स्किन सेल्स एक दिन में कई मिलियन तक झड़ सकती हैं। जब भी आप बेड पर इधर से उधर करवट लेती हैं, तो आपकी बेड शीट या तकिए पर यह डेड स्किन इक्कठा हो जाती हैं।

यह मिट्टी और धूल आदि को बहुत आकर्षित करती हैं और आपकी चादर और तकिया को बहुत गन्दा कर देती हैं। इनसे आपकी एक्जिमा, अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियां ट्रिगर हो सकती हैं।

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2 बैक्टीरिया का घर हो सकती है गीली तौलिया

जैसे ही आप नहाती हैं और तौलिए का प्रयोग अपनी स्किन पर करती है तो वह गीला हो जाता है। गीली चीज में बैक्टीरिया और जर्म्स आदि अधिक इकट्ठे हो सकते हैं। इसलिए जब आप अगली बार उसका प्रयोग करती हैं, तो वह सारे बैक्टीरिया आपकी स्किन में घुस जाते हैं।

जिससे आपका इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। अगर आप अपनी तौलिया, तकिये का गिलाफ  और बेड शीट नियमित तौर पर नहीं धोती हैं तो उनमें लाखों बैक्टीरिया इकट्ठे हो जाते हैं। जो आपको श्वसन पथ में संक्रमण तक का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

3 तकिये के गंदे गिलाफ से बढ़ता है अस्थमा का रिस्क 

जर्नल ऑफ़ अस्थमा एंड एलर्जी के एक शोध अनुसार यदि आप अपने तकिये के कवर को नहीं धोते हैं, तो इसमें पनप रहे एलर्जन की वजह से आपको अस्थमा हो सकता है। जब भी आप पूरा दिन काम करने के बाद बेड पर लेटती हैं, तो इससे आपके बालों में मौजूद पसीना, डेंड्रफ और ढेर सारी डेड स्किन सेल्स फंगस को न्यौता दे सकती है।

takiye ko nahi dhone se ho sakta hai asthma
तकिये के गिलाफ में मौजूद बैक्टीरिया अस्थमा के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

तकिये को नहीं धोने से हो सकता है अस्थमा।चित्र -शटरस्टॉकये सभी अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत अधिक खतरनाक हो सकता है। अगर आपका तकिया अधिक फ्लफी है तो उसे साल में दो बार तो अवश्य ही धोना चाहिए और इसके कवर को नियमित अंतराल पर धोते रहना चाहिए।

तब क्या है बचाव का उपाय 

जर्म्स और बैक्टीरिया से बचने के लिए विशेषज्ञ तौलिया को हर दूसरे दिन धोने की सलाह देते हैं। तकिये के गिलाफ में चादर की तुलना में अधिक कीटाणु होने का खतरा होता है। इसलिए  इन्हें भी हर तीसरे दिन बदला जाना जरूरी है। अगर आपके तकिये को किसी और ने इस्तेमाल किया है, तो जरूरी है कि उसे बिना धोए इस्तेमाल न करें।  जबकि बेड शीट को सप्ताह में दो बार जरूर बदलना चाहिए।

इन बातों का भी ध्यान रखें 

  1. अगर आप बीच में बीमार पड़ गई थी या आपको पसीने आदि की अधिक समस्या है। तो आपको बेडशीट, तौलिए और तकिये के कवर को गर्म पानी से धोना चाहिए। ताकि उसमें से सारे कीटाणुओं का जोखिम समाप्त हो जाए। 
  2. एक बार अच्छे से धो कर इन तीनों चीजों को अलग से साफ पानी में से भी निकाल लेना चाहिए।
  3. इन्हें धोने के लिए आपको मिनरल बेस्ड फैब्रिक सॉफ्टनर का प्रयोग करना चाहिए। ताकि आपके तकिया और तौलिया धोने के बाद भी सॉफ्ट और फ्लफी रह सकें ।
  4. यह जरूरी है कि इन्हें अच्छी धूप में सुखाया जाए, ताकि कीटाणुओं की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। हल्की नमी रहने पर जर्म्स का जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

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मोनिका अग्रवाल मोनिका अग्रवाल

स्वतंत्र लेखिका-पत्रकार मोनिका अग्रवाल ब्यूटी, फिटनेस और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर लगातार काम कर रहीं हैं। अपने खाली समय में बैडमिंटन खेलना और साहित्य पढ़ना पसंद करती हैं।