पब्लिक जिम भी दे सकता है आपको इंफेक्शन, यहां हैं मानसून में जिम से मिलने वाले 4 तरह के संक्रमण और उनका उपचार

पसीना जिम इक्विपमेंट और मशीन पर भी लगता है इस वजह से ये सभी उपकरण कीटाणुओं का घर बन जाते हैं। कई बार जिम से वापस लौट आपने इचिंग महसूस की होगी, यह जिम में ट्रांसफर हुए संक्रमण की निशानी हो सकती है।
gym me infection ka dhyaan rakhen
गिम करती हैं तो इन्फेक्शन का ध्यान रखना जरुरी है. चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 20 Aug 2023, 09:30 am IST
  • 124

आजकल सभी खुदको फिट रखने के लिए जिम जाने लगे हैं। वहीं जिम में शरीर से सबसे ज्यादा पसीना निकलता है। आपके शरीर के साथ ही पसीना जिम इक्विपमेंट और मशीन पर भी लगता है इस वजह से ये सभी उपकरण कीटाणुओं का घर बन जाते हैं। इन उपकारों का इस्तेमाल हर कोई करता है इसलिए जिम में इन्फेक्शन होने का खतरा भी अधिक होता है। कई बार जिम से वापस लौट आपने इचिंग महसूस की होगी, यह जिम में ट्रांसफर हुए संक्रमण की निशानी हो सकती है।

इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए आज हेल्थ शॉट्स ने सभी फिटनेस और जिम फ्रिक लोगों के लिए गिम में कैच होने वाले इन्फेक्शन से संबंधी कुछ जरुरी जानकारी शेयर की है। तो फिर चलिए जानते हैं जिम में किस तरह और कौन कौन से संक्रमण (infections from gym) आपको प्रभावित कर सकते हैं।

यहां जानें जिम में होने वाले कुछ आम संक्रमणों के बारे में (infections from gym)

1. प्लांटार वार्ट्स (plantar warts)

यह आमतौर पर आपके पैरों के तलवों पर पाए जाते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ डर्माटोलॉजी के अनुसार यह ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण होते हैं। बहुत से लोग एचपीवी से संक्रमित होते हैं लेकिन उनमें कभी कोई लक्षण नहीं दीखता। जिम में नंगे पैर घूमने से, विशेष रूप से नम शॉवर क्षेत्रों में, आप एचपीवी के उपभेदों से ग्रस्त हो सकते हैं जो प्लांटार वार्ट्स का कारण बनते हैं। प्लांटर मस्सों को फैलने से रोकने के लिए जिम में केवल जरुरत पड़ने पर ही जूते उतारें।

 rash ke karan
कई तरह के गंभीर संक्रमण हो सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

प्लांटार वार्ट्स से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

शॉवर, लॉकर और पूल क्षेत्रों में फ्लिप-फ्लॉप पहनें
अपने पैर पर मौजूद किसी भी मस्से को सूखा रखें
मस्सों को छूने, खरोंचने या काटने से बचें
तल के मस्से अपने आप दूर नहीं होते हैं और उनका इलाज करना कठिन होता है। उपचार के विकल्पों के बारे में अपने डॉक्टर से मिलें।

यह भी पढ़ें : Diabetes and skin problem : हाई ब्लड शुगर बढ़ा सकता है फंगल इन्फेक्शन का जोखिम, एक्सपर्ट बता रहे हैं कारण

2. रिंगवॉर्म (Ringworm)

रिंगवॉर्म सबसे आम प्रकार के फंगल संक्रमणों में से एक है। डर्मेटोफाइट्स नामक एक प्रकार का फंगी दाद का कारण बनता है और अक्सर गर्म, अंधेरे, नम वातावरण में पनपता है। यह पसीने वाले स्नीकर्स या जिम लॉकर रूम में आसानी से पनप सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ डर्माटोलॉजी के अनुसार “अलग-अलग फंगी अलग-अलग प्रकार की त्वचा को पसंद करते हैं, ठीक उसी तरह जैसे अलग-अलग पौधे अलग-अलग वातावरण और मिट्टी को पसंद करते हैं।”

दाद के जो प्रकार आपको जिम में मिलेंगे उनमें एथलीट फ़ुट और जॉक खुजली शामिल हो सकती हैं। एथलीट फुट में पैरों पर सफेद पपड़ी और खुजली वाले छाले हो जाते हैं, जबकि जॉक खुजली के कारण कमर के क्षेत्र में लाल, दर्दनाक और खुजलीदार लाल आकार के धब्बे हो जाते हैं।

इनसे बचना है तो इन बातों का रखें खास ध्यान

जिम के तुरंत बाद अपने मोज़े और कपड़े बदलें
अपने तौलिये या अन्य व्यक्तिगत वस्तुओं का उपयोग करें, चीजों को शेयर न करें
वर्कआउट के बाद नहाना और जिम के सामान्य क्षेत्रों में शॉवर जूते पहनना
प्रभावित वस्तुओं को कीटाणुरहित करना या बाहर फेंकना
जिम के कपड़ों को वर्कआउट में बाद धोना

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें
 itching ki samasya hotee hai
गर्मी का मौसम शरीर में भी गर्मी बढ़ा देता है। यह त्वचा की समस्याओं का भी कारण बनता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

3. इम्पेटिगो (Impetigo)

इम्पेटिगो एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है जो शरीर पर कहीं भी पाया जाता है। इस स्थिति में त्वचा पर लाल रंग के निशान हो जाते हैं. विशेषकर यह मुंह के आसपास होते हैं। कुछ प्रकार के स्ट्रेप और स्टैफ़ बैक्टीरिया त्वचा पर नजर आने वाले लाल और खुजली वाले धब्बों का कारण बनते हैं। जिम कर रहे अन्य व्यक्तियों को छूने या उनके तौलिये शेयर करने से भी स्ट्रेप या स्टैफ़ बैक्टीरिया ट्रांसफर हो सकते हैं।

यदि आपमें इम्पेटिगो का कोई लक्षण है, तो फ़ौरन चिकित्सा देखभाल लें। एंटीबायोटिक्स या एंटी बैक्टीरियल क्रीम इम्पेटिगो का इलाज करते हैं। आप अपनी त्वचा को किसी एंटीसेप्टिक साबुन से भी धो सकती हैं।

इम्पेटिगो को फैलने से रोकने के लिए ये तरीके अपनाएं

जब भी मौका मिले जिम में अपने हाथ को साफ करें
साफ कपड़े और तौलिये का उपयोग करें
कोई भी तौलिया या अन्य निजी सामान दूसरों के साथ शेयर न करें

herpes kya hai
हर्पीज को जननेन्द्रिय हर्पीज़ भी कहा जाता है। चित्र : शटरस्टॉक

4. जिम हर्पीज (Herpes)

अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ डर्माटोलॉजी के अनुसार हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस, जिसे हर्पीस के नाम से जाना जाता है, यह सर्दी-जुकाम या रिंगवॉर्म्स का कारण बन सकता है। हालांकि, आपको अन्य संक्रमणों की तुलना में जिम में हर्पीस होने की संभावना कम है, फिर भी सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।

यदि आप किसी तरह हर्पिस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आ रही हैं तो यह आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। यह आम तौर पर अधिक नजदीकी संपर्क के माध्यम से होता है। हालांकि, वायरस जिम उपकरण और तौलिये जैसी वस्तुओं के माध्यम से भी फैल सकता है।

जानें इससे कैसे बचना है

इससे बचाव के लिए सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। इसके अलावा जिम में एक दूसरे के साथ वॉटर बोतल शेयर न करें। हमेशा की तरह, अपने हाथों को अच्छी तरह से और बार-बार धोएं, जैसे की एक्सरसाइज के बाद।

यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी समस्या है, तो चिकित्सकीय सहायता लें

सर्दी-खांसी या दाद खुजली का लंबे समय तक बना रहना (दो हफ्ते)
आंखों के पास घाव या छाले नजर आना
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ-साथ हर्पीज के लक्षण लिए

यह भी पढ़ें : बरसात और ह्यूमिडिटी बढ़ा देती हैं कई तरह के त्वचा संक्रमणों का जोखिम, जानिए इनसे कैसे बचना है

  • 124
लेखक के बारे में

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख